{"_id":"5b6882fa4f1c1b07788b7f5e","slug":"81533575930-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार तांत्रिकों को किशोर की बलि देने में आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार तांत्रिकों को किशोर की बलि देने में आजीवन कारावास
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशोर की बलि देने वाले चार तांत्रिकों को आजीवन कारावास
फैजाबाद। दीपावली के दिन तंत्र-मंत्र जगाने व गड़ा धन पाने के लिए 12 वर्षीय किशोर की बलि देने के मामले में कोर्ट ने चार तांत्रिकों को दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीन पर सात-सात हजार व मुख्य आरोपी तुफैल पर आठ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। फैसला अपर जिलाजज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ। एडीजीसी अजय प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना 24 अक्तूबर 2011 की है। मवई के चंद्रामऊ पट्टी में अपने ननिहाल में रह रहा 12 वर्षीय किशोर राजा लापता हो गया। घटना के दो दिन बाद उसकी लाश गांव के समीप झाड़ियों से बरामद हुई। इसकी रिपोर्ट मृतक किशोर के बाबा मकबूल खां ने चंद्रामऊ पट्टी निवासी बख्शीश, मैनुद्दीन, तुफैल व अनवर अहमद के खिलाफ लिखाई थी। दौरान विवेचना पता चला कि इन चारों ने गड़ा धन पाने की लालच में किशोर का अपहरण करके उसका गला रेत कर बलि दे दी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव झाड़ी में छिपा दिया। सुनवाई के बाद चारों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन
फैजाबाद। दीपावली के दिन तंत्र-मंत्र जगाने व गड़ा धन पाने के लिए 12 वर्षीय किशोर की बलि देने के मामले में कोर्ट ने चार तांत्रिकों को दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीन पर सात-सात हजार व मुख्य आरोपी तुफैल पर आठ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। फैसला अपर जिलाजज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ। एडीजीसी अजय प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना 24 अक्तूबर 2011 की है। मवई के चंद्रामऊ पट्टी में अपने ननिहाल में रह रहा 12 वर्षीय किशोर राजा लापता हो गया। घटना के दो दिन बाद उसकी लाश गांव के समीप झाड़ियों से बरामद हुई। इसकी रिपोर्ट मृतक किशोर के बाबा मकबूल खां ने चंद्रामऊ पट्टी निवासी बख्शीश, मैनुद्दीन, तुफैल व अनवर अहमद के खिलाफ लिखाई थी। दौरान विवेचना पता चला कि इन चारों ने गड़ा धन पाने की लालच में किशोर का अपहरण करके उसका गला रेत कर बलि दे दी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव झाड़ी में छिपा दिया। सुनवाई के बाद चारों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।