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अस्ताचलगामी आदित्य को अर्घ्य दे मांगी सुख-समृद्धि
Faizabad
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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अयोध्या। जुड़वा नगरों में छठ पूजा की धूूम रही। कार्तिक शुक्ल सप्तमी के अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। लोग अर्घ्य सामग्री के साथ सरयू तट की ओर उन्मुख रहे। सरयू जल के अलावा दूध से भी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया गया। अर्घ्य के बाद सूर्य देव को गन्ना सहित भांति-भांति के फलों का भोग लगाया गया।
निष्काम सेवा ट्रस्ट के व्यवस्थापक व ज्योतिषाचार्य महंत रामचंद्रदास ने बताया कि यह व्रत माताएं बच्चों के कल्याण के लिए रखती हैं। सूर्य देव के इस व्रत से चर्म रोग से भी मुक्ति मिलती है। ज्योतिष की दृष्टि से माह भर तक सूर्य तुला के होकर अपनी नीच राशि में होते हैं। ऐसे में यह व्रत प्रतिकूल अवस्था में जाते भगवान सूर्य के प्रति संपूर्ण आस्था और विश्वास व्यक्त करने का होता है। सायं सरयू तट पर ही नहीं सरयू की ओर जाते मार्गों पर उमड़ने वाले जन ज्वार से यह बयां हुआ कि छठ का मौका रामनगरी में लोकोत्सव का रुख लेता जा रहा है। उधर श्री सरयू अवध बालक समाज के संयोजन में प्रात: नौ बजे सूर्य पूजन व राम नाम संकीर्तन के साथ उत्सव का आरंभ किया गया। सायं सूर्यास्त के समय 1151 बत्ती से पावन सलिला की महाआरती की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश एग्रो के एमडी हुकुम चंद पालीवाल रहे। विशिष्ट अतिथि महंत गिरीश पति त्रिपाठी रहे व अध्यक्षता पत्थर मंदिर के महंत जयरामदास ने की।
आयोजक कृष्णकुमार मिश्र बर्फी महाराज ने बताया कि रविवार को सायं सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ शुरू समारोह का समापन मंगलवार को प्रात: सरयू तट पर ही होगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी होंगे।
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निष्काम सेवा ट्रस्ट के व्यवस्थापक व ज्योतिषाचार्य महंत रामचंद्रदास ने बताया कि यह व्रत माताएं बच्चों के कल्याण के लिए रखती हैं। सूर्य देव के इस व्रत से चर्म रोग से भी मुक्ति मिलती है। ज्योतिष की दृष्टि से माह भर तक सूर्य तुला के होकर अपनी नीच राशि में होते हैं। ऐसे में यह व्रत प्रतिकूल अवस्था में जाते भगवान सूर्य के प्रति संपूर्ण आस्था और विश्वास व्यक्त करने का होता है। सायं सरयू तट पर ही नहीं सरयू की ओर जाते मार्गों पर उमड़ने वाले जन ज्वार से यह बयां हुआ कि छठ का मौका रामनगरी में लोकोत्सव का रुख लेता जा रहा है। उधर श्री सरयू अवध बालक समाज के संयोजन में प्रात: नौ बजे सूर्य पूजन व राम नाम संकीर्तन के साथ उत्सव का आरंभ किया गया। सायं सूर्यास्त के समय 1151 बत्ती से पावन सलिला की महाआरती की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश एग्रो के एमडी हुकुम चंद पालीवाल रहे। विशिष्ट अतिथि महंत गिरीश पति त्रिपाठी रहे व अध्यक्षता पत्थर मंदिर के महंत जयरामदास ने की।
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आयोजक कृष्णकुमार मिश्र बर्फी महाराज ने बताया कि रविवार को सायं सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ शुरू समारोह का समापन मंगलवार को प्रात: सरयू तट पर ही होगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि महंत कौशल किशोर शरण फलाहारी होंगे।
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