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अभियंता के खिलाफ गैर जमानती वारंट
Faizabad
Updated Fri, 25 Jul 2014 05:30 AM IST
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फैजाबाद। फर्म में साझीदार बनाने का झांसा देकर दो लाख हड़पने के मामले में जलनिगम के सीएंडडीएस में तैनात अभियंता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञान प्रकाश सिंह की अदालत से हुआ है।
तारुन थाने के युवराज पंडित व पुरवा निवासी संतोष कुमार दुबे ठेकेदार हैं। वह शहर के निराला नगर में रहते हैं। आरोप है कि अभियंता आरएस श्रीवास्तव ने संतोष से कहा कि वह अपनी पत्नी, भाई व पुत्र के नाम से देवांश नामक फर्म चला रहे हैं, अगर वह इसमें साझीदार हो जाएं तो वह ए ग्रेड का ठेकेदार हो जाएगा। संतोष ने साझीदार बनने के लिए ढाई लाख रुपये दे दिए। बाद में पता चला कि अभियंता इसी तरीके से लोगों से रुपये हड़पने का कार्य करता है। तब संतोष ने अभियंता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में भेज दिया। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
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तारुन थाने के युवराज पंडित व पुरवा निवासी संतोष कुमार दुबे ठेकेदार हैं। वह शहर के निराला नगर में रहते हैं। आरोप है कि अभियंता आरएस श्रीवास्तव ने संतोष से कहा कि वह अपनी पत्नी, भाई व पुत्र के नाम से देवांश नामक फर्म चला रहे हैं, अगर वह इसमें साझीदार हो जाएं तो वह ए ग्रेड का ठेकेदार हो जाएगा। संतोष ने साझीदार बनने के लिए ढाई लाख रुपये दे दिए। बाद में पता चला कि अभियंता इसी तरीके से लोगों से रुपये हड़पने का कार्य करता है। तब संतोष ने अभियंता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में भेज दिया। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
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