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जन्मदिन का केक खाने को लेकर मची छीना-झपटी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:41 PM IST
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बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्मदिन शुक्रवार को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया गया। सब कुछ बेहद अनुशासित चल रहा था लेकिन जैसे ही केक कटने की बारी आई, पहले फोटो खिंचवाने के लिए तमाम चेहरे मंच पर धींगा-मुश्ती करते नजर आए, फिर केक काटने और खाने की ऐसी होड़ मची कि बसपाई आपस में उलझ गए।
किसी ने किसी का कॉलर पकड़ा तो कोई केक पोतते हुए छीनाझपटी करता नजर आया। मंच की पूरा इंतजाम ध्वस्त हो गया। बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्म दिन तहसील तिराहे पर मनाया गया। लेकिन केक काटते ही जो नजारा दिखा उसने अनुशासन की मिसाल कायम करने वाली बसपा पूरी तरह से अनुशासनहीन नजर आने लगी।
सजासजाया मंच बमुश्किल पलक झपकते ध्वस्त सा हो गया। जिस टेबल पर बसपा सुप्रीमो मायावती के 60 वे जन्मदिन का केक रखा गया था, वह टेबल भी मंच से नीचे आ गई। नीचे वाले ऊपर चढ़ने लगे और मंचासीन नेता उन्हें नीचे ढकेलने लगे। तमाम बसपाइयों के नीले रंग पर केक का गोरा रंग चढ़ गया।
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छीनाझपटी में केक के कारण कइयों की पहचान तक मुश्किल हो गई। अनुशासन और सुरक्षा का जिम्मा संभाले बहुजन वालेंटियर फोर्स ने बिगड़ रही स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन बसपाइयों के उत्साह के आगे उनकी कोशिशें बेकार साबित हुईं।
कौन मंचासीन और कौन मंच के नीचे, क्षणभर में ही दृश्य कुछ ऐसा बदला कि यह भेद ही मिट गया। केक कटते ही कार्यकर्ताओं की भीड़ ऐसी टूटी कि सजी-सजाई तस्वीर बिल्कुल बदरंग हो गई। हर किसी का हाथ केक की ओर लपकता हुआ नजर आया, इतना ही नहीं कई तो केक के ऊपर ही गिर गए और एक दूसरे पर चढ़ बैठे।
इसके पहले जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री धर्मराज निषाद ने मायावती को पांचवीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने विरोधी दलों और नेताओं की जमकर आलोचना की।
जनसभा में पूर्व विधायक जीतेंद्र सिंह बब्लू, रुदौली प्रभारी सर्वजीत सिंह, मिल्कीपुर प्रभारी रामगोपाल, जोनल कोऑर्डिनेटर पवन कुमार, जिलाध्यक्ष अनिल गौतम, शरद पांडेय, रामसुमेर, करुणाकर पांडेय, ज्ञानस्वरूप सिंह, सालिक राम सागर, बज्मी सिद्दीकी और राजित रामपटेल मौजूद रहे।
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किसी ने किसी का कॉलर पकड़ा तो कोई केक पोतते हुए छीनाझपटी करता नजर आया। मंच की पूरा इंतजाम ध्वस्त हो गया। बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्म दिन तहसील तिराहे पर मनाया गया। लेकिन केक काटते ही जो नजारा दिखा उसने अनुशासन की मिसाल कायम करने वाली बसपा पूरी तरह से अनुशासनहीन नजर आने लगी।
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सजासजाया मंच बमुश्किल पलक झपकते ध्वस्त सा हो गया। जिस टेबल पर बसपा सुप्रीमो मायावती के 60 वे जन्मदिन का केक रखा गया था, वह टेबल भी मंच से नीचे आ गई। नीचे वाले ऊपर चढ़ने लगे और मंचासीन नेता उन्हें नीचे ढकेलने लगे। तमाम बसपाइयों के नीले रंग पर केक का गोरा रंग चढ़ गया।
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छीनाझपटी में केक के कारण कइयों की पहचान तक मुश्किल हो गई। अनुशासन और सुरक्षा का जिम्मा संभाले बहुजन वालेंटियर फोर्स ने बिगड़ रही स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन बसपाइयों के उत्साह के आगे उनकी कोशिशें बेकार साबित हुईं।
कौन मंचासीन और कौन मंच के नीचे, क्षणभर में ही दृश्य कुछ ऐसा बदला कि यह भेद ही मिट गया। केक कटते ही कार्यकर्ताओं की भीड़ ऐसी टूटी कि सजी-सजाई तस्वीर बिल्कुल बदरंग हो गई। हर किसी का हाथ केक की ओर लपकता हुआ नजर आया, इतना ही नहीं कई तो केक के ऊपर ही गिर गए और एक दूसरे पर चढ़ बैठे।
इसके पहले जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री धर्मराज निषाद ने मायावती को पांचवीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने विरोधी दलों और नेताओं की जमकर आलोचना की।
जनसभा में पूर्व विधायक जीतेंद्र सिंह बब्लू, रुदौली प्रभारी सर्वजीत सिंह, मिल्कीपुर प्रभारी रामगोपाल, जोनल कोऑर्डिनेटर पवन कुमार, जिलाध्यक्ष अनिल गौतम, शरद पांडेय, रामसुमेर, करुणाकर पांडेय, ज्ञानस्वरूप सिंह, सालिक राम सागर, बज्मी सिद्दीकी और राजित रामपटेल मौजूद रहे।