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शुरू हो गया सावन मेला: एक्शन में आया प्रशासन, चकाचक हो गईं सड़कें
Sun, 31 Jul 2022 03:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2022 03:30 PM IST
सार
रविवार से अयोध्या में मणिपर्वत पर उत्सव के साथ सावन मेला शुरू हो गया है। इसमें लाखों की संख्या में भक्त उमड़ेंगे। प्रशासन चौकन्ना नजर आ रहा है।
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बनाया गया विद्याकुंड से कनीगंज मार्ग।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रामनगरी अयोध्या का ऐतिहासिक सावन मेला रविवार से शुरू हो गया। इसमें 15 से 20 लाख भक्त जुटते हैं। ऐसे में भक्तों को बेहतर व्यवस्था देने के लिए प्रशासन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मणिपर्वत मेले के तहत निकलने वाली शोभायात्रा के परंपरागत मार्ग जो बदहाल स्थिति में थे, शनिवार को उन मार्गों को चकाचक कर दिया गया।
अमर उजाला ने 28 जुलाई के अंक में कीचड़, जलभराव व टूटी सड़कों से गुजरेंगे श्रद्धालु... शीर्षक से खबर छापकर मेला क्षेत्र की अव्यवस्थाओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था। इसके बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी और मेले के आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में कई टीमें जुट गईं।
मणिपर्वत मेले में मंदिरों से निकलने वाली शोभायात्राओं के परंपरागत मार्गों की स्थिति बहुत ही बदहाल थी। सड़कें टूटी हुईं थीं, कीचड़ व जलभराव की समस्या भी थी। मणिपर्वत मेले के एक दिन पहले विभागीय अधिकारी मेला व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे रहे। प्रशासन ने एक दिन पहले ही परंपरागत शोभायात्रा मार्ग रायगंज-विद्याकुंड की पैचिंग कराई थी लेकिन शुक्रवार रात व शनिवार की सुबह हुई मूसलधार बारिश से पैचिंग की गई सड़कें जगह-जगह धंस गईं, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए, कई स्थानों पर जलभराव हो गया।
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मुख्यमंत्री के दौरे व मणिपर्वत मेला एक साथ होने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई। शनिवार सुबह से लेकर देर शाम तक अधिकारी, कर्मचारी परंपरागत मार्गों को चकाचक करने में जुटे रहे। धंसी सड़कों की दोबारा पैचिंग कराई गई। विद्याकुंड से मणिपर्वत जाने वाले मार्ग को भी चकाचक कर दिया गया है। मणिपर्वत इलाके में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई है। मणिपर्वत की सीढ़ियों पर फिसलन न हो, इसके लिए बालू आदि का छिड़काव कराया गया है। हालांकि बारिश के चलते मेला तैयारियां बाधित हुई हैं, कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
बारिश के चलते जो सड़कें उखड़ गईं थीं, उन्हें फिर से दुरुस्त करने का काम शनिवार देर रात तक जारी रहा। अधिकारी तैयारियों की निगरानी करते नजर आए। विद्याकुंड से मणिपर्वत की ओर जाने वाले मार्ग पर गिट्टी व मिट्टी एक दिन पहले ही डाली गई थी, शनिवार को देर रात तक इस मार्ग पर पैचिंग डालने का काम चलता रहा। इसी मार्ग से लाखों श्रद्धालु मणिपर्वत मेले में जाएंगेे। वहीं जहां जलभराव की स्थिति थी, वहां मिट्टी डालकर ईंटें भी बिछाई जा रही थीं।
एडीएम सिटी/मेलाधिकारी सलिल पटेल का कहना है कि बारिश के चलते मेला की तैयारी बाधित हुई है फिर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में पूरी ताकत लगा दी गई है। शोभायात्रा के परंपरागत मार्गों को चकाचक करा दिया गया है, जलभराव की समस्या को भी दूर करने का निरंतर प्रयास हो रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को बेहतर व्यवस्था देना हमारी प्रतिबद्धता है।
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अमर उजाला ने 28 जुलाई के अंक में कीचड़, जलभराव व टूटी सड़कों से गुजरेंगे श्रद्धालु... शीर्षक से खबर छापकर मेला क्षेत्र की अव्यवस्थाओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था। इसके बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी और मेले के आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में कई टीमें जुट गईं।
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मणिपर्वत मेले में मंदिरों से निकलने वाली शोभायात्राओं के परंपरागत मार्गों की स्थिति बहुत ही बदहाल थी। सड़कें टूटी हुईं थीं, कीचड़ व जलभराव की समस्या भी थी। मणिपर्वत मेले के एक दिन पहले विभागीय अधिकारी मेला व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे रहे। प्रशासन ने एक दिन पहले ही परंपरागत शोभायात्रा मार्ग रायगंज-विद्याकुंड की पैचिंग कराई थी लेकिन शुक्रवार रात व शनिवार की सुबह हुई मूसलधार बारिश से पैचिंग की गई सड़कें जगह-जगह धंस गईं, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए, कई स्थानों पर जलभराव हो गया।
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मुख्यमंत्री के दौरे व मणिपर्वत मेला एक साथ होने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई। शनिवार सुबह से लेकर देर शाम तक अधिकारी, कर्मचारी परंपरागत मार्गों को चकाचक करने में जुटे रहे। धंसी सड़कों की दोबारा पैचिंग कराई गई। विद्याकुंड से मणिपर्वत जाने वाले मार्ग को भी चकाचक कर दिया गया है। मणिपर्वत इलाके में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई है। मणिपर्वत की सीढ़ियों पर फिसलन न हो, इसके लिए बालू आदि का छिड़काव कराया गया है। हालांकि बारिश के चलते मेला तैयारियां बाधित हुई हैं, कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
बारिश के चलते जो सड़कें उखड़ गईं थीं, उन्हें फिर से दुरुस्त करने का काम शनिवार देर रात तक जारी रहा। अधिकारी तैयारियों की निगरानी करते नजर आए। विद्याकुंड से मणिपर्वत की ओर जाने वाले मार्ग पर गिट्टी व मिट्टी एक दिन पहले ही डाली गई थी, शनिवार को देर रात तक इस मार्ग पर पैचिंग डालने का काम चलता रहा। इसी मार्ग से लाखों श्रद्धालु मणिपर्वत मेले में जाएंगेे। वहीं जहां जलभराव की स्थिति थी, वहां मिट्टी डालकर ईंटें भी बिछाई जा रही थीं।
एडीएम सिटी/मेलाधिकारी सलिल पटेल का कहना है कि बारिश के चलते मेला की तैयारी बाधित हुई है फिर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में पूरी ताकत लगा दी गई है। शोभायात्रा के परंपरागत मार्गों को चकाचक करा दिया गया है, जलभराव की समस्या को भी दूर करने का निरंतर प्रयास हो रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को बेहतर व्यवस्था देना हमारी प्रतिबद्धता है।