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विभूतियों के लिए राष्ट्र ही था उनका परिवार: रीता बहुगुणा

Sun, 09 Sep 2018 11:18 PM IST
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:18 PM IST
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विभूतियों के लिए राष्ट्र ही था उनका परिवार: रीता बहुगुणा
विभूतियों के लिए राष्ट्र ही था उनका परिवार : रीता
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फैजाबाद। अखिल भारतीय हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति एवं डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संत कबीर सभागार में सोशल मीडिया: वरदान या अभिशाप विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि हमारे देश में बहुत सी विभूतियां हुई हैं।

जिनके लिए राष्ट्र ही उनका परिवार था। उन्हीं में एक नाम हेमवती नंदन बहुगुणा का भी है। प्रो. बहुगुणा ने कहा कि पुरोधा नेताओं के जीवन को देखने पर एक बात स्पष्ट है कि सभी ज्ञानी जन थे। उन लोगों ने डिग्री या उपाधि के लिए नहीं बल्कि ज्ञान को प्राप्त करने के लिए विद्या संस्थानों में शिक्षा ग्रहण की। वे लोग राष्ट्र की नब्ज को अच्छी तरह समझते थे और आवश्यकता पड़ने पर समुचित कार्यवाही भी करते थे।
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विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार इंदु भूषण पांडेय ने हेमवती नंदन बहुगुणा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बहुगुणी होने के कारण ही उनके परिवार को बहुगुणा की उपाधि दी गई। कहा कि प्रतियोगिता का विषय आज के परिदृश्य में सारगर्भित एवं ज्वलंत है। सोशल मीडिया का उपयोग भारतीय समाज में बड़े पैमाने पर हो रहा है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि जब भी कोई अविष्कार होता है तो उसका उपयोग भी होता है और दुरुपयोग भी। किंतु दुरुपयोग से समाज में विध्वंस होता है। सोशल मीडिया पर यह बात लागू होती है। सोशल मीडिया के खबरों को डबल फिल्टर से देखने की जरूरत है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. फारूख जमाल द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के उप समन्वयक डॉ. विनोद चौधरी ने किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. प्रदीप खरे, डॉ. नजीर नजर एवं शुचिता पांडेय सम्मिलित रही।

इस अवसर पर कार्य परिषद् सदस्य ओपी सिंह, गिरीशपति त्रिपाठी, मुख्य नियंता प्रो. आरएन राय, प्रो.आशुतोष सिन्हा, प्रो. आरके तिवारी, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, डॉ. आरके सिंह, डॉ. विनोद श्रीवास्तव, डॉ. वंदिता पांडेय, डॉ. शेलेंद्र कुमार आदि शिक्षकों सहित प्रतिभागी विद्यार्थियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।


प्रतियोगिता में आवासीय परिसर के समस्त विभाग एवं विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय स्तर के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विश्वविद्यालय स्तर पर विजयी प्रतिभागी 18 सितंबर को लखनऊ में आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
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