{"_id":"126-81376","slug":"Faizabad-81376-126","type":"story","status":"publish","title_hn":"रथ पर निकले प्रभु जगन्नाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रथ पर निकले प्रभु जगन्नाथ
Faizabad
Updated Tue, 01 Jul 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। उड़ीसा के जगन्नाथपुरी की परंपरा के तहत रविवार को रामनगरी में भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। मठ-मंदिरों से संत-धर्माचार्यों के नेतृत्व में निकली यात्रा में श्रद्धालु व संत जयकारों व भजन गीतों के बीच झूमते व नाचते रहे। यात्रा के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। शाम को हुई बारिश से यात्रा मार्ग पर जलभराव व खराब मार्ग को लेकर लोग परेशान हुए।
भगवान जगन्नाथ जयंती पर्व पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रथयात्रा को लेकर सप्ताह भर से मंदिरों में उत्सव का माहौल रहा। यात्रा में निकलने वाले रथों के साथ-साथ अन्य तैयारियां जोरों पर रहीं। विवादित परिसर से सटे प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में रथोत्सव महोत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन कीर्तन आदि के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ की झांकी सजाई गई। दूसरी बेला चार बजे के बाद मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकली। इसी तरह नगरी के कनक भवन, लवकुश मंदिर, बड़ा स्थान, हनुमानगढ़ी सहित अन्य मंदिरों से गाजे-बाजे के बीच नगर के विभिन्न मार्गों से रथयात्रा निकली। यात्रा हनुमानगढ़ी चौराहा, रानीबाजार चौराहा, रामघाट होते हुए सरयू तट संत तुलसी दास घाट पहुंची। यहां पर मां सरयू का पूजन-अर्चन करने के बाद वापस मंदिरों में लौट गई।
देर शाम तक मंदिरों से निकलने वाली यात्राएं निकलती रहीं। रामघाट चौराहे से रामसेवकपुरम मार्ग के ऊबड़ खाबड़ रास्तों और शाम को हुई बारिश के बाद हुए जलभराव से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। रथयात्रा के मद्देनजर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भगवान जगन्नाथ जयंती पर्व पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रथयात्रा को लेकर सप्ताह भर से मंदिरों में उत्सव का माहौल रहा। यात्रा में निकलने वाले रथों के साथ-साथ अन्य तैयारियां जोरों पर रहीं। विवादित परिसर से सटे प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में रथोत्सव महोत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन कीर्तन आदि के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ की झांकी सजाई गई। दूसरी बेला चार बजे के बाद मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकली। इसी तरह नगरी के कनक भवन, लवकुश मंदिर, बड़ा स्थान, हनुमानगढ़ी सहित अन्य मंदिरों से गाजे-बाजे के बीच नगर के विभिन्न मार्गों से रथयात्रा निकली। यात्रा हनुमानगढ़ी चौराहा, रानीबाजार चौराहा, रामघाट होते हुए सरयू तट संत तुलसी दास घाट पहुंची। यहां पर मां सरयू का पूजन-अर्चन करने के बाद वापस मंदिरों में लौट गई।
विज्ञापन
देर शाम तक मंदिरों से निकलने वाली यात्राएं निकलती रहीं। रामघाट चौराहे से रामसेवकपुरम मार्ग के ऊबड़ खाबड़ रास्तों और शाम को हुई बारिश के बाद हुए जलभराव से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। रथयात्रा के मद्देनजर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
विज्ञापन