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62.14 करोड़ से अयोध्या के विकास में लापरवाही

Thu, 10 May 2018 12:16 AM IST
Updated Thu, 10 May 2018 12:16 AM IST
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62.14 करोड़ से अयोध्या के विकास में लापरवाही
62.14 करोड़ से अयोध्या के विकास में लापरवाही
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अयोध्या। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में अहम रामनगरी का विकास अब अफसरशाही और इंजीनियरों के कॉकश का शिकार हो रहा है। अयोध्या के घाटों को चमकाने से लेकर मंदिरों तक श्रद्धालुओं को तमाम सुविधाएं देने के लिए कुल 20 परियोजनाओं पर 62.14 करोड़ की धनराशि आवंटित होने के बाद भी मात्र तीन जगह काम शुरू हो पाया है। 10 कार्यों का अभी तक डायग्राम ही नहीं फाइनल हो पाया है। जबकि बाकी कार्यों में कहीं जमीन ही तय नहीं है, तो कहीं काम करने का अनुमति का इंतजार है।
हालत इतनी खराब है कि पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी खुद यहां शुक्रवार को दौरा कर विकास कार्यों में लापरवाही पर जेल भेजने की चेतावनी दे चुकी हैं, मगर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। पर्यटन सचिव एके अवस्थी ने भी 12 घंटे में सभी परियोजनाओं की अड़चनें की दूर करने की सख्त हिदायत दी थी। इसके बाद भी डायग्राम, भूमि की लोकेशन, भूमि की उपलब्धता और कार्य कराने की तकनीकी अनुमति में आनाकानी चल रही है। अयोध्या में तीन कार्य जमीन पर शुरू होते दिख रहे हैं। इसमें एक करोड़ 65 लाख में दिगबंर अखाड़ा में मल्टीपरपज हाल, 3 करोड़ 2 लाख में रामकथा गैलरी और फैजाबाद में पाटेश्वरी देवी मंदिर को 20 लाख खर्च कर सजाने का काम है। बाकी 17 परियोजनाओं पर सख्त हिदायतों का कोई असर नहीं है।
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यह काम अभी नहीं हुए शुरू
2.33 करोड़ : रानी हो मेमोरियल के लिए 2 करोड़ 33 लाख स्वीकृत है। इसका डायग्राम कार्यदायी संस्था को मिल चुका है। मगर अभी तक कार्य की रूपरेखा और अनुमति नहीं मिली है।
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4.88 करोड़ : नया बस स्टेशन हाइवे से नयाघाट मार्ग पर बनाने का प्रस्ताव है। इसका धन आवंटन हो चुका है। लेकिन अभी तक जमीन की उपलब्धता ही नहीं हो पाई है। मामले में डीएम ने पर्यटन सचिव को चौबीस घंटे के अंदर जमीन उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक परिवहन विभाग को कोई पत्र नहीं मिला है।
8.98 करोड़ : अयोध्या के पुराने बस अड्डे पर आधुनिक पार्किंग सुविधा का काम भी नहीं शुरू हुआ है। इसका डायग्राम तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। साथ ही भूमि को लेकर एएसआई की आपत्ति का निस्तारण पेंडिंग है।
1.37 करोड़ : अयोध्या में टूरिस्ट सेल्टर बनाने के लिए धनराशि उपलब्ध है। लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। इसका डायग्राम इंजीनियरों ने उपलब्ध करा दिया है, लेकिन अभी तक पर्यटन विभाग इसकी लोकेशन तय नहीं कर पाया है।
7.82 करोड़ : हरि की पैड़ी की तर्ज पर बनी राम की पैड़ी के सौंदर्यीकरण की योजना मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। राम की पैड़ी को दीपावली से पहले चमकाने के लिए नई टाइल्स, पत्थर, बैरिकेटिंग, पार्क आदि के काम अभी नहीं शुरू हो पाए हैं। संबंधित इंजीनियरों ने तमाम हिदायत के बाद भी कार्य की ड्राइंग तक नहीं उपलब्ध कराई है। इसकी अनुमति और तमाम तकनीकी डिटेल कार्यदायी संस्था को नहीं दी गई है।
4 लाख : रेलवे स्टेशन पर यात्री सूचना केंद्र बनाने के लिए नक्शा तो दे दिया गया है, मगर इसकी लोकेशन चिह्नित नहीं हो पाई है।
8.02 करोड़ : सिटी वाइड इंटरवेशन के कार्य का पूरा मैप तक नहीं बन पाया है। इसकी अनुमति भी इंजीनियरिंग और संबंधित विभाग में लटकी हुई है।
5.23 करोड़ : अयोध्या की गलियों में फुटपाथ बनाने के लिए धन आवंटन हो चुका है, लेकिन इसका मैप इंजीनियरिंग महकमे में लटका है।
4.45 करोड़ : हनुमानगढ़ी, कनक भवन और दशरथ भवन के रिनोवेशन का अहम काम भी शुरू नहीं हो पाया है। इस कार्य का ड्राइंग तक अधर में है। साथ ही अनुमति भी लटकी हुई है।
30 लाख : श्रद्धालुओं को जलापूर्ति के लिए नलकूप बनाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। अभी तक इसकी लोकेशन तक तय नहीं हुई है।
23 लाख : एसटीपी के कार्य के लिए भी अभी तक जगह तय नहीं हो पाई है।
20 लाख : वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के लिए ड्राइंग तो उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन अभी संबंधित विभाग इसको लगाने को लेकर अनिर्णय की स्थिति में है।
56 लाख : पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाए जाने के लिए धन आवंटन हो चुका है, लेकिन अभी कहां लगना है यह तय नहीं हो पाया है।
17 लाख : श्रद्धालुओं को बैठने के लिए पत्थर के बेंच बनाए जाने हैं, लेकिन अभी तक इसका सेंपल नहीं मिला है। जबकि ड्राइंग उपलब्ध है।
1.52 करोड़ : घाटों पर स्टोन की रेलिंग बनाने के लिए धन आवंटन हो चुका है। लेकिन काम अभी नहीं शुरू हो पाया है।
33 लाख : साइनेज बनाने के लिए धनराशि मिल चुकी है, लेकिन काम नहीं शुरू हो पाया है। इसकी ड्राइंग भी अभी उपलब्ध नहीं है। साथ ही लोकेशन भी अभी तय नहीं हो पाई है।
1.22 करोड़ : भूमि का समतलीकरण हार्टिकल्चर का कार्य भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसकी ड्राइंग भी उपलब्ध नहीं है साथ ही लोकेशन भी अभी तक इंजीनियरों ने तय नहीं की है।

राजकीय निर्माण निगम है कार्यदायी संस्था
कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम ने इसके लिए टेंडर किया है। संस्था अभिलाषा इंटरप्राइजेज को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है लेकिन उसने अभी काम शुरू नहीं किया है। कार्यदायी संस्था के जनरल मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने अभी तक राम की पैड़ी को हैंडओवर नहीं किया है। जिसके चलते सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, हैंडओवर होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।


सभी काम 30 अक्तूबर तक होगें पूरे: क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
सभी कार्यों के नोडल अधिकारी बनाए गए क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि अयोध्या को सजाने संवारने का काम तेजी से चल रहा है। जहां कहीं कोई अड़चन है, इसे तेजी से दूर करने का प्रयास हो रहा है। राम की पैड़ी की साफ.-सफाई कराई जा रही है। लाइटिंग का भी काम शुरू हो गया है। नए बस अड्डा के लिए जमीन भी चिह्नित की जा चुकी है। सभी काम 30 अक्तूबर तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। रामनगरी में नया बस स्टेशन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। बिरला धर्मशाला के सामने स्थित पुराने बस स्टॉप को अब पार्किंग के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा। नए बस स्टेशन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर संस्कृति विभाग की जमीन चिह्नित कर ली गई है, जिसकी पैमाईश भी कराई जा रही है। बुधवार को अधिकारियों ने जमीन का निरीक्षण भी किया है। 8 एकड़ में बनने वाला बस स्टाप विभिन्न सुविधाओं से लैस होगा।
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