फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   अवध मा आनंद भयौ, जै रघुवर लाल की....

अवध मा आनंद भयौ, जै रघुवर लाल की....

Fri, 28 Dec 2018 01:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Dec 2018 01:17 AM IST
विज्ञापन
अवध मा आनंद भयौ, जै रघुवर लाल की....
अवध मा आनंद भयौ, जै रघुवर लाल की....
विज्ञापन

अयोध्या। बड़ाभक्तमाल की बगिया में प्रतिष्ठित कथा व्यास मोरारी बापू के श्रीमुख से हो रही मानस गणिका विषयक कथा के छठवें दिन मानस गणिका विषय पर अंगुली उठाने वालों पर निशाना साधते हुए बापू ने -कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना...गीत के माध्यम से कहा कि उद्धार का प्रथम स्थान अयोध्या है। यह स्थान हमें बरकरार रखना है।

अयोध्या किसी का अनादर नहीं करती। अवध मा आनंद भयौ, जै रघुवर लाल की...बापू ने रामजन्म की बधाई गाई व काठियावाड़ी रास का आह्वान किया तो कथाश्रोता भक्त भावविभोर होकर झूमने लगे। बापू ने कहा कि कथा में आने का अधिकार सबको है। ठाकुर के नाम का प्रभाव ही ऐसा है किसका उद्धार नहीं हो सकता।
विज्ञापन


कहा कि अयोध्या की धरती पर कुछ सिद्ध करने नहीं आए हैं। गुरू कृपा से शुद्ध होने आए हैं। बापू ने कहा कि वाल्मीकि रामायण को वेद का अवतार माना गया है। वेदों ने बाल्मीकि रामायण के रूप में अवतार लिया। रामायण ने रामचरितमानस के रूप में। जिसको हरि अपनाए, परमात्मा गले लगाए, वही शीलवान है पुनीत है, वेद का जानकार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वही विद्या, गुण से भरा हुआ है। जो हरि को अपना लेता है परमात्मा उसे त्रिलोक में पूज्य बना देते हैं। तुलसी दास जी कहते हैं कि आपने अधम आचरण वालों को भी गले लगाया, फिर अब तक मेरे बारे में क्यों नहीं सोचा। कहा कि परम अव्यवस्था का नाम परमात्मा है। इस दौरान श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास सहित हजारों की संख्या में कथा श्रोता भक्त मौजूद रहे।

मोरारी बापू ने कथा में कहा कि गणिका शब्द वेदों में भी उच्चारित है। उन्होंने अपने कथन को वेदों के विभिन्न श्लोकों को सुनाकर सत्य भी साबित किया। बापू ने यह भी कहा कि गणिका की बहन-बेटियों की शादी होनी चाहिए, यदि वे शादी करती हैं तो मैं उनका कन्यादान करूंगा। कहा कि जिन्हें शादी करनी है वह उनके तलका जड़ागांव में आ सकती हैं।


जहां हम प्रतिवर्ष शादी कराते हैं। देश के किसी भी हिस्से से गणिका की बहन-बेटी की शादी यहां कराई जाएगी। कहा कि जब गणराज्य था इनकी इज्जत थी, साम्राज्यवाद आया तो इनके मूल्य घट गए। वहीं बापू के आह्वान पर गणिकाओं के उद्धार के लिए अब तक 5 करोड़ 17 लाख 76 हजार 200 रुपये की राशि एकत्र हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed