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राममंदिर निर्माण के साथ संपन्नता का केंद्र बन रही अयोध्या

Tue, 09 Nov 2021 01:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 01:15 AM IST
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Ayodhya is becoming the center of prosperity with the construction of Ram temple
अयोध्या-सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर हनुमानगढ़ी में जयघोष करते श्रद? - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर राममंदिर निर्माण के साथ ही दिव्य अयोध्या की परिकल्पना भी आकार ले रही है। इस उत्कर्ष यात्रा का सूत्रपात नौ नवंबर 2019 में राममंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद तेजी से शुरू हो गया है।
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राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या संपन्नता का केंद्र बन रही है। जिस अयोध्या में विवाद की वजह से लोग आने से डरते थे आज रामलला के दर्शन को हर कोई लालायित है।
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पहले पर्व, त्योहारों पर सुरक्षा कर्मियों के बूटों की धमक सुनाई देती थी। अब तोरणद्वार सजते हैं। मंगल गीत गूंजते हैं। जहां स्थानीय कारोबारी दूसरे शहर में पलायन को मजबूर रहते थे, वहां अब बाहर के कारोबारी 20 गुना तक महंगी जमीनें खरीदने को प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
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सदियों के विवाद से अयोध्या को मुक्ति मिली तो रामनगरी अब नई पहचान बनाने को आतुर है। राममंदिर के हक में निर्णय आने की मंगलवार को दूसरी वर्षगांठ है। इन दो वर्षों में अयोध्या ने कई नई इबारत लिखी हैं।
फैसले के दो साल के भीतर न सिर्फ मंदिर निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, बल्कि एक संपन्न अयोध्या की भी तस्वीर अब सामने आने लगी है।
ऐसी अयोध्या जहां अब हर वर्ग के लोग आना चाहते हैं। यह बदलाव उन लोगों के लिए स्वर्णिम सौगात से भी बढ़कर है, जिन्होंने श्रीराम और उनकी नगरी के अपमान के एक-एक दिन एक-एक युग की तरह काटे हैं।
सरयू तट पर हर दिन की तरह सोमवार को भी सरयू अपनी रौ में थी लेकिन अब सांस्कृतिक चेतना चरम पर दिखती है। सरयू के घाट पर टहल रहे शिक्षक जयंशकर त्रिपाठी कहते हैं कि निश्चित रूप से अयोध्या एक नई पहचान बनाने को अग्रसर है।
आप घाटों की रौनक देखकर यह अंदाजा लगा सकते हैं। पहले जो लोग मंदिर में आने से परहेज करते थे अब वही मंदिरों की चौखट पर माथा टेक रहे हैं।
हनुमानगढ़ी में जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे थे, प्रसाद की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ से प्रसाद के व्यापारियों के चेहरे खिले थे। व्यापारी विकास गुप्ता ने कहा कि हनुमानगढ़ी में भक्तों की भीड़ बढ़ी है।
राममंदिर का फैसला आने के कुछ ही महीने बाद कोरोना ने दस्तक दे दी थी, अब जैसे ही कोरोना सामान्य हुआ है, अयोध्या में राममंदिर निर्माण देखने भक्त उमड़ पड़े हैं। लंबे समय से चौपट रहा हमारा कारोबार भी खिल उठा है।
कहा कि अब प्रतिदिन करीब 10 हजार रुपये की ब्रिकी हो जाती है। त्योहारों व विशेष अवसरों पर इसमें पांच गुना की वृद्धि होती है। यह बदलाव अयोध्या की बढ़ती संपन्नता का संकेत है।
रामलला का दर्शन कर लौट रहे कानपुर निवासी संदीप गर्ग बोले कि रामलला का भव्य मंदिर बन रहा है। हम इसके साक्षी बने हैं। यह प्रफुल्लित करने वाला है। अब अयोध्या आने पर हर तरफ उत्सव व तरक्की का माहौल नजर आता है।
राजा मोहन गर्ल्स पीजी कॉलेज की एसोसिएट प्रो. डॉ. प्रज्ञा मिश्रा कहती हैं कि दो वर्षों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ी है। अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रति युवा वर्ग आकर्षित हुआ है।
देश-विदेश को अयोध्या लुभा रही है। पर्यटन की दृष्टि से उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। विदेशी पहुंच रहे हैं। उनके कई शिष्य व परिचित विदेशों में हैं वे अयोध्या के बदलाव के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं।
राममंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि जिस अयोध्या में पर्व व त्योहारों पर सुरक्षाकर्मियों के बूटों की धमक, गाड़ियों के सायरन बजते थे, आज उसी अयोध्या में तोरणद्वार सजते हैं।
मंगलगीत व रामधुन की गूंज होती है। जो भय का माहौल बनाते थे, आज वहीं अयोध्या आकर रामलला के दरबार में माथा टेक रहे हैं। राममंदिर निर्माण से दुनिया में भारत का यश बढ़ रहा है।
महंत वैदेही वल्लभ शरण बोले कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय किसी विरासत से कम नहीं है। इस निर्णय के चलते 05 अगस्त 2020 को पीएम मोदी ने राममंदिर की आधारशिला रखी। इसी के साथ राष्ट्रमंदिर की भी नींव पड़ गई।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है। दीपोत्सव में रामनगरी दीप जलाने का विश्व रिकॉर्ड बनाती है। अयोध्यावासी राम के आगमन की खुशी कई आधुनिक तरीके से मनाते हैं। यह सप्तपुरियों में श्रेष्ठ कही जाने वाली नगरी में ही हो सकता है।
गुरुद्वारा नजरबाग के मुख्य व्यवस्थापक सरदार नवनीत सिंह अयोध्या की परिवर्तन यात्रा को सुखद बताते हैं। कहते हैं कि आस्था, पर्यटन व सांस्कृतिक क्षितिज पर अयोध्या चमक रही है।
जिस अयोध्या का वर्णन हमारे शास्त्रों धर्मग्रंथों में है, कुछ इसी तरह अयोध्या आकार ले रही है। अयोध्या की भव्यता व दिव्यता से रामनगरी की सांझी विरासत को नया आयाम मिल रहा है। हम इस क्षण के साक्षी बने हैं, यह गौरवबोध का विषय है।
राममंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद यहां जमीनों के दामों पर भी प्रभाव पड़ा है। पहले जो जमीन विस्वा में बिकती थी अब वह वर्ग फीट में बिक रही है। होटल, धर्मशाला व रेस्टोरेंट के लिए लोग अयोध्या में जमीन खरीद रहे हैं।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अयोध्या में 19 होटलों को मंजूरी दी जा चुकी है। यह अयोध्या में बढ़ते रोजगार के अवसर का संकेत है। राममंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में रोजगार के व्यापक अवसर बढ़े हैं।
देश दुनिया के लोग केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि व्यवसाय के उद्देश्य से भी आ रहे हैं। बड़े-बड़े उद्योगों की स्थापना का भी मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
इन योजनाओं से बन रही दिव्य अयोध्या
- मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा।
- 251 मीटर श्रीराम की मूर्ति।
- 1200 एकड़ में नव्य अयोध्या।
- अयोध्या में छह भव्य प्रवेश द्वार।
- अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय, पर्यटन सुविधा केंद्र।
- सरयू तट का विकास, स्मार्ट रोड।
- रिंग रोड, सोलर सिटी।
- वाल्मीकि रामायण कालीन वृक्षों का रोपण।
- मंदिर मॉडल की तरह रेलवे स्टेशन, क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज।
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