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होम आइसोलेशन में 441 मरीजों ने जीती कोरोना से जंग

Sat, 22 Aug 2020 09:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 09:42 PM IST
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441 patients won Corona battle in home isolation
अयोध्या। होम आइसोलेशन की सुविधा मिलते ही निजी व्यवस्था के तहत जिले में 441 संक्रमितों ने कोरोना को मात दे दी। इसके पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ-साथ परिवार का सहयोग भी अहम माना जा रहा है। ये सुविधा शुरू होने से जिले के कोविड अस्पतालों पर भार कम हो गया है और कोविड एल-1 हॉस्पिटल लगभग खाली हो गए हैं।
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जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद अस्पतालों में काफी भीड़ रही। कोविड एल-1 हॉस्पिटल के रूप में पूर्व में चयनित सीएचसी मसौधा में जगह कम पड़ने पर झुनझुनवाला महाविद्यालय में 80 बेड का एल-1 समकक्ष अस्पताल बनाया गया। जबकि कुमारगंज स्थित हॉस्पिटल में दो सौ बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया।
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सामान्य लक्षण वाले व एसिंप्टोमेटिक मरीजों को एल-1 अस्पताल में व गंभीर मरीजों को एल-2 हॉस्पिटल के रूप में चयनित मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में रखा गया। प्रवासी श्रमिकों की आमद शुरू होने के बाद एक बार तो अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे। अधिक बेड आरक्षित करने की तैयारी होने लगी। इसी बीच सरकार के होम आइसोलेशन के फरमान ने मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य महकमे को भी राहत प्रदान की।
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कोविड अस्पतालों में अव्यवस्थाओं के किस्से सुनकर तमाम एसिंप्टोमेटिक मरीज जांच कराने से कतरा रहे थे। एल-2 हॉस्पिटल में भी आए दिन बिजली-पानी को लेकर तमाम दिक्कतें चर्चा का विषय रहीं। मगर होम आइसोलेशन की व्यवस्था शुरू होने से एंटीजन किट से जांच के लिए तमाम लोग आगे आए। नतीजतन काफी संख्या में प्रतिदिन मरीज सामने आने लगे और होम आइसोलेशन की सुविधा लेने लगे।
हालांकि, सिर्फ एसिंप्टोमेटिक मरीजों को ही होम आइसोलेशन की सुविधा मिलने का निर्देश था, लेकिन अस्पताल से बचने के लिए हल्के-फुल्के लक्षण वाले भी चुपचाप होम आइसोलेट हो गए। इलाज की निजी व्यवस्थाओं सहित देखरेख का मनचाहा इंतजाम होने व परिवार का सहयोग मिलने से इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो शुक्रवार तक जिले में 2243 मरीज संक्रमित मिले हैं। इनमें से सक्रिय मरीज 627 थे। कंट्रोल रूम के अनुसार अब तक जिले में 755 मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। इनमें 441 मरीज अब तक कोरोना से जंग जीत चुके हैं और होम आइसोलेट में सक्रिय मरीज 314 बचे हैं।
सीएचसी मसौधा के 32 बेड का एल-1 हॉस्पिटल व कुमारगंज कोविड केयर सेंटर के दो सौ बेड पूरी तरह खाली हैं। जबकि झुनझुनवाला कोविड केयर सेंटर में 80 में से 33 व एल-2 मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में दो सौ बेड के सापेक्ष 80 मरीज भर्ती हैं। इस तरह जाहिर है कि होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू होने के बाद सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का भार कम हो गया है।
कोरोना संक्रमित होम आइसोलेट मरीजों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम अब दवाओं की किट उपलब्ध करा रही है। जिसमें संक्रमितों के लिए गिलोय, आर्सेनिक-30, आइवरमेक्टिन व पैरासीटामॉल शामिल है। जबकि संपर्कियों के लिए आइवरमेक्टिन की दो खुराक दी जा रही है।

सीएमओ डॉ घनश्याम सिंह ने बताया कि होम आइसोलेशन की सुविधा कोरोना से जंग में काफी कारगर है। मगर लोग स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें। खुद सचेत रहें, ताकि परिवार के अन्य लोग संक्रमण की चपेट में न आएं।
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