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अयोध्या में विकास के लिए प्रस्तावित नई योजना पर कार्रवाई शुरू
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अयोध्या। सदर तहसील के तीन गांवों के चिह्नित खसरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह रोक अयोध्या में प्रस्तावित नई विकास योजना भूमि विकास, गृह स्थान और बाजार योजना को लेकर लगाई गई है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से जारी किए गए पत्र के बाद यह रोक लगी है। जिला प्रशासन ने भी इसकी पुष्टि की है।
अयोध्या के विकास को लेकर प्रदेश सरकार के स्तर पर कई योजनाएं प्रस्तावित की गईं है। इनके लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अयोध्या नगर के पूरब की ओर आवास विकास परिषद की ओर से भूमि विकास, गृह स्थान और बाजार जैसी बड़ी योजना लांच की है। यह योजना कई सौ हेक्टेयर में फैली होगी। अयोध्या के इसी क्षेत्र में सबसे श्रीराम मूर्ति के निर्माण का प्रस्ताव भी है।
जिला प्रशासन से चिह्नित किए जाने के बाद योजना को लेकर अब जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने प्रस्तावित योजना में शामिल होने वाले अधिसूचित खसरों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने को लेकर उप निबंधक अयोध्या को पत्र भेजा दिया है। योजना में ग्राम शाहनेवाजपुर मांझा, बरहटा मांझा और तिहुरा मांझा की जमीनें शामिल हैं।
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जारी पत्र में योजना के तहत उत्तर लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-28 ग्राम बरहटा मांझा, पूरब में सरयू नदी तटबंध, दक्षिण में तिहुरा मांझाऔर शाहनेवाजपुर के अधिसूचित खसरे शामिल हैं जबकि पश्चिम में लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-28 ग्राम शाहनेवाजपुर मांझा और बरहटा मांझा के खसरे शामिल हैं।
विभाग की ओर से उपनिबंधक को भेजे गए पत्र में योजना के तीनों गांवों के सभी खसरों का डिटेल भेजा गया है। इनकी संख्या काफी ज्यादा है। योजना के लिए यही अधिग्रहीत किए जाने की संभावना है। जमीनों को लेकर अधिसूचना जारी की जा चुकी है। प्रस्तावित योजना के स्वरूप व उसके क्रियान्वयन पर विपरीत प्रभाव न पड़ने पाए इसके मद्देनजर अधिसूचित खसरों के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाने के लिए कहा गया है।
लेखपत्रों पर होगा तथ्यों का अंकन
यहीं जमीन की खरीद-बिक्री पर अब तथ्यों का अंकन भी होगा। महानिरीक्षण निबंधन के निर्देश पर टिप्पणी लिखी जाएगी कि गाटा संख्या महायोजना में प्रस्तावित उपयोग, पार्क, हरित पट्टिका, आदि सार्वजनिक महत्व के प्रकृति का नहीं है। गाटा संख्या आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग अथवा अन्य किसी शासकीय विभाग के तहत अधिग्रहण की प्रक्रिया से मुक्त है। इसके साथ ही कहा है कि महायोजना के खिलाफ निर्माण किए जाने की दशा में अथवा इन तथ्यों के विपरीत कोई भी तथ्य पाए जाने पर ध्वस्तीकरण सहित समस्त विधिक कार्यवाही के लिए खरीददार उत्तरदायी होगा।
अयोध्या में प्रस्तावित भूमि विकास, गृह स्थान एवं बाजार योजना के लिए चिह्नित शाहनेवाजपुर मांझा, तिहुरा मांझा और बरहटा मांझा के चिह्नित खसरों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। यह क्षेत्र काफी लंबा चौड है। इस बाबत उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिशाषी अभियंता केसी श्रीवास्तव की ओर से उप निबंधक अयोध्या को पत्र भेजा गया था।
पीडी गुप्त, मुख्य राजस्व अधिकारी, अयोध्या
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अयोध्या के विकास को लेकर प्रदेश सरकार के स्तर पर कई योजनाएं प्रस्तावित की गईं है। इनके लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अयोध्या नगर के पूरब की ओर आवास विकास परिषद की ओर से भूमि विकास, गृह स्थान और बाजार जैसी बड़ी योजना लांच की है। यह योजना कई सौ हेक्टेयर में फैली होगी। अयोध्या के इसी क्षेत्र में सबसे श्रीराम मूर्ति के निर्माण का प्रस्ताव भी है।
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जिला प्रशासन से चिह्नित किए जाने के बाद योजना को लेकर अब जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने प्रस्तावित योजना में शामिल होने वाले अधिसूचित खसरों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने को लेकर उप निबंधक अयोध्या को पत्र भेजा दिया है। योजना में ग्राम शाहनेवाजपुर मांझा, बरहटा मांझा और तिहुरा मांझा की जमीनें शामिल हैं।
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जारी पत्र में योजना के तहत उत्तर लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-28 ग्राम बरहटा मांझा, पूरब में सरयू नदी तटबंध, दक्षिण में तिहुरा मांझाऔर शाहनेवाजपुर के अधिसूचित खसरे शामिल हैं जबकि पश्चिम में लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-28 ग्राम शाहनेवाजपुर मांझा और बरहटा मांझा के खसरे शामिल हैं।
विभाग की ओर से उपनिबंधक को भेजे गए पत्र में योजना के तीनों गांवों के सभी खसरों का डिटेल भेजा गया है। इनकी संख्या काफी ज्यादा है। योजना के लिए यही अधिग्रहीत किए जाने की संभावना है। जमीनों को लेकर अधिसूचना जारी की जा चुकी है। प्रस्तावित योजना के स्वरूप व उसके क्रियान्वयन पर विपरीत प्रभाव न पड़ने पाए इसके मद्देनजर अधिसूचित खसरों के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाने के लिए कहा गया है।
लेखपत्रों पर होगा तथ्यों का अंकन
यहीं जमीन की खरीद-बिक्री पर अब तथ्यों का अंकन भी होगा। महानिरीक्षण निबंधन के निर्देश पर टिप्पणी लिखी जाएगी कि गाटा संख्या महायोजना में प्रस्तावित उपयोग, पार्क, हरित पट्टिका, आदि सार्वजनिक महत्व के प्रकृति का नहीं है। गाटा संख्या आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग अथवा अन्य किसी शासकीय विभाग के तहत अधिग्रहण की प्रक्रिया से मुक्त है। इसके साथ ही कहा है कि महायोजना के खिलाफ निर्माण किए जाने की दशा में अथवा इन तथ्यों के विपरीत कोई भी तथ्य पाए जाने पर ध्वस्तीकरण सहित समस्त विधिक कार्यवाही के लिए खरीददार उत्तरदायी होगा।
अयोध्या में प्रस्तावित भूमि विकास, गृह स्थान एवं बाजार योजना के लिए चिह्नित शाहनेवाजपुर मांझा, तिहुरा मांझा और बरहटा मांझा के चिह्नित खसरों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। यह क्षेत्र काफी लंबा चौड है। इस बाबत उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिशाषी अभियंता केसी श्रीवास्तव की ओर से उप निबंधक अयोध्या को पत्र भेजा गया था।
पीडी गुप्त, मुख्य राजस्व अधिकारी, अयोध्या