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रक्षाबंधन आज, खरीदारों से गुलजार रहा बाजार
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:16 PM IST
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रक्षाबंधन के लिए गुलजार रहा बाजार
फैजाबाद। ‘हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में, आज के दिन तुम कहीं भी रहो चले आना यहां हर हाल में’ को साकार करने वाला भाई-बहन का पवित्र पर्व रक्षाबंधन सोमवार को है। त्योहार की तैयारी को लेकर जहां रविवार को बहनें राखी व मिठाई खरीदतीं दिखीं, वहीं भाइयों में भी तोहफा खरीदने की होड़ लगी रही। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी में भी खरीददारों से बाजार गुलजार रही। उधर, रेल व बसों में भी राखी बंधवाने के लिए भाई-बहन एक दूसरे के पास पहुंचने की जल्दी में रहे।
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर बाजारों में खासी चहल-पहल रही। पिछले दो दिनों से हो रही उमस रविवार को और बढ़ गयी, चिलचिलाती धूप व प्रचंड गर्मी भी बहनों के उत्साह में कोई कमी नहीं ला सका। कोई भाई की पसंद से तो कोई खुद की पसंद वाली राखी प्यारे भइया के हांथों में बांधने के लिए खरीदती रहीं। चौक से लेकर रिकाबगंज, चौक से गुदड़ी बाजार, चौक से नाका मुजफ्फरा व रायबरेली रोड तक सड़क के किनारे रक्षाबंधन और मिठाइयों की दुकानें सुबह से ही सज गयीं। दोपहर से लेकर शाम और देर रात तक इन दुकानों पर खासी भीड़ रही।
रक्षाबंधन बांधने और बंधवाने को बेताब भाई-बहनों के शहर तक पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन तथा रोडवेज पर खासी भीड़ रही। ट्रेनों और बसों में लोगों को खड़े होकर सफर पूरा करने पड़ा। मौसम का खतरनाक मिजाज भी इनके उत्साह में खलल डालने का पूरा प्रयास किया लेकिन नाकामयाब रहा। बहनें राखियों की सजी दुकानों पर पसीने से तर-ब-तर होकर मनपसंद राखियां खरीदती रहीं। इस बार चीन-भारत सीमा विवाद को लेकर चाइनीज राखियां तो बाजार से गायब रहीं लेकिन कोलकाता और गुजरात की बनी स्टोन राखी, अमेरिकन डायमंड, बुटीक मारवाड़ी राखी, टीवी कैरेक्टर कार्टून की राखियों, रुद्राक्ष, रंग बिरंगे धागों के रक्षा सूत्र, चंदन, छोटा भीम, स्पाइडर मैन, बैनटेन, डोरेमान, कृष्णा, गणेश सहित तमाम राखियाें से सजी दुकानें देर रात तक भीड़-भाड़ से गुलजार रहीं।
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नगर के रिकाबगंज, मोदहा, सिविल लाइंस, चौक, नियांवा, देवकाली, नाका, अमानीगंज, रीडगंज आदि जगहों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सजी इन राखियों की कीमत 05 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक थीं। ब्रेसलेट स्टाइल से लेकर विभिन्न रूपाकृतियों में खूबसूरत चमचमाती नगों से जड़ी जेरीकेन की स्टोन में रंग-बिरंगे पत्थरों की राखियाें पर बहनें रीझती रहीं। रक्षासूत्र बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाने के लिए सजी मिठाई की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही।
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फैजाबाद। ‘हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में, आज के दिन तुम कहीं भी रहो चले आना यहां हर हाल में’ को साकार करने वाला भाई-बहन का पवित्र पर्व रक्षाबंधन सोमवार को है। त्योहार की तैयारी को लेकर जहां रविवार को बहनें राखी व मिठाई खरीदतीं दिखीं, वहीं भाइयों में भी तोहफा खरीदने की होड़ लगी रही। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी में भी खरीददारों से बाजार गुलजार रही। उधर, रेल व बसों में भी राखी बंधवाने के लिए भाई-बहन एक दूसरे के पास पहुंचने की जल्दी में रहे।
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर बाजारों में खासी चहल-पहल रही। पिछले दो दिनों से हो रही उमस रविवार को और बढ़ गयी, चिलचिलाती धूप व प्रचंड गर्मी भी बहनों के उत्साह में कोई कमी नहीं ला सका। कोई भाई की पसंद से तो कोई खुद की पसंद वाली राखी प्यारे भइया के हांथों में बांधने के लिए खरीदती रहीं। चौक से लेकर रिकाबगंज, चौक से गुदड़ी बाजार, चौक से नाका मुजफ्फरा व रायबरेली रोड तक सड़क के किनारे रक्षाबंधन और मिठाइयों की दुकानें सुबह से ही सज गयीं। दोपहर से लेकर शाम और देर रात तक इन दुकानों पर खासी भीड़ रही।
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रक्षाबंधन बांधने और बंधवाने को बेताब भाई-बहनों के शहर तक पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन तथा रोडवेज पर खासी भीड़ रही। ट्रेनों और बसों में लोगों को खड़े होकर सफर पूरा करने पड़ा। मौसम का खतरनाक मिजाज भी इनके उत्साह में खलल डालने का पूरा प्रयास किया लेकिन नाकामयाब रहा। बहनें राखियों की सजी दुकानों पर पसीने से तर-ब-तर होकर मनपसंद राखियां खरीदती रहीं। इस बार चीन-भारत सीमा विवाद को लेकर चाइनीज राखियां तो बाजार से गायब रहीं लेकिन कोलकाता और गुजरात की बनी स्टोन राखी, अमेरिकन डायमंड, बुटीक मारवाड़ी राखी, टीवी कैरेक्टर कार्टून की राखियों, रुद्राक्ष, रंग बिरंगे धागों के रक्षा सूत्र, चंदन, छोटा भीम, स्पाइडर मैन, बैनटेन, डोरेमान, कृष्णा, गणेश सहित तमाम राखियाें से सजी दुकानें देर रात तक भीड़-भाड़ से गुलजार रहीं।
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नगर के रिकाबगंज, मोदहा, सिविल लाइंस, चौक, नियांवा, देवकाली, नाका, अमानीगंज, रीडगंज आदि जगहों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सजी इन राखियों की कीमत 05 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक थीं। ब्रेसलेट स्टाइल से लेकर विभिन्न रूपाकृतियों में खूबसूरत चमचमाती नगों से जड़ी जेरीकेन की स्टोन में रंग-बिरंगे पत्थरों की राखियाें पर बहनें रीझती रहीं। रक्षासूत्र बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाने के लिए सजी मिठाई की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही।