{"_id":"65972ea7e87300f0010acec3","slug":"ayodhya-ram-temple-will-wake-up-ramlala-on-22nd-with-good-wishes-from-all-three-worlds-2024-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ram Mandir : तीनों लोकों की मंगल कामना से रामलला को जगाएंगे, प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 को, अनुष्ठान 17 से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ram Mandir : तीनों लोकों की मंगल कामना से रामलला को जगाएंगे, प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 को, अनुष्ठान 17 से
Fri, 05 Jan 2024 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आलोक कुमार त्रिपाठी, अयोध्या
आलोक कुमार त्रिपाठी, अयोध्या
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 05 Jan 2024 05:34 AM IST
सार
काशी के कर्मकांडी ब्राह्मण आवाहन करेंगे...प्रभु उठिये और त्रैलोक्य का मंगल कीजिए। इसके साथ ही विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा के अंतिम दिन के विधान आरंभ होंगे। रामलला के विराजमान होने के साथ ही भारत के भाग्य का भी उदय होगा।
विज्ञापन
अयोध्या-रामलला का भव्य विग्रह
- फोटो : FAIZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन 22 जनवरी को शय्याधिवास के बाद रामलला को त्रैलोक्य यानी तीनों लोकों की मंगल कामना से जगाया जाएगा। काशी के कर्मकांडी ब्राह्मण आवाहन करेंगे...प्रभु उठिये और त्रैलोक्य का मंगल कीजिए। इसके साथ ही विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा के अंतिम दिन के विधान आरंभ होंगे। रामलला के विराजमान होने के साथ ही भारत के भाग्य का भी उदय होगा।
विज्ञापन
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सर्वाधिक शुभ मुहूर्त में होगी। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह शुभ संयोग भारत के लिए भी हितकारी होगा। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी का कहना है कि धर्म के विग्रह श्रीराम ही टेंट में थे, इसलिए भारत का भाग्य प्रकाशित नहीं हो रहा था। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही भारत की कीर्ति, यश, वैभव सर्वोच्च शिखर पर होगा।
विज्ञापन
प्रभु श्रीराम जब राजा के रूप में अयोध्या में स्वयं विराजमान होंगे, तो धर्म की ध्वजा विश्व में फहराएगी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अभिजीत मुहूर्त देने वाले पं.गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ का मानना है कि इससे रामजी की राज्यवृद्धि होगी अर्थात नीति के अनुसार शासन कार्य चलेगा।
विज्ञापन
पंच संकल्प
काशी विद्वत परिषद ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पंच संकल्प करने की सलाह दी है। इसमें राष्ट्ररक्षा, मानव कल्याण, विश्वशांति, सनातन धर्म की ध्वजा शिखर पर फहराने और भारत को विश्वगुरु बनने का संकल्प लिया जाएगा।
17 से शुरू होंगे अनुष्ठान
कर्मकांडी पंडित लक्ष्मीकांत द्विवेदी के अनुसार, समारोह के अनुष्ठान प्रायश्चित संस्कार के बाद शुरू होंगे। 17 को नगर भ्रमण, 18 को सभी देवताओं का स्थापन, विद्वानों का वरण, कुटीर कर्म के बाद भगवान का जलाधिवास होगा। 19 को अरणी मंथन से यज्ञ की अग्नि प्रज्ज्वलित होगी। इसके बाद नवग्रह होम होगा। राममंदिर की वास्तु शांति होगी। 81 कलशों के जल से शुद्धिकरण होगा। 20 को घृताधिवास, 21 को सहस्त्रछिद्र कलश से स्नान के बाद श्रीराम की दिव्य दृष्टि खोली जाएगी व नेत्रोमिलन संस्कार होगा। शोभायात्रा के बाद शय्याधिवास कराया जाएगा। 22 को 84 सेकंड के शुभ मुहूर्त में भगवान गर्भगृह में विराजमान होंगे।
चंपत राय बोले- अचल मूर्ति 22 को ही होगी सार्वजनिक
भक्तों को रामलला की अचल मूर्ति का दर्शन 23 जनवरी से ही प्राप्त होगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साफ कहा है कि प्राण प्रतिष्ठित होने वाली अचल मूर्ति 22 जनवरी को ही सार्वजनिक की जाएगी। जिस विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होनी है उसका चयन कर लिया गया है।
- नगर भ्रमण में अचल मूर्ति का दर्शन होगा या नहीं, चंपत राय ने कहा, जनता-जनार्दन को 23 जनवरी से रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी अंतिम चरण में है। मंदिर के दरवाजाें पर सोने की परत चढ़ाने का काम पूरा हो चुका है। भगवान के कपड़े तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामजन्मभूमि परिसर के 70 फीसदी भाग में हरियाली होगी।