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चौरासी कोसी परिक्रमार्थी पहुंचे रामपुरभगन

Thu, 25 Apr 2019 11:49 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2019 11:49 PM IST
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चौरासी कोसी परिक्रमार्थी पहुंचे रामपुरभगन
चौरासी कोसी परिक्रमार्थी पहुंचे रामपुरभगन
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अयोध्या। श्री अयोध्या धाम चौरासी कोसी परिक्रमा धर्मार्थ सेवा संस्थान और हनुमान मंडल के नेतृत्व में परंपरागत 84 कोसी परिक्रमा यात्रा मखभूमि मखौड़ा से चलकर छठवें दिन गुरुवार को तारुन से आगे बढ़ी।

यात्रा ऐतिहासिक धार्मिक स्थल सूर्यकुंड उंचगांव रामपुरभगन पहुंची। संस्थान के परिक्रमार्थी यहां विश्राम करेंगे जबकि हनुमान मंडल के परिक्रमार्थी यहां से आगे निकल गए।
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महंत गयादास के नेतृत्व में अयोध्या धाम चौरासी कोसी परिक्रमार्थियों ने तारुन ब्लॉक क्षेत्र के आगागंज में पांचवें पड़ाव पर रात्रि विश्राम किया। गुरुवार सुबह अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
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आस्था और श्रद्धा के आगे आग उगलती सड़क, कटे हुए गेहूं के खेत और भयंकर गर्मी भी परिक्रमा में शामिल साधू संतों, गृहस्थों के पग नहीं रोक पा रही है।

पुण्य कमाने और परलोक सुधारने की ललक जहां परिक्रमाथियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, वहीं क्षेत्र में प्रचलित किवंदती के कारण यहां रामपुरभगन और क्षेत्रीय निवासियों में संतों की सेवा करने की होड़ लगी रहती है।

गौरतलब है कि 84 कोसी परिक्रमा का यहां रात्रि पड़ाव होता है। पुण्य कमाने की ललक और कर्ज से मुक्ति की लालसा से ग्रामवासी संतों की सेवा करते हैं।

यहां हनुमानगढ़ी के महंत दिनेश शास्त्री ने बताया कि कालांतर में यहां के तालुकेदार रहे भगनराय ने मालगुजारी के लिए प्राप्त धनराशि और अनाज संतों की सेवा में खर्च कर दिया था।

कुछ दिन बाद जब फिर मालगुजारी जमा करने के लिए राजा के यहां पहुंचे तो वहां रामपुरभगन गांव की मालगुजारी खाते में जमा मिली। संतों के प्रताप से ही रामपुर को तभी से भगन के रामपुर कहा जाने लगा और यहां मांगलिक कार्यों में बाबा भगन राय के घर की चौखट पूजी जाने लगी। यह प्रथा आज भी कायम है।

सेवा करने की भावना हिंदू समुदाय के साथ मुस्लिम समुदाय में यहां देखने को मिलती है। नंदू कसौधन, छोटेलाल, मोनू, राजेंद्र वर्मा, रामदीन कसौधन, सिराज अहमद और सईद अहमद सेवा करने में तत्पर रहे।

परिक्रमा संचालक महंत गयादास ने बताया कि डेढ़ हजार में दो सौ महिलाएं भी परिक्रमा कर रही है। उन्होंने परिक्रमा मार्ग में प्रकाश और पानी की व्यवस्था सहित दूसरी सुविधाएं 14 कोसी की तर्ज पर करने की मांग शासन से की है।


परिक्रमा का अगला रात्रि पड़ाव शुक्रवार को सीता कुंड दराबगंज में होगा। हनुमान मंडल के परिक्रमार्थी यहां से आगे निकल गए। इसके संयोजक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हनुमान मंडल के परिक्रमार्थी का रात्रि पड़ाव बीकापुर के खेमासराय में होगा।
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