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मासूमों को लेकर कड़ी धूप में भटकीं महिलाएं
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अयोध्या। जिले में सोमवार को होने वाले मतदान के लिए महिला कर्मियों को भी तैनात किया गया है। रविवार को पोलिंग पार्टी रवाना स्थल पर सुबह से ही पहुंचने लगी थीं।
बड़ी तादाद में महिलाएं नन्हेे-मुन्ने बच्चों को गोद में लेकर धूप में जूझती दिखीं। कई महिला मतदान कर्मी ऐसी थीं, जिनके पति की ड्यूटी भी लगी थी, लिहाजा उन्हें ही अपने मासूम बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। चार माह के मासूम के साथ भी महिलाएं दिखीं, जिनका कहना था कि बार-बार फरियाद के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
कमला वर्मा की ड्यूटी प्राथमिक विद्यालय रकईपुर बीकापुर में लगी है। वह बताती हैं कि उनके पति की भी चुनाव में ड्यूटी लगी है। घर में किसी के न होने के कारण बच्चे को भी चुनाव ड्यूटी पर साथ लाना पड़ा।
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भेलसर के सखी बूथ पर तैनात महिला कर्मी सुमन बताती हैं कि उनका चार माह का छोटा बच्चा है। कड़ी धूप में बच्चे को मतदान स्थल तक ले जाना मजबूरी है। गोरियामऊ के पोलिंग बूथ पर तैनात रीना बताती हैं कि घर में किसी के न होने के कारण छोटे बच्चे को पोलिंग बूथ पर ले जाना मजबूरी है।
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बड़ी तादाद में महिलाएं नन्हेे-मुन्ने बच्चों को गोद में लेकर धूप में जूझती दिखीं। कई महिला मतदान कर्मी ऐसी थीं, जिनके पति की ड्यूटी भी लगी थी, लिहाजा उन्हें ही अपने मासूम बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। चार माह के मासूम के साथ भी महिलाएं दिखीं, जिनका कहना था कि बार-बार फरियाद के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
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कमला वर्मा की ड्यूटी प्राथमिक विद्यालय रकईपुर बीकापुर में लगी है। वह बताती हैं कि उनके पति की भी चुनाव में ड्यूटी लगी है। घर में किसी के न होने के कारण बच्चे को भी चुनाव ड्यूटी पर साथ लाना पड़ा।
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भेलसर के सखी बूथ पर तैनात महिला कर्मी सुमन बताती हैं कि उनका चार माह का छोटा बच्चा है। कड़ी धूप में बच्चे को मतदान स्थल तक ले जाना मजबूरी है। गोरियामऊ के पोलिंग बूथ पर तैनात रीना बताती हैं कि घर में किसी के न होने के कारण छोटे बच्चे को पोलिंग बूथ पर ले जाना मजबूरी है।