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चार दिन से बैंक बंद, खाली हुए एटीएम, कैश की भारी दिक्कत
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अयोध्या। बैंकों के निजीकरण के केंद्र सरकार के प्रस्ताव के विरोध में बैंक कर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन भी जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की सभी शाखाएं बंद रही। निजी बैंकों की शाखाएं पूर्ववत खुली रहीं।
दो दिवसीय हड़ताल से शहर के सभी एटीएम खाली हो गए। लोग कैश लेने व जमा करने के लिए परेशान नजर आए। वहीं, लीड बैंक मैनेजर के अनुसार दो दिन की इस हड़ताल से करीब सात सौ करोड़ का लेन देन ठप रहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन अयोध्या के बैनर तले संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में सिविल लाइन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष प्रदर्शन व नारेबाजी कर सभा की।
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सिविल लाइंस स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष हुई बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की सभा की अध्यक्षता एसपी चौबे ने की। सभा में संयोजक सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने सरकार के बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव को जनता के साथ धोखा बताया।
सुझाव दिया कि जनहित में निजी बैंकों को भी राष्ट्रीयकृत किया जाना चाहिए। मंत्री डीसी टंडन ने बताया निजीकरण से देश का विकास रुक जाएगा। सेंट्रल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री केके रस्तोगी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक समाप्त होने से कृषि, लघु उद्योग, छोटे व्यापार समाप्त हो जाएंगे।
निजी बैंक केवल पूंजीपतियों और औद्योगिक घरानों का विकास करेंगे। उपाध्यक्ष विक्रांत गुप्ता ने बताया सरकार जानबूझकर अपने खास लोगों को ऋण उपलब्ध करवा कर एनपीए करवा रही हैं ताकि बैंकों का निजीकरण किया जा सके।
सभा को संरक्षक रूपराम तिवारी, आरएस उपाध्याय, आरएस दुबे, आरआर शर्मा, राम दास आदि ने संबोधित किया। लीड बैंक मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के चलते दोनों दिन मिलाकर करीब सात सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित रहा है।
कहा कि बुधवार से बैंक खुलने पर स्थिति में सुधार आएगा। बैंक में शनिवार व रविवार को अवकाश था। इसके बाद सोमवार व मंगलवार को हड़ताल के चलते बैंक बंद रहे। इससे पूर्व गुरुवार को भी महाशिवरात्रि के चलते अवकाश था।
इन छह दिनों में महज शुक्रवार को बैंक खुला था। इसके चलते सोमवार को ही शहर के सभी एटीएम खाली हो गए थे। लोग मंगलवार को कैश पाने के लिए भटकते रहे। कुछ निजी बैंक के एटीएम में कैश डाला गया था जो कुछ ही देर में खत्म हो गया।
इसके चलते लोग परेशान होते रहे। वहीं, व्यापारियों के पास कई दिन का कैश भी एकत्र हो गया है। जिसे जमा कराने के लिए वह परेशान रहे। व्यापारी जसवीर सिंह ने बताया कि कैश जमा नहीं हो पा रहा है। इससे परेशानी हो रही हैं।
देवकाली निवासी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आवश्यक कार्य के लिए पैसे की जरूरत है लेकिन कहीं कैश नहीं मिल रहा है। नाका की रहने वाली गृहणी राधा शर्मा ने बताया कि दो सप्ताह बाद होली का त्योहार है, घर पर तैयारियां चल रही है।
इसके लिए पैसे की आवश्यकता है लेकिन एटीएम खाली होने व बैंक बंद होने के कारण कैश नहीं मिल पा रहा है। हौसिलानगर निवासी अमित सिंह ने बताया कि शहर का सारा एटीएम छान मारा कही पैसा नहीं मिला अब बुधवार को बैंक खुलने का इंतजार है।
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दो दिवसीय हड़ताल से शहर के सभी एटीएम खाली हो गए। लोग कैश लेने व जमा करने के लिए परेशान नजर आए। वहीं, लीड बैंक मैनेजर के अनुसार दो दिन की इस हड़ताल से करीब सात सौ करोड़ का लेन देन ठप रहा।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन अयोध्या के बैनर तले संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में सिविल लाइन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष प्रदर्शन व नारेबाजी कर सभा की।
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सिविल लाइंस स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष हुई बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की सभा की अध्यक्षता एसपी चौबे ने की। सभा में संयोजक सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने सरकार के बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव को जनता के साथ धोखा बताया।
सुझाव दिया कि जनहित में निजी बैंकों को भी राष्ट्रीयकृत किया जाना चाहिए। मंत्री डीसी टंडन ने बताया निजीकरण से देश का विकास रुक जाएगा। सेंट्रल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री केके रस्तोगी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक समाप्त होने से कृषि, लघु उद्योग, छोटे व्यापार समाप्त हो जाएंगे।
निजी बैंक केवल पूंजीपतियों और औद्योगिक घरानों का विकास करेंगे। उपाध्यक्ष विक्रांत गुप्ता ने बताया सरकार जानबूझकर अपने खास लोगों को ऋण उपलब्ध करवा कर एनपीए करवा रही हैं ताकि बैंकों का निजीकरण किया जा सके।
सभा को संरक्षक रूपराम तिवारी, आरएस उपाध्याय, आरएस दुबे, आरआर शर्मा, राम दास आदि ने संबोधित किया। लीड बैंक मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के चलते दोनों दिन मिलाकर करीब सात सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित रहा है।
कहा कि बुधवार से बैंक खुलने पर स्थिति में सुधार आएगा। बैंक में शनिवार व रविवार को अवकाश था। इसके बाद सोमवार व मंगलवार को हड़ताल के चलते बैंक बंद रहे। इससे पूर्व गुरुवार को भी महाशिवरात्रि के चलते अवकाश था।
इन छह दिनों में महज शुक्रवार को बैंक खुला था। इसके चलते सोमवार को ही शहर के सभी एटीएम खाली हो गए थे। लोग मंगलवार को कैश पाने के लिए भटकते रहे। कुछ निजी बैंक के एटीएम में कैश डाला गया था जो कुछ ही देर में खत्म हो गया।
इसके चलते लोग परेशान होते रहे। वहीं, व्यापारियों के पास कई दिन का कैश भी एकत्र हो गया है। जिसे जमा कराने के लिए वह परेशान रहे। व्यापारी जसवीर सिंह ने बताया कि कैश जमा नहीं हो पा रहा है। इससे परेशानी हो रही हैं।
देवकाली निवासी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आवश्यक कार्य के लिए पैसे की जरूरत है लेकिन कहीं कैश नहीं मिल रहा है। नाका की रहने वाली गृहणी राधा शर्मा ने बताया कि दो सप्ताह बाद होली का त्योहार है, घर पर तैयारियां चल रही है।
इसके लिए पैसे की आवश्यकता है लेकिन एटीएम खाली होने व बैंक बंद होने के कारण कैश नहीं मिल पा रहा है। हौसिलानगर निवासी अमित सिंह ने बताया कि शहर का सारा एटीएम छान मारा कही पैसा नहीं मिला अब बुधवार को बैंक खुलने का इंतजार है।