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बोर्ड परीक्षा के 20 केंद्र हटे, 22 नए शामिल
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:45 PM IST
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फैजाबाद। कड़ी जद्दोजहद व तमाम उतार-चढ़ाव के बीच अंतत: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची पर मुहर लग गई। लेकिन इनमें पहले से व्याप्त अनियमितताएं दूर नहीं हो सकीं। ऑनलाइन केंद्र निर्धारण में 130 विद्यालयों में से 20 केंद्र निरस्त करके 22 नए विद्यालयों को शामिल किया गया है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 132 परीक्षा केंद्रों को हरी झंडी दी गई है। हालांकि दागी स्कूलों को केंद्र न बनाए जाने का सरकार का फरमान मूर्त रूप नहीं ले सका। पहले से सूची में शामिल दागी विद्यालय राजनीतिक दबाव के कारण निरस्त नहीं हो सके, अलबत्ता नए दो स्कूलों को शामिल कर लिया गया है।
इस बार नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सरकार की सख्ती से आनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण की नीति तैयार की गई। लेकिन सरकार की यह नीति अपने चहेतों को केंद्र बनवाने की विभाग की मंशा पर पानी फेरने में नाकामयाब रही। पहले ही विभाग की ओर से प्रेषित रिपोर्ट में हेराफेरी करके चहेते कॉलेजों को लाभ दिया गया। बची-खुची कसर एसडीएम की रिपोर्ट में पूरी हो गई। ऑनलाइन केंद्र निर्धारण में जिले के कुल 1 लाख 16 सौ परीक्षार्थियों के लिए 130 केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमें धारण क्षमता, सीटिंग क्षमता, फर्नीचर संख्या, कमरों की संख्या, केंद्रों की बीच की दूरी सहित तमाम अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा विभाग की ओर से गत तीन वर्षों में परीक्षा के दौरान अनियमितता पाए जाने पर परिषद कार्यालय को डिबार किए जाने के लिए संस्तुति प्रेषित किए गए 23 दागी विद्यालयों में नौ विद्यालयों को भी केंद्र बनाया गया। तमाम आपत्तियां केंद्रों के संबंध में प्राप्त होने पर अंतिम मुहर के लिए दो बार तीन बार परीक्षा समिति की बैठक कराई गई। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से अपने क्षेत्र के विद्यालयों की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। इसके बाद अंतिम मुहर लगाकर सूची बोर्ड को प्रेषित की गई। जिस पर माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुक्रवार को अंतिम सूची जारी की गई, जिसमें कुल 132 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। पूर्व की सूची में 20 विद्यालयों को बदलकर उनके स्थान पर 22 नए विद्यालयों को केंद्र बनाया गया। लेकिन नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए दागी विद्यालयों को केंद्र न बनाने का सरकार का फरमान हवा-हवाई साबित हो गया। पूर्व में नौ दागी विद्यालयों में से एक विद्यालय को चहारदीवारी न होने व दूसरे विद्यालय नेशनल इंटर कॉलेज को बोर्ड की ओर से डिबार घोषित करने के लिए निरस्त किया गया। इसके अलावा अन्य 18 स्कूलों को तमाम अन्य कारणों से सूची से निरस्त किया गया। इनके स्थान पर राजनैतिक पकड़ वाले रसूखदार लोगों के कई विद्यालयों को भी नवीन सूची में शामिल किया गया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि, पूर्व में डिबार के लिए संस्तुति किए गए दो और दागी विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद तहसील सदर के शिवकली देवी इंटर कालेज व बीकापुर तहसील के श्रीकृष्ण इंका. मंगारी को केंद्र बनाया गया है। इन दोनों स्कूलों का नाम विभाग की ओर से बनाई गई वर्ष 2015 की डिबार सूची में शामिल हैं। एसडीएम बीकापुर अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि अंतिम मुहर परीक्षा समिति की बैठक में लगी है। भौतिक सत्यापन में इस स्कूल में केंद्र के सभी मानक पूर्ण पाए गए थे।
डिबार घोषित न किए जाने से नहीं हटे दागी स्कूल
शासन की मंशानुसार गत तीन वर्षों में जिन स्कूलों में अनियमितताएं पाई गई थीं, उन्हें दागी स्कूलों की सूची में रखा गया था। विभाग की ओर से पूर्व में संस्तुति करने के बाद बोर्ड की ओर से उन्हें डिबार घोषित नहीं किया गया था। इसलिए शासन की मंशानुसार उन्हें हटाया नहीं जा सका।
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-डॉ. राजेश कुमार आर्या, डीआईओएस फैजाबाद
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इस बार नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सरकार की सख्ती से आनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण की नीति तैयार की गई। लेकिन सरकार की यह नीति अपने चहेतों को केंद्र बनवाने की विभाग की मंशा पर पानी फेरने में नाकामयाब रही। पहले ही विभाग की ओर से प्रेषित रिपोर्ट में हेराफेरी करके चहेते कॉलेजों को लाभ दिया गया। बची-खुची कसर एसडीएम की रिपोर्ट में पूरी हो गई। ऑनलाइन केंद्र निर्धारण में जिले के कुल 1 लाख 16 सौ परीक्षार्थियों के लिए 130 केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमें धारण क्षमता, सीटिंग क्षमता, फर्नीचर संख्या, कमरों की संख्या, केंद्रों की बीच की दूरी सहित तमाम अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा विभाग की ओर से गत तीन वर्षों में परीक्षा के दौरान अनियमितता पाए जाने पर परिषद कार्यालय को डिबार किए जाने के लिए संस्तुति प्रेषित किए गए 23 दागी विद्यालयों में नौ विद्यालयों को भी केंद्र बनाया गया। तमाम आपत्तियां केंद्रों के संबंध में प्राप्त होने पर अंतिम मुहर के लिए दो बार तीन बार परीक्षा समिति की बैठक कराई गई। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से अपने क्षेत्र के विद्यालयों की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। इसके बाद अंतिम मुहर लगाकर सूची बोर्ड को प्रेषित की गई। जिस पर माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुक्रवार को अंतिम सूची जारी की गई, जिसमें कुल 132 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। पूर्व की सूची में 20 विद्यालयों को बदलकर उनके स्थान पर 22 नए विद्यालयों को केंद्र बनाया गया। लेकिन नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए दागी विद्यालयों को केंद्र न बनाने का सरकार का फरमान हवा-हवाई साबित हो गया। पूर्व में नौ दागी विद्यालयों में से एक विद्यालय को चहारदीवारी न होने व दूसरे विद्यालय नेशनल इंटर कॉलेज को बोर्ड की ओर से डिबार घोषित करने के लिए निरस्त किया गया। इसके अलावा अन्य 18 स्कूलों को तमाम अन्य कारणों से सूची से निरस्त किया गया। इनके स्थान पर राजनैतिक पकड़ वाले रसूखदार लोगों के कई विद्यालयों को भी नवीन सूची में शामिल किया गया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि, पूर्व में डिबार के लिए संस्तुति किए गए दो और दागी विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद तहसील सदर के शिवकली देवी इंटर कालेज व बीकापुर तहसील के श्रीकृष्ण इंका. मंगारी को केंद्र बनाया गया है। इन दोनों स्कूलों का नाम विभाग की ओर से बनाई गई वर्ष 2015 की डिबार सूची में शामिल हैं। एसडीएम बीकापुर अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि अंतिम मुहर परीक्षा समिति की बैठक में लगी है। भौतिक सत्यापन में इस स्कूल में केंद्र के सभी मानक पूर्ण पाए गए थे।
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डिबार घोषित न किए जाने से नहीं हटे दागी स्कूल
शासन की मंशानुसार गत तीन वर्षों में जिन स्कूलों में अनियमितताएं पाई गई थीं, उन्हें दागी स्कूलों की सूची में रखा गया था। विभाग की ओर से पूर्व में संस्तुति करने के बाद बोर्ड की ओर से उन्हें डिबार घोषित नहीं किया गया था। इसलिए शासन की मंशानुसार उन्हें हटाया नहीं जा सका।
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-डॉ. राजेश कुमार आर्या, डीआईओएस फैजाबाद