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श्रीराम मंदिर के 70 एकड़ परिसर को बनाएंगे भव्य व दिव्य, खर्च होंगे 11 सौ करोड़ रुपये
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अयोध्या। श्रीराममंदिर निर्माण सहित संपूर्ण 70 एकड़ के परिसर की भव्यता पर करीब ग्यारह सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह जानकारी पत्रकारों को देते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि परिसर के संपूर्ण विकास का प्लान बन रहा है। श्रीराममंदिर निर्माण में जहां करीब चार सौ करोड़ रुपये वहीं शेष परिसर में बनने वाले प्रकल्पों के निर्माण में करीब ग्यारह सौ करोड़ का खर्च आएगा। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि श्रीराममंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे।
बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराममंदिर के निर्माण को लेकर दो दिन ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में नींव भरने के मैटेरियल को लेकर चर्चा की गई। फिलहाल अब इस पर रिसर्च की जा रही है और रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह 15 फरवरी से शुरू होगा क्योंकि तब तक मंदिर की नींव की डिजाइन ट्रस्ट और निर्माण एजेंसियों को मिल जाएगी। वहीं, जिस मंदिर के मॉडल पर निर्माण होना है उस तरह के निर्माण पर लगभग 300 से 400 करोड़ रुपये लगेंगे। हालांकि मंदिर के परकोटे सहित राम जन्मभूमि परिसर में कुल निर्माण को जोड़ा जाए तो यह रकम 1100 सौ करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
बैठक में यह तय हुआ कि श्रीराम मंदिर की नींव का निर्माण इंजीनियरिंग फिलिंग पद्धति से किया जाएगा। इसके लिए जितनी भूमि में मंदिर निर्माण होना है, उस पूरी भूमि को 12 मीटर तक खोदा जाएगा। उसके बाद उसमें फिलिंग के लिए कौन से मैटेरियल का इस्तेमाल किया जाएगा, यह रिसर्च रिपोर्ट आने के बाद उस खोदे गए गड्ढे में जमीन की सतह से ऊपर तक फिलिंग की जाएगी। इस पद्धति को ही इंजीनियरिंग फिलिंग कहते हैं। फिलहाल मंदिर की नींव खोदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
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बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराममंदिर के निर्माण को लेकर दो दिन ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में नींव भरने के मैटेरियल को लेकर चर्चा की गई। फिलहाल अब इस पर रिसर्च की जा रही है और रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह 15 फरवरी से शुरू होगा क्योंकि तब तक मंदिर की नींव की डिजाइन ट्रस्ट और निर्माण एजेंसियों को मिल जाएगी। वहीं, जिस मंदिर के मॉडल पर निर्माण होना है उस तरह के निर्माण पर लगभग 300 से 400 करोड़ रुपये लगेंगे। हालांकि मंदिर के परकोटे सहित राम जन्मभूमि परिसर में कुल निर्माण को जोड़ा जाए तो यह रकम 1100 सौ करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
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बैठक में यह तय हुआ कि श्रीराम मंदिर की नींव का निर्माण इंजीनियरिंग फिलिंग पद्धति से किया जाएगा। इसके लिए जितनी भूमि में मंदिर निर्माण होना है, उस पूरी भूमि को 12 मीटर तक खोदा जाएगा। उसके बाद उसमें फिलिंग के लिए कौन से मैटेरियल का इस्तेमाल किया जाएगा, यह रिसर्च रिपोर्ट आने के बाद उस खोदे गए गड्ढे में जमीन की सतह से ऊपर तक फिलिंग की जाएगी। इस पद्धति को ही इंजीनियरिंग फिलिंग कहते हैं। फिलहाल मंदिर की नींव खोदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
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