{"_id":"5fca6fe58ebc3ecf8b4b5076","slug":"ayodhya-faizabad-news-lko5532135138","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण से बिगड़े शहर के हालात, चारों ओर जाम ही जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण से बिगड़े शहर के हालात, चारों ओर जाम ही जाम
विज्ञापन
सीन नंबर-1
जमुनिया बाग
रीडगंज से चौक जाने वाला यह मार्ग अतिक्रमण की चपेट में हैं। यहां एकदरा के पास सड़क किनारे सजी चाट, फास्ट फूड, जूस आदि की दुकानों के साथ अस्थाई जलपान की दुकानें अतिक्रमण को बढ़ा रही है।
सीन नंबर-2
चौक से रिकाबगंज मार्ग
शहर के सबसे व्यस्तम मार्ग व बाजार के चलते यहां हमेशा भीड़ रहती है। इस रोड पर सडक़ किनारे सजी कपड़ों की दुकान, कुछ बड़े स्थाई दुकानदारों द्वारा किया अतिक्रमण, यहां खड़े ग्राहकों के बेरतीब वाहन अतिक्रमण की कहानी बयां कर रहे हैं।
सीन नंबर-3
बजाजा
चौक एकदरे से फतेहगंज मार्ग पर स्थित बजाजा के निकट अतिक्रमण ने हालात और भी खराब किए हैं। आधी सडक़ पर कब्जा कर लगाई गई फास्ट फूड, चाट आदि की दुकान, बड़े कपड़ा दुकानदारों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन अतिक्रमण अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। रही सही कसर कई दर्जनों की संख्या में खड़े ई रिक्शा वाहन पूरा कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीन नंबर-4
चौक घंटाघर
शहर का दिल माने वाला स्थान चौक शहर के प्रमुख बाजार को जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। पुराना ढांचा होने के कारण यहां स्थान सीमित है, जिसे अतिक्रमण ने और कम कर दिया है। पटरी दुकानदार, रेहड़ी फड़ी, बेरतीब खड़े वाहनों के चलते यहां से गुजरना आसान नहीं है। अतिक्रमण के चलते पुरानी सब्जी मंडी में आने जाने के लिए मात्र तीन से चार फिट ही जगह बची है।
सीन नंबर-5
गुदड़ी बाजार
अयोध्या-फैजाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित गुदड़ी बाजार की भी हालत बुरी है। यहां कई दर्जनों की संख्या में लगे चाट, फास्ट फूड, सब्जी, मूंगफली, अंडा-नॉनवेज की दुकानें इस रास्तें को और संकरी कर रहे हैं।
सीन नंबर-6
नाका
शहर से किनारे हाईवे के पास स्थित होने के कारण यहां भारी वाहन गुजरते रहते हैं। यहां दर्जनों की संख्या में ट्रक, ट्रैक्टर-ट्राली, पिकअप-मैजिक समेत अन्य वाहनों की रिपेयरिंग की दुकानों के चलते यहां दुकानों के सामने सडक़ पर अकसर भारी वाहन खड़े रहते हैं। इसके चलते अकसर हादसे भी होते रहते हैं।
अयोध्या। अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहरों के मुख्य बाजारों, चौराहों, गलियों में दुकानदारों, रेहड़ी फड़ी वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण ने शहर की हाल बिगाड़ दी है। हाल यह है कि बाजारों में वाहन तो क्या पैदल भी चलना दूभर हो गया है। हालांकि जिला व पुलिस प्रशासन, नगर निगम द्वारा शहर में लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। लेकिन जैसे ही अभियान ठंडा पड़ता है वैसे ही हालात जस के तस हो जाते हैं।
प्रशासन की लाख कवायद के बाद भी शहर एक बार फिर अतिक्रमण की चपेट में हैं। शहर के मुख्य बाजारों में स्थाई दुकानदारों द्वारा सडक़ पर रखा गया सामान, जगह-जगह खड़े रेहड़ी-फड़ी के साथ बाजार आए लोगों के आड़े तिरछे वाहन अतिक्रमण की कहानी बयां कर रहे हैं।
इसके चलते शहर में जगह-जगह जाम लगा रहता है। त्योहारों व छुट्टी के दिनों भीड़ बढने पर हालात और भी बुरे हो जाते हैं, लोगों का वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल भी चलना मुश्किल हो जाता है। शहर के चौक घंटाघर, नाका, रिकाबगंज, गुदड़ी बाजार, फतेहगंज, बजाजा, जमुनिया बाग, रिकाबगंज से नियावां रोड, सिविल लाइन जैसे मुख्य इलाके अतिक्रमण की चपेट में हैं।
नहीं सुधरेंगे दुकानदार
जिला व पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम द्वारा लगातार अतिनक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसका असर चंद दिनों ही दिखता है। अभियान थमते ही हालात जस के तस हो जाते हैं। वर्ष 2018 में करीब पखवाड़े तक चले पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ महाअभियान में सहादतगंज फैजाबाद से अयोध्या नयाघाट तक सडक़ की दोनों पटरियों से अतिक्रमण हटाया गया था।
शहर के मुख्य बाजारों में भी अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की गई, रेहड़ी फड़ी व अस्थाई जलपान की दुकानों को हटाया गया था। वहीं, वर्ष 2019 नगर निगम द्वारा पूर्व सैनिकों की गठित स्पेशल टीम ने इस अभियान को आगे बढ़ाया, संबंधित थाना-चौकी पुलिस द्वारा भी समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है, लेकिन नतीजा ढाक के पात ही रहे।
ये हैं प्रमुख कारण
शहर में फैले अतिक्रमण के जाल का मुख्य कारण यहां के मुख्य बाजारों में पार्किंग स्थल का न होना है। इसके चलते वाहन से बाजार आने वाले लोग दुकानों के सामने सडक़ पर ही वाहन खड़ा कर शॉपिंग करने निकल जाते हैं। शहर के मुख्य बाजार व गलियां संकरी होने के कारण सडक़ों पर खड़े वाहनों से जगह की और कमी हो जाती है। दूसरा प्रमुख कारण वेंडिंग जोन का भी न होना है, इसके चलते जगह-जगह खड़े सब्जी, चाट व अन्य रेहड़ी-फड़ी वाले, पटरी दुकानदार, सडक़ों के किनारे सजी फास्ट फूड व अंडे की दुकानें अतिक्रमण हटाओ अभियान का मजाक उड़ाती नजर आती हैं। वहीं, जगह-जगह स्थाई दुकानदारों द्वारा दुकानों के सामने सडक़ किनारे रखा गया सामान भी अतिक्रमण की कहानी बयां करता है।
समय पर नगर निगम की सहायता से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चालान जैसी कार्रवाई भी की जाती है। इसका असर भी दिखा है, मुख्य मार्ग काफी हद तक चौड़ा भी हुआ है। बाजारों में ज्यादा समस्या है, इसको लेकर दोबारा अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
विजयपाल सिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
जमुनिया बाग
रीडगंज से चौक जाने वाला यह मार्ग अतिक्रमण की चपेट में हैं। यहां एकदरा के पास सड़क किनारे सजी चाट, फास्ट फूड, जूस आदि की दुकानों के साथ अस्थाई जलपान की दुकानें अतिक्रमण को बढ़ा रही है।
सीन नंबर-2
चौक से रिकाबगंज मार्ग
शहर के सबसे व्यस्तम मार्ग व बाजार के चलते यहां हमेशा भीड़ रहती है। इस रोड पर सडक़ किनारे सजी कपड़ों की दुकान, कुछ बड़े स्थाई दुकानदारों द्वारा किया अतिक्रमण, यहां खड़े ग्राहकों के बेरतीब वाहन अतिक्रमण की कहानी बयां कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीन नंबर-3
बजाजा
चौक एकदरे से फतेहगंज मार्ग पर स्थित बजाजा के निकट अतिक्रमण ने हालात और भी खराब किए हैं। आधी सडक़ पर कब्जा कर लगाई गई फास्ट फूड, चाट आदि की दुकान, बड़े कपड़ा दुकानदारों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन अतिक्रमण अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। रही सही कसर कई दर्जनों की संख्या में खड़े ई रिक्शा वाहन पूरा कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीन नंबर-4
चौक घंटाघर
शहर का दिल माने वाला स्थान चौक शहर के प्रमुख बाजार को जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। पुराना ढांचा होने के कारण यहां स्थान सीमित है, जिसे अतिक्रमण ने और कम कर दिया है। पटरी दुकानदार, रेहड़ी फड़ी, बेरतीब खड़े वाहनों के चलते यहां से गुजरना आसान नहीं है। अतिक्रमण के चलते पुरानी सब्जी मंडी में आने जाने के लिए मात्र तीन से चार फिट ही जगह बची है।
सीन नंबर-5
गुदड़ी बाजार
अयोध्या-फैजाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित गुदड़ी बाजार की भी हालत बुरी है। यहां कई दर्जनों की संख्या में लगे चाट, फास्ट फूड, सब्जी, मूंगफली, अंडा-नॉनवेज की दुकानें इस रास्तें को और संकरी कर रहे हैं।
सीन नंबर-6
नाका
शहर से किनारे हाईवे के पास स्थित होने के कारण यहां भारी वाहन गुजरते रहते हैं। यहां दर्जनों की संख्या में ट्रक, ट्रैक्टर-ट्राली, पिकअप-मैजिक समेत अन्य वाहनों की रिपेयरिंग की दुकानों के चलते यहां दुकानों के सामने सडक़ पर अकसर भारी वाहन खड़े रहते हैं। इसके चलते अकसर हादसे भी होते रहते हैं।
अयोध्या। अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहरों के मुख्य बाजारों, चौराहों, गलियों में दुकानदारों, रेहड़ी फड़ी वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण ने शहर की हाल बिगाड़ दी है। हाल यह है कि बाजारों में वाहन तो क्या पैदल भी चलना दूभर हो गया है। हालांकि जिला व पुलिस प्रशासन, नगर निगम द्वारा शहर में लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। लेकिन जैसे ही अभियान ठंडा पड़ता है वैसे ही हालात जस के तस हो जाते हैं।
प्रशासन की लाख कवायद के बाद भी शहर एक बार फिर अतिक्रमण की चपेट में हैं। शहर के मुख्य बाजारों में स्थाई दुकानदारों द्वारा सडक़ पर रखा गया सामान, जगह-जगह खड़े रेहड़ी-फड़ी के साथ बाजार आए लोगों के आड़े तिरछे वाहन अतिक्रमण की कहानी बयां कर रहे हैं।
इसके चलते शहर में जगह-जगह जाम लगा रहता है। त्योहारों व छुट्टी के दिनों भीड़ बढने पर हालात और भी बुरे हो जाते हैं, लोगों का वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल भी चलना मुश्किल हो जाता है। शहर के चौक घंटाघर, नाका, रिकाबगंज, गुदड़ी बाजार, फतेहगंज, बजाजा, जमुनिया बाग, रिकाबगंज से नियावां रोड, सिविल लाइन जैसे मुख्य इलाके अतिक्रमण की चपेट में हैं।
नहीं सुधरेंगे दुकानदार
जिला व पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम द्वारा लगातार अतिनक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसका असर चंद दिनों ही दिखता है। अभियान थमते ही हालात जस के तस हो जाते हैं। वर्ष 2018 में करीब पखवाड़े तक चले पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ महाअभियान में सहादतगंज फैजाबाद से अयोध्या नयाघाट तक सडक़ की दोनों पटरियों से अतिक्रमण हटाया गया था।
शहर के मुख्य बाजारों में भी अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की गई, रेहड़ी फड़ी व अस्थाई जलपान की दुकानों को हटाया गया था। वहीं, वर्ष 2019 नगर निगम द्वारा पूर्व सैनिकों की गठित स्पेशल टीम ने इस अभियान को आगे बढ़ाया, संबंधित थाना-चौकी पुलिस द्वारा भी समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है, लेकिन नतीजा ढाक के पात ही रहे।
ये हैं प्रमुख कारण
शहर में फैले अतिक्रमण के जाल का मुख्य कारण यहां के मुख्य बाजारों में पार्किंग स्थल का न होना है। इसके चलते वाहन से बाजार आने वाले लोग दुकानों के सामने सडक़ पर ही वाहन खड़ा कर शॉपिंग करने निकल जाते हैं। शहर के मुख्य बाजार व गलियां संकरी होने के कारण सडक़ों पर खड़े वाहनों से जगह की और कमी हो जाती है। दूसरा प्रमुख कारण वेंडिंग जोन का भी न होना है, इसके चलते जगह-जगह खड़े सब्जी, चाट व अन्य रेहड़ी-फड़ी वाले, पटरी दुकानदार, सडक़ों के किनारे सजी फास्ट फूड व अंडे की दुकानें अतिक्रमण हटाओ अभियान का मजाक उड़ाती नजर आती हैं। वहीं, जगह-जगह स्थाई दुकानदारों द्वारा दुकानों के सामने सडक़ किनारे रखा गया सामान भी अतिक्रमण की कहानी बयां करता है।
समय पर नगर निगम की सहायता से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चालान जैसी कार्रवाई भी की जाती है। इसका असर भी दिखा है, मुख्य मार्ग काफी हद तक चौड़ा भी हुआ है। बाजारों में ज्यादा समस्या है, इसको लेकर दोबारा अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
विजयपाल सिंह, एसपी सिटी