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हिंसक जानवर ने बकरी को बनाया निशाना
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हिंसक जानवर ने बकरी को बनाया निशाना
नहीं पहुंची वन विभाग की टीम, गांव में दहशत
कुमारगंज। बिरौलीझाम जंगल में किसान लाला कोरी की झुड में चर रही बकरियों को फिर किसी हिंसक जानवर ने शिकार बनाया है। ग्रामीणों की सूचना पर न तो वन विभाग की टीम पहुँची और न ही बकरी का पोस्टमार्टम हुआ कि जिससे पता चल सके कि बकरी को किस जानवर ने निशाना बनाया। गांव में मामले को लेकर दहशत का माहौल है।
गांव निवासी लाला अपनी बकरियों को जंगल में चराने गए थे, जहां झुंड में चर रही बकरियों में से दो को किसी हिंसक जानवर ने दबोच लिया। इसमें से एक की मौके पर मौत हो गई तथा दूसरी घायल हो गई। बकरी चरा रहे युवक ने गुहार लगाई तो पास में लकड़ी काट रहे अन्य ग्रामीणों ने दौड़े। इसके बाद हिंसक जानवर बकरी को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन क्षेत्राधिकारी कुमारगंज अशोक कुमार श्रीवास्तव को दिया लेकिन न तो वन विभाग ने कोई एक्सपर्ट टीम भेजी और न ही बकरी का पोस्टमार्टम कराना मुनासिब समझा। केवल मौके पर चौकीदारों को भेजकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली विभाग की लापरवाही से लोगों में गुस्सा है। सबसे बड़ा सवाल ये उठता है जंगल में कोई न कोई जानवर तो जरूर है जिसने बकरियों का शिकार किया इसके पूर्व में भी आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय में भी किसी हिंसक जानवर में हिरन का शिकार किया था जिसमें वन विभाग ने पिंजरा लगाकर उक्त जानवर को पकड़ने का प्रयास किया था लेकिन वह इसमें असफल रहा। रेंजर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जंगल में जाकर वन कर्मियों के साथ कांबिंग की जाएगी ।
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नहीं पहुंची वन विभाग की टीम, गांव में दहशत
कुमारगंज। बिरौलीझाम जंगल में किसान लाला कोरी की झुड में चर रही बकरियों को फिर किसी हिंसक जानवर ने शिकार बनाया है। ग्रामीणों की सूचना पर न तो वन विभाग की टीम पहुँची और न ही बकरी का पोस्टमार्टम हुआ कि जिससे पता चल सके कि बकरी को किस जानवर ने निशाना बनाया। गांव में मामले को लेकर दहशत का माहौल है।
गांव निवासी लाला अपनी बकरियों को जंगल में चराने गए थे, जहां झुंड में चर रही बकरियों में से दो को किसी हिंसक जानवर ने दबोच लिया। इसमें से एक की मौके पर मौत हो गई तथा दूसरी घायल हो गई। बकरी चरा रहे युवक ने गुहार लगाई तो पास में लकड़ी काट रहे अन्य ग्रामीणों ने दौड़े। इसके बाद हिंसक जानवर बकरी को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन क्षेत्राधिकारी कुमारगंज अशोक कुमार श्रीवास्तव को दिया लेकिन न तो वन विभाग ने कोई एक्सपर्ट टीम भेजी और न ही बकरी का पोस्टमार्टम कराना मुनासिब समझा। केवल मौके पर चौकीदारों को भेजकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली विभाग की लापरवाही से लोगों में गुस्सा है। सबसे बड़ा सवाल ये उठता है जंगल में कोई न कोई जानवर तो जरूर है जिसने बकरियों का शिकार किया इसके पूर्व में भी आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय में भी किसी हिंसक जानवर में हिरन का शिकार किया था जिसमें वन विभाग ने पिंजरा लगाकर उक्त जानवर को पकड़ने का प्रयास किया था लेकिन वह इसमें असफल रहा। रेंजर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जंगल में जाकर वन कर्मियों के साथ कांबिंग की जाएगी ।
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