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भाजपा से हारी सीट हासिल करने फिर उतरेंगे निर्मल खत्री
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भाजपा से हारी सीट हासिल करने फिर उतरेंगे निर्मल खत्री
अयोध्या। लोकसभा चुनाव के महासमर में उतरने के लिए अब महारथियों के नाम सामने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने अपनी 2014 में हारी सीट को फिर से जीतने के लिए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद शहर के बजाजा मोहल्ला निवासी डॉ. निर्मल खत्री को फैजाबाद से लोकसभा चुनाव में मैदान में उतारने की बृहस्पतिवार को घोषणा कर दी।
डॉ. निर्मल खत्री 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा के मित्रसेन यादव को हराकर विजयी हुए थे। वे 1980 में पहली बार विधायक चुने गए थे, तब उनका युवा प्रभाव ऐसा था कि प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनाए गए।
इसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या से उपजी लहर में 1985 में पहली बार यहां से लोकसभा सांसद बने। मगर अगले चुनाव में परंपरागत प्रतिद्वंद्वी मित्रसेन से यादव से मात्र चार हजार वोट से हार गए। यह बदला उन्होंने चुकता किया था 2009 में।
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मगर 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा के लल्लू सिंह से करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाए गए।
डॉ. खत्री का कहना है कि मोदी सरकार जिस तरह से हर मोर्चे पर देश का सत्यानाश कर रही है, उसे उखाड़ फेंकने के लिए सभी विपक्षी दलों का एकजुट होना जरूरी है।
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अयोध्या। लोकसभा चुनाव के महासमर में उतरने के लिए अब महारथियों के नाम सामने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने अपनी 2014 में हारी सीट को फिर से जीतने के लिए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद शहर के बजाजा मोहल्ला निवासी डॉ. निर्मल खत्री को फैजाबाद से लोकसभा चुनाव में मैदान में उतारने की बृहस्पतिवार को घोषणा कर दी।
डॉ. निर्मल खत्री 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा के मित्रसेन यादव को हराकर विजयी हुए थे। वे 1980 में पहली बार विधायक चुने गए थे, तब उनका युवा प्रभाव ऐसा था कि प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनाए गए।
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इसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या से उपजी लहर में 1985 में पहली बार यहां से लोकसभा सांसद बने। मगर अगले चुनाव में परंपरागत प्रतिद्वंद्वी मित्रसेन से यादव से मात्र चार हजार वोट से हार गए। यह बदला उन्होंने चुकता किया था 2009 में।
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मगर 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा के लल्लू सिंह से करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाए गए।
डॉ. खत्री का कहना है कि मोदी सरकार जिस तरह से हर मोर्चे पर देश का सत्यानाश कर रही है, उसे उखाड़ फेंकने के लिए सभी विपक्षी दलों का एकजुट होना जरूरी है।