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अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने के प्रस्तावों का मूल्यांकन शुरू
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अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए आए सात ग्लोबल कंपनियों के प्रस्तावों का मूल्यांकन शुरू हो गया है। शासन की ओर से निर्धारित दो समितियों को समस्त कार्यों का मूल्यांकन करना है। इसमें आठ सदस्यीय उपसमिति ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। समिति को सभी कंपनियों के प्रपत्रों को चेक करने के साथ प्रस्तावों पर भी मंथन करना है। सभी सात ग्लोबल कंपनियों के प्रस्तावों का पांच फरवरी को शासन में प्रेजेंटेशन होना है। इसमें एक कंपनी अयोध्या को विश्वस्तरीय पयर्टन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए बतौर कंसलटेंट नियुक्त की जाएगी।
मौजूदा समय में विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के चयन की प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को नियत तिथि तक आस्ट्रेलिया, सिंगापुर समेत पांच भारतीय ग्लोबल कंपनियों ने अयोध्या के विकास का प्लान व क्रियान्वयन के लिए प्रस्ताव दिया था। इसका मूल्यांकन शुरू हो गया है। मूल्यांकन के लिए शासन स्तर से एक आठ सदस्यीय उपसमिति गठित की गई है। मूल्यांकन के पश्चात शासन स्तर पर गठित एक अन्य पांच सदस्यीय समिति आरपीएफ को अंतिम स्वरूप देने व ई-टेंडर के प्रपत्रों का अध्ययन कर अपना प्रस्ताव रखेगी।
समिति में बतौर अध्यक्ष सचिव नगर विकास विभाग अनुराग यादव को नियुक्त किया गया है। साथ ही उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण अंकित कुमार, उपाध्यक्ष गोरखपुर विकास प्राधिकरण अनुज सिंह, उपाध्यक्ष वारणासी विकास प्राधिकरण राहुल पांडेय, अध्यक्ष की सहमति से तीन विशिष्ट व्यक्ति व मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
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आरपीएफ (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) को अंतिम स्वरूप देने व टेंडर प्रक्रिया में प्रपत्रों का अध्ययन करने के लिए बनी समिति में अपर नगर आयुक्त आवास नीरज शुक्ला को अध्यक्ष नामित किया गया है। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह, अयोध्या विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक आरपी सिंह, प्रायोजन रचना, मूल्यांकन प्रभाग के नामित सदस्य व जिला सूचना अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
सात प्रस्तावों का मूल्यांकन शुरू हो चुका है। शासन की ओर गठित उपसमिति मूल्यांकन कर रही है। उपसमिति के मूल्यांकन कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरी समिति आरपीएफ को अंतिम स्वरूप देगी।
विशाल सिंह, वीसी, अयोध्या विकास प्राधिकरण
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मौजूदा समय में विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के चयन की प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को नियत तिथि तक आस्ट्रेलिया, सिंगापुर समेत पांच भारतीय ग्लोबल कंपनियों ने अयोध्या के विकास का प्लान व क्रियान्वयन के लिए प्रस्ताव दिया था। इसका मूल्यांकन शुरू हो गया है। मूल्यांकन के लिए शासन स्तर से एक आठ सदस्यीय उपसमिति गठित की गई है। मूल्यांकन के पश्चात शासन स्तर पर गठित एक अन्य पांच सदस्यीय समिति आरपीएफ को अंतिम स्वरूप देने व ई-टेंडर के प्रपत्रों का अध्ययन कर अपना प्रस्ताव रखेगी।
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समिति में बतौर अध्यक्ष सचिव नगर विकास विभाग अनुराग यादव को नियुक्त किया गया है। साथ ही उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण अंकित कुमार, उपाध्यक्ष गोरखपुर विकास प्राधिकरण अनुज सिंह, उपाध्यक्ष वारणासी विकास प्राधिकरण राहुल पांडेय, अध्यक्ष की सहमति से तीन विशिष्ट व्यक्ति व मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
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आरपीएफ (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) को अंतिम स्वरूप देने व टेंडर प्रक्रिया में प्रपत्रों का अध्ययन करने के लिए बनी समिति में अपर नगर आयुक्त आवास नीरज शुक्ला को अध्यक्ष नामित किया गया है। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह, अयोध्या विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक आरपी सिंह, प्रायोजन रचना, मूल्यांकन प्रभाग के नामित सदस्य व जिला सूचना अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
सात प्रस्तावों का मूल्यांकन शुरू हो चुका है। शासन की ओर गठित उपसमिति मूल्यांकन कर रही है। उपसमिति के मूल्यांकन कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरी समिति आरपीएफ को अंतिम स्वरूप देगी।
विशाल सिंह, वीसी, अयोध्या विकास प्राधिकरण