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चार विकास खंडों में बनेंगे कृषि कल्याण केंद्र
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चार मॉडल कृषि कल्याण केंद्र बनेंगे
अयोध्या। किसानों को एक ही छत के नीचे खेती की नई तकनीक सहित कृषि से संबंधित समस्त सूचनाएं मुहैया कराने व खाद, बीज, कृषि यंत्र व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले के चार विकास खंडों पर मॉडल कृषि कल्याण केंद्र स्थापित करने की कवायद शुरू हुई है। बीते माह 80.59 लाख प्रति केंद्र के हिसाब से कुल 3.22 करोड़ की लागत निर्धारित करके प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
ब्लॉक मुख्यालयों पर बने बीज भंडार जीर्ण-शीर्ण अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं। यहां संसाधनों के अभाव में किसानों को मुहैया कराई जाने वाली सुविधाएं भी नाकाफी प्रतीत होती हैं। जबकि सरकार शुरू से ही किसानों की आय दोगुना करने को लेकर गंभीर है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए अब जिले में चार और कृषि कल्याण केंद्र खोले जाने की कवायद शुरू हुई है।
जिसमें किसानों का पंजीकरण होने से लेकर कृषि रक्षा इकाई की समस्त सुविधाएं, खाद, बीज, पेस्टिसाइड्स, कृषि यंत्र आदि उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही किसानों को तकनीकी सलाह, खेती करने के नए-नए तरीके, तमाम आधुनिक विधियों का प्रशिक्षण, कृषि यंत्रों का बेहतर उपयोग आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्नतिशील खेती के बेहतर तरीकों के लिए पत्रिकाएं भी किसानों को वितरित की जाएंगी।
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दूसरे चरण में जिले के मवई, रुदौली, सोहावल व मिल्कीपुर ब्लॉक में कृषि कल्याण केंद्र बनाने की रणनीति बनाई गई है। ब्लॉक परिसर में सभी संसाधनों व सुविधाओं से युक्त परिसर का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में केंद्र के निर्माण के लिए 80 लाख 59 हजार रुपये की लागत निर्धारित की गई है।
इसके लिए शासन की ओर से कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 14 दिसंबर को निर्माण कार्यों का खाका खींचकर कृषि विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। दावा किया जा रहा है कि छह माह में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। कृषि विभाग के पटल प्रभारी विवेक दूबे ने बताया कि तमाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह परिसर एक मॉडल कृषि कल्याण केंद्र होगा।
जिसमें जिले के उद्यान विभाग, मृदा परीक्षण सहित तमाम अधिकारी व कृषि विभाग के अनेक विशेषज्ञ प्रतिदिन मौजूद रहेंगे। किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान यहां आ सकते हैं। साथ ही यहां पर उन्नत प्रजाति के बीज, तमाम रासायनिक उर्वरक, पेस्टिसाइड्स आदि मौजूद रहेंगे। इस केंद्र पर किसानों का पंजीकरण भी कराया जाएगा।
किसान कल्याण केंद्र पर आने पर किसानों को कृषि से संबंधित हर प्रकार की मदद की जाएगी। बताया कि जिस समस्या का निदान तत्समय हो सकेगा, उसे तुरंत कर दिया जाएगा, अन्यथा की स्थिति में किसानों को संबंधित पटल पर भेज दिया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी दिवस के मौके पर कृषि कल्याण केंद्रों का शिलान्यास करने के बाद जिले के अमानीगंज ब्लॉक में कृषि कल्याण केंद्र का निर्माण कार्य एक प्रयोग के तौर पर शुरू कराया गया था।
जो कि अब लगभग पूर्ण हो चुका है। दूसरे चरण में बनने वाला कृषि कल्याण केंद्रों को मिलाकर जिले में अब पांच केंद्र हो जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी अयोध्या बीके सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से जिले में चार और कृषि कल्याण केंद्र खोले जाएंगे। इससे पहले अमानीगंज में बन रहा केंद्र अब लगभग तैयार हो चुका है। ये केंद्र एक मॉडल कृषि कल्याण केंद्र होंगे। धन अवमुक्त होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। छह माह में निर्माण पूर्ण करने के निर्देश हैं।
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अयोध्या। किसानों को एक ही छत के नीचे खेती की नई तकनीक सहित कृषि से संबंधित समस्त सूचनाएं मुहैया कराने व खाद, बीज, कृषि यंत्र व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले के चार विकास खंडों पर मॉडल कृषि कल्याण केंद्र स्थापित करने की कवायद शुरू हुई है। बीते माह 80.59 लाख प्रति केंद्र के हिसाब से कुल 3.22 करोड़ की लागत निर्धारित करके प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
ब्लॉक मुख्यालयों पर बने बीज भंडार जीर्ण-शीर्ण अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं। यहां संसाधनों के अभाव में किसानों को मुहैया कराई जाने वाली सुविधाएं भी नाकाफी प्रतीत होती हैं। जबकि सरकार शुरू से ही किसानों की आय दोगुना करने को लेकर गंभीर है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए अब जिले में चार और कृषि कल्याण केंद्र खोले जाने की कवायद शुरू हुई है।
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जिसमें किसानों का पंजीकरण होने से लेकर कृषि रक्षा इकाई की समस्त सुविधाएं, खाद, बीज, पेस्टिसाइड्स, कृषि यंत्र आदि उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही किसानों को तकनीकी सलाह, खेती करने के नए-नए तरीके, तमाम आधुनिक विधियों का प्रशिक्षण, कृषि यंत्रों का बेहतर उपयोग आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्नतिशील खेती के बेहतर तरीकों के लिए पत्रिकाएं भी किसानों को वितरित की जाएंगी।
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दूसरे चरण में जिले के मवई, रुदौली, सोहावल व मिल्कीपुर ब्लॉक में कृषि कल्याण केंद्र बनाने की रणनीति बनाई गई है। ब्लॉक परिसर में सभी संसाधनों व सुविधाओं से युक्त परिसर का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में केंद्र के निर्माण के लिए 80 लाख 59 हजार रुपये की लागत निर्धारित की गई है।
इसके लिए शासन की ओर से कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 14 दिसंबर को निर्माण कार्यों का खाका खींचकर कृषि विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। दावा किया जा रहा है कि छह माह में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। कृषि विभाग के पटल प्रभारी विवेक दूबे ने बताया कि तमाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह परिसर एक मॉडल कृषि कल्याण केंद्र होगा।
जिसमें जिले के उद्यान विभाग, मृदा परीक्षण सहित तमाम अधिकारी व कृषि विभाग के अनेक विशेषज्ञ प्रतिदिन मौजूद रहेंगे। किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान यहां आ सकते हैं। साथ ही यहां पर उन्नत प्रजाति के बीज, तमाम रासायनिक उर्वरक, पेस्टिसाइड्स आदि मौजूद रहेंगे। इस केंद्र पर किसानों का पंजीकरण भी कराया जाएगा।
किसान कल्याण केंद्र पर आने पर किसानों को कृषि से संबंधित हर प्रकार की मदद की जाएगी। बताया कि जिस समस्या का निदान तत्समय हो सकेगा, उसे तुरंत कर दिया जाएगा, अन्यथा की स्थिति में किसानों को संबंधित पटल पर भेज दिया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी दिवस के मौके पर कृषि कल्याण केंद्रों का शिलान्यास करने के बाद जिले के अमानीगंज ब्लॉक में कृषि कल्याण केंद्र का निर्माण कार्य एक प्रयोग के तौर पर शुरू कराया गया था।
जो कि अब लगभग पूर्ण हो चुका है। दूसरे चरण में बनने वाला कृषि कल्याण केंद्रों को मिलाकर जिले में अब पांच केंद्र हो जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी अयोध्या बीके सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से जिले में चार और कृषि कल्याण केंद्र खोले जाएंगे। इससे पहले अमानीगंज में बन रहा केंद्र अब लगभग तैयार हो चुका है। ये केंद्र एक मॉडल कृषि कल्याण केंद्र होंगे। धन अवमुक्त होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। छह माह में निर्माण पूर्ण करने के निर्देश हैं।