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भदरसा दंगे के दस आरोपी दोषमुक्त
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:02 AM IST
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पुलिस की लापरवाही से वर्ष 2012 के दंगे के 10 आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला बुधवार को अपर जिला जज ज्ञान प्रकाश सिंह की कोर्ट से हुआ। मामला पूराकलंदर थाने से जुड़ा है।
अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह व आलोक खरे ने बताया कि घटना 24 अक्तूबर 2012 की है। भदरसा कस्बा निवासी इश्तियाक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी टायर की दुकान भरतकुंड पर है।
दंगाइयों ने उसकी व वसीम, फैसल, इरशाद की दुकान में आग लगा दी जिससे 25 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। पुलिस की विवेचना में दोस्तपुर निवासी सुखदेव, राघवराम नैपुरा निवासी साहबदीन व भरतकुंड के रहने वाले रमेश कुमार, धर्मेंद्र, महेश, कंधई, विनोद, शत्रुहन का नाम प्रकाश में आया था।
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पुलिस ने सबके खिलाफ लूट व आगजनी आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मामले में पुलिस की इस कदर लापरवाही रही कि न तो उसने शिनाख्त करवाई और न ही रात की घटना में अभियुक्तों को कैसे पहचाना इसका तश्करा अपनी विवेचना में किया। इसी का लाभ अभियुक्तों को मिला और कोर्ट ने सबको दोषमुक्त कर दिया।
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अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह व आलोक खरे ने बताया कि घटना 24 अक्तूबर 2012 की है। भदरसा कस्बा निवासी इश्तियाक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी टायर की दुकान भरतकुंड पर है।
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दंगाइयों ने उसकी व वसीम, फैसल, इरशाद की दुकान में आग लगा दी जिससे 25 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। पुलिस की विवेचना में दोस्तपुर निवासी सुखदेव, राघवराम नैपुरा निवासी साहबदीन व भरतकुंड के रहने वाले रमेश कुमार, धर्मेंद्र, महेश, कंधई, विनोद, शत्रुहन का नाम प्रकाश में आया था।
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पुलिस ने सबके खिलाफ लूट व आगजनी आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मामले में पुलिस की इस कदर लापरवाही रही कि न तो उसने शिनाख्त करवाई और न ही रात की घटना में अभियुक्तों को कैसे पहचाना इसका तश्करा अपनी विवेचना में किया। इसी का लाभ अभियुक्तों को मिला और कोर्ट ने सबको दोषमुक्त कर दिया।