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कृषि अध्यादेश के खिलाफ सपा ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
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कृषि अअयोध्या। केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि अध्यादेश के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसके उपरांत कानून को वापस लेने के लिए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा। सपा नेताओं ने इस कानून को किसान एवं श्रमिक विरोधी करार दिया।
जिलाध्यक्ष गंगा सिंह यादव एवं महानगर अध्यक्ष श्यामकृष्ण श्रीवास्तव के नेतृत्व में किए प्रदर्शन में सपाइयों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों से खेती का मालिकाना हक छीन लेना चाहती है। मंडियों को धीरे-धीरे समाप्त करना और मिनिमम सपोर्ट मूल्य भी नहीं देना चाहती है। भाजपा सरकार पूर्णतया पूंजीपतियों के हितों के लिए काम कर रही है।
लंबे संघर्षों के बाद किसानों को जो आजादी मिली थी, वह कांट्रेक्ट खेती से समाप्त हो जाएगी। कहा कि भाजपा शासनकाल में हजारों किसान अपनी जान गवां चुके हैं। गन्ना किसानों का अभी तक 13 हजार करोड़ रुपये बकाया है। भाजपा सरकार की नीति से देश की संपत्ति निजी हाथों में सौंप दी जा रही है। श्रमिक कानूनों से मजदूरों का हित प्रभावित होने जा रहा है तथा वो बंधुआ मजदूर बन जाएगा। समाजवादी पार्टी ने किसानों और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए राज्य में इन कानूनों को लागू नहीं करने की मांग की।
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इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव अवधेश प्रसाद, पूर्व राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय, एमएलसी लीलावती कुशवाहा, पूर्व विधायक अभय सिंह, अनूप सिंह, जिला महासचिव बख्तियार खान, महासचिव हामिद जाफर, छोटेलाल यादव आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष गंगा सिंह यादव एवं महानगर अध्यक्ष श्यामकृष्ण श्रीवास्तव के नेतृत्व में किए प्रदर्शन में सपाइयों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों से खेती का मालिकाना हक छीन लेना चाहती है। मंडियों को धीरे-धीरे समाप्त करना और मिनिमम सपोर्ट मूल्य भी नहीं देना चाहती है। भाजपा सरकार पूर्णतया पूंजीपतियों के हितों के लिए काम कर रही है।
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लंबे संघर्षों के बाद किसानों को जो आजादी मिली थी, वह कांट्रेक्ट खेती से समाप्त हो जाएगी। कहा कि भाजपा शासनकाल में हजारों किसान अपनी जान गवां चुके हैं। गन्ना किसानों का अभी तक 13 हजार करोड़ रुपये बकाया है। भाजपा सरकार की नीति से देश की संपत्ति निजी हाथों में सौंप दी जा रही है। श्रमिक कानूनों से मजदूरों का हित प्रभावित होने जा रहा है तथा वो बंधुआ मजदूर बन जाएगा। समाजवादी पार्टी ने किसानों और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए राज्य में इन कानूनों को लागू नहीं करने की मांग की।
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इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव अवधेश प्रसाद, पूर्व राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय, एमएलसी लीलावती कुशवाहा, पूर्व विधायक अभय सिंह, अनूप सिंह, जिला महासचिव बख्तियार खान, महासचिव हामिद जाफर, छोटेलाल यादव आदि मौजूद रहे।