फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ban on recruitment of contractual teachers in universities

विवि में संविदा शिक्षकों की भर्ती पर रोक

Fri, 07 Aug 2015 11:35 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 07 Aug 2015 11:35 PM IST
विज्ञापन
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षकों को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान कर दी। कोर्ट ने विवि प्रशासन के संविदा शिक्षकों की भर्ती के प्रयास पर रोक लगाते हुए वर्षों से नियुक्त शिक्षकों की संविदा अवधि को नए शासनादेश के अनुसार नवीनीकृत करने का आदेश जारी किया है। इससे विवि कुलपति के नए पदों पर भर्ती की कोशिशों पर ब्रेक लग गया है। इससे शिक्षकों में खुशी की लहर है।
विज्ञापन


विवि प्रशासन ने परिसर के विभिन्न विभागों व आईईटी संस्थान में वर्षों से कार्यरत करीब चार दर्जन शिक्षकों की संविदा अवधि न बढ़ाकर 24 जुलाई को विज्ञापन प्रकाशित कराकर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित कर लिए थे। जबकि 30 जून को संविदा अवधि समाप्त हो जाने पर नवीनीकरण के लिए विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपनी संस्तुति प्रदान कर दी थी।
विज्ञापन


नए सिरे से भर्ती की कोशिशों से संविदा शिक्षकों में खलबली मच गई थी। इसी बीच कुछ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दे दी थी। उक्त याचिका संख्या 1159 व 1163 पर गुुरुवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में जज श्रीनरायण शुक्ल व अख्तर हुसैन खान की अदालत में सुनवाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें विवि व शिक्षकों ने अपने पक्ष रखे। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने अंडरटेकिंग लेकर विवि प्रशासन को पहले से नियुक्त शिक्षकों की संविदा का 15 जुलाई को जारी शासनादेश और छह जुलाई 2006 के विवि कार्य परिषद के फैसले के अनुसार नवीनीकरण करने का आदेश जारी किया है।

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि विवि अपने निर्णयानुसार शिक्षकों का कार्य संतोषजनक होने पर पहले नवीनीकरण करे और किसी भी पद पर भर्ती का प्रयास रोक दिया जाए। प्रभारी कुलसचिव एएम अंसारी का कहना है कि कोर्ट के फैसले के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।


अवध विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेशानुसार अब विवि को संविदा शिक्षकों का नवीनीकरण शासनादेश के मुताबिक कर देना चाहिए, जिससे विवि में कक्षाओं का संचालन सुचारू हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय विज्ञापन निकाल कर संविदा शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने मामले में महंगे दाम पर अतिरिक्त अधिवक्ता रखे जाने का विरोध कर जिम्मेदारों से फीस की रिकवरी कराने की भी मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed