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राममंदिर निर्माण के फॉर्मूले पर आगे बढ़े कदम
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:20 AM IST
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शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष फिर पहुंचे अयोध्या
अयोध्या। शिया वक्फ बोर्ड द्वारा पेश किए गए राम मंदिर निर्माण के नए फार्मूले पर कदमताल तेज होती जा रही है। एक पखवारे के भीतर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष वसीम रिजवी दूसरी बार शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। अपने फार्मूले को लेकर पक्षकारों व संतों से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया।
रामनगरी पहुंचे वसीम ने अयोध्या मामले में पक्षकार रामलला के मित्र त्रिलोकीनाथ पांडेय समेत श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से घंटों बात की। बाद में दोनों ने प्रस्ताव का समर्थन व स्वागत किया। प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया है कि अधिगृहीत परिसर स्थित गर्भगृह पर भव्य राम मंदिर बनेगा जबकि मुस्लिम बाहुल्य इलाके में मस्जिद-ए-अमन का निर्माण होगा।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में वसीम ने कहा कि आपसी सहमति से इस मुहिम को आगे बढ़ाने का जज्बा मिल रहा है। एएसआई की रिपोर्ट में भी स्पष्ट हो चुका है कि खोदाई के दौरान मंदिर के अवशेष मिले हैं, बात यहीं खत्म हो जाती है।
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सुन्नी वक्फ बोर्ड के फंडिंग की हो जांच
वसीम रिजवी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड कठपुतली हैै। पाकिस्तान पूरी तरह से अयोध्या मामले में जुड़ा हुआ है। पाकिस्तान चाहता है कि भारत में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी रहे। उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के फंडिंग की जांच होनी चाहिए। कहा कि सुन्नी बोर्ड का रजिस्ट्रेशन 2010 में ही खारिज हो चुका है, उसे मुकदमा लड़ने का अधिकार ही नहीं है।
कल्वे जव्वाद पर लगाए आरोप
धर्मगुरु कल्वे जव्वाद को निशाने पर लेते हुए वसीम रिजवी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड की जांच में उन्हें कई मामलों में दोषी पाया गया था। जिसकी शिकायत भी की गई थी लेकिन आज तक उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से जांच की मांग भी की।
नए प्रस्ताव से बुलंद होगी गंगा-जमुनी तहजीब
न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि अयोध्या मसले के समाधान के लिए जो भी आगे आएगा हम उनके साथ हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विवाद का हल आपस में मिलजुल कर समझौते के आधार पर करने की सलाह दी है।
शिया वक्फ बोर्ड का प्रस्ताव स्वागत योग्य
रामलला के पक्षकार त्रिलोकीनाथ पांडेय ने शिया वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष वसीम के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए अपनी सहमति जताई। कहा कि 10 हजार पेज का जो निर्णय आया है वह मेरिट के आधार पर है। कहा कि रामलला वहां विराजमान हैं अब बस मंदिर बनाने की जरूरत है। शिया वक्फ बोर्ड का प्रस्ताव स्वागत योग्य है।
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अयोध्या। शिया वक्फ बोर्ड द्वारा पेश किए गए राम मंदिर निर्माण के नए फार्मूले पर कदमताल तेज होती जा रही है। एक पखवारे के भीतर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष वसीम रिजवी दूसरी बार शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। अपने फार्मूले को लेकर पक्षकारों व संतों से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया।
रामनगरी पहुंचे वसीम ने अयोध्या मामले में पक्षकार रामलला के मित्र त्रिलोकीनाथ पांडेय समेत श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से घंटों बात की। बाद में दोनों ने प्रस्ताव का समर्थन व स्वागत किया। प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया है कि अधिगृहीत परिसर स्थित गर्भगृह पर भव्य राम मंदिर बनेगा जबकि मुस्लिम बाहुल्य इलाके में मस्जिद-ए-अमन का निर्माण होगा।
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बाद में पत्रकारों से बातचीत में वसीम ने कहा कि आपसी सहमति से इस मुहिम को आगे बढ़ाने का जज्बा मिल रहा है। एएसआई की रिपोर्ट में भी स्पष्ट हो चुका है कि खोदाई के दौरान मंदिर के अवशेष मिले हैं, बात यहीं खत्म हो जाती है।
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सुन्नी वक्फ बोर्ड के फंडिंग की हो जांच
वसीम रिजवी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड कठपुतली हैै। पाकिस्तान पूरी तरह से अयोध्या मामले में जुड़ा हुआ है। पाकिस्तान चाहता है कि भारत में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी रहे। उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के फंडिंग की जांच होनी चाहिए। कहा कि सुन्नी बोर्ड का रजिस्ट्रेशन 2010 में ही खारिज हो चुका है, उसे मुकदमा लड़ने का अधिकार ही नहीं है।
कल्वे जव्वाद पर लगाए आरोप
धर्मगुरु कल्वे जव्वाद को निशाने पर लेते हुए वसीम रिजवी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड की जांच में उन्हें कई मामलों में दोषी पाया गया था। जिसकी शिकायत भी की गई थी लेकिन आज तक उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से जांच की मांग भी की।
नए प्रस्ताव से बुलंद होगी गंगा-जमुनी तहजीब
न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि अयोध्या मसले के समाधान के लिए जो भी आगे आएगा हम उनके साथ हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विवाद का हल आपस में मिलजुल कर समझौते के आधार पर करने की सलाह दी है।
शिया वक्फ बोर्ड का प्रस्ताव स्वागत योग्य
रामलला के पक्षकार त्रिलोकीनाथ पांडेय ने शिया वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष वसीम के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए अपनी सहमति जताई। कहा कि 10 हजार पेज का जो निर्णय आया है वह मेरिट के आधार पर है। कहा कि रामलला वहां विराजमान हैं अब बस मंदिर बनाने की जरूरत है। शिया वक्फ बोर्ड का प्रस्ताव स्वागत योग्य है।