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संचार कंपनियों ने निकाला दीवाला
Faizabad
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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फैजाबाद। दीपों के पर्व दीपावली पर संचार कंपनियों ने उपभोक्ता का दीवाला निकाल लिया। दरअसल, सरकारी क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड समेत अन्य निजी कंपनियों ने दीवाली पर ब्लैक आउट-डे मनाया। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा। जिससे कि त्योहार पर परिचितों व शुभचिंतकों को बधाई देना महंगा पड़ा। कारण ये कि ब्लैक आउट-डे की वजह से सभी रियायती वाउचर (टैरिफ) निरर्थक साबित हुए। चाहे वह टॉक टाइम का रहा हो या फिर मैसेज का।
संचार कंपनियों पर नियंत्रण रखने वाले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र की सभी कंपनियों को वर्षभर में पांच दिन ब्लैक आउट-डे मनाने की छूट दे रखी है। संचार कंपनियां ब्लैक आउट-डे मनाने के लिए ऐसे विशेष दिन चुनती हैं, जब उपभोक्ता मोबाइल का सर्वाधिक उपयोग करते हैं। सभी कंपनियां अलग-अलग दिनों में ब्लैक आउट-डे मनाती हैं, पर कभी-कभी कंपनियों के ब्लैक आउट-डे एक ही दिन पड़ जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ता चाहे जिस कंपनी का सिम इस्तेमाल करें, बात करने और बधाई संदेश (एसएमएस) भेजने में अतिरिक्त पैसे कटते हैं। ब्लैक आउट-डे के दिन कोई भी टैरिफ वाउचर वैध नहीं होते, इससे ग्राहकों पर बोझ पड़ता है। अपने परिचितों से बात करने और उन्हें बधाई संदेश भेजने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
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संचार कंपनियों पर नियंत्रण रखने वाले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र की सभी कंपनियों को वर्षभर में पांच दिन ब्लैक आउट-डे मनाने की छूट दे रखी है। संचार कंपनियां ब्लैक आउट-डे मनाने के लिए ऐसे विशेष दिन चुनती हैं, जब उपभोक्ता मोबाइल का सर्वाधिक उपयोग करते हैं। सभी कंपनियां अलग-अलग दिनों में ब्लैक आउट-डे मनाती हैं, पर कभी-कभी कंपनियों के ब्लैक आउट-डे एक ही दिन पड़ जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ता चाहे जिस कंपनी का सिम इस्तेमाल करें, बात करने और बधाई संदेश (एसएमएस) भेजने में अतिरिक्त पैसे कटते हैं। ब्लैक आउट-डे के दिन कोई भी टैरिफ वाउचर वैध नहीं होते, इससे ग्राहकों पर बोझ पड़ता है। अपने परिचितों से बात करने और उन्हें बधाई संदेश भेजने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
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