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हाड़ कंपा रहे बसों के ढीले और टूटे शीशे
फैजाबाद
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:40 PM IST
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फैजाबाद रोडवेज में यात्रा कर लौटी गाेंडा डिपो का टूटा शीशा।
- फोटो : अमर उजाला
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कोहरे के बीज सर्द हवाओं के बीच सफर कर लोगों को परिवहन विभाग की बसें जानलेवा साबित हो रही हैं। बसों के शीशे कहीं ढीले पड़े हैं, तो कहीं गायब है। ऐसे में यात्री सर्द हवाओं के थपेड़े सहने को मजबूर हैं। सबसे अधिक बच्चे-बूढे़ व महिलाएं परेशान हैं।
फॉग लाइट व रेडियम लगाने की कवायद भी अभी शुरू नहीं हो पाई है। रोडवेज महकमे में वर्तमान में कुल बसों की तादाद 104 है। इनमें 22 बसें अनुबंध के आधार पर विभिन्न मार्गों पर चलवाई जा रही हैं। कोहरे के साथ सर्द हवा का कहर तेज हो गया है।
ऐसे में डिपो से गुजरने वाली कई बसों में खिड़की व दरवाजे के शीशे टूटे अथवा गायब दिख रहे हैं। कुछ बसों में शीशे जाम हैं फिर भी यात्रियों की इन बसों में यात्रा करना मजबूरी है। यात्रा के दौरान यात्री सर्द हवा के शिकार हो रहे हैं और मौसमी बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
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अनुबंधित बसों में भी ऐसी शिकायत पाई गई। हालांकि यात्री विभाग के टोल फ्री नंबर पर शिकायत कम ही दर्ज कराते हैं। विभाग के आकंड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि इस वर्ष जनवरी से अब तक मात्र दर्जनभर शिकायत दर्ज कराई गई। इनमें भी ज्यादातर शिकायतें चालकों व परिचालकों के व्यवहार व लेट-लतीफी को लेकर हैं।
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फॉग लाइट व रेडियम लगाने की कवायद भी अभी शुरू नहीं हो पाई है। रोडवेज महकमे में वर्तमान में कुल बसों की तादाद 104 है। इनमें 22 बसें अनुबंध के आधार पर विभिन्न मार्गों पर चलवाई जा रही हैं। कोहरे के साथ सर्द हवा का कहर तेज हो गया है।
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ऐसे में डिपो से गुजरने वाली कई बसों में खिड़की व दरवाजे के शीशे टूटे अथवा गायब दिख रहे हैं। कुछ बसों में शीशे जाम हैं फिर भी यात्रियों की इन बसों में यात्रा करना मजबूरी है। यात्रा के दौरान यात्री सर्द हवा के शिकार हो रहे हैं और मौसमी बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
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अनुबंधित बसों में भी ऐसी शिकायत पाई गई। हालांकि यात्री विभाग के टोल फ्री नंबर पर शिकायत कम ही दर्ज कराते हैं। विभाग के आकंड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि इस वर्ष जनवरी से अब तक मात्र दर्जनभर शिकायत दर्ज कराई गई। इनमें भी ज्यादातर शिकायतें चालकों व परिचालकों के व्यवहार व लेट-लतीफी को लेकर हैं।