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लाखों में खेल रहे बेटे, फिर भी मां की नहीं रही परवाह

Tue, 22 Mar 2016 09:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Tue, 22 Mar 2016 09:30 AM IST
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तीन दिन से भूखी मां को लेकर बेटों की उपेक्षा से मां की मौत का मंजर दिल दहलाने वाला रहा। वह रोती कलपती रही, लेकिन बेटे-बहुओं का दिल नहीं पसीजा। गांव में रह रहे बड़े बेटे ने गांव वालों को मामले से खुद को अनजान बताया, तो बाकी बेटे चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस को ढिबरी गिरने से मौत की सूचना दी गई है।

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वृद्धा अयोध्या देई कोई गरीब परिवार की नहीं थी। उसके पति रामदीन गुप्ता की अच्छी-खासी किराना की दुकानदारी चलती थी, जिनकी 25 साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद पांच बड़े बेटे विजय शंकर गुप्ता (45) ने पिता की दुकान संभाल रखी थी, जबकि बेचू गुप्ता (42), जोखू गुप्ता (39) और रमेश गुप्ता (34) ने गांव नरायनपुर से करीब चार किमी दूर हनुमतनगर बाजार में अलग-अलग दुकान व घर बना रखा है।
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वहीं परिवार समेत रहते हैं। सबसे छोटा बेटा दिनेश गुप्ता (28) मानसिक रूप से अस्वस्थ रहता था, उसकी शादी भी नहीं हुई है। उसे मां अपने पास रखती थी और देखभाल करती थी। बाकी चारों बेटे अलग-अलग बीवी-बच्चों के साथ लाखों का कारोबार कर जीवन बसर करते हैं।
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