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लापरवाह वैज्ञानिकों व शिक्षकों पर गिर सकती है गाज
Updated Wed, 25 Apr 2018 11:32 PM IST
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लापरवाह वैज्ञानिकों व शिक्षकों पर गिर सकती है गाज
फैजाबाद। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षक व वैज्ञानिकों की ओर से शिक्षा, शोध व प्रसार के क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में किए गए कार्यों व दिए गए योगदान की समीक्षा कुलपति प्रो जेएस संधू ने प्रारंभ कर दी है। कुलपति ने सभी वैज्ञानिकों व शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपनी प्रगति रिपोर्ट व कार्यवृत्ति पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुत करें।
विवि के कृषि महाविद्यालय की समीक्षा बैठक में बुधवार को कुलपति ने लगातार वैज्ञानिकों की ओर से की गई शोध परियोजनाओं, उनके परिणाम, शोध पत्रों का प्रकाशन, विभिन्न स्तरों पर छात्रों का मार्गदर्शन व गाइड शिक्षक के रूप में ली गयी कक्षाओं के क्रेडिट ऑवर समेत वर्ष 2018 व 19 के लिए एक वैज्ञानिक के तौर पर कार्य योजना के विषय में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही वैज्ञानिकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। कुलपति प्रो. संधू ने कहा कि जिन विभागों में आपेक्षित प्रगति शिक्षा व शोध में नहीं है, उन विभागों का अन्य विभागों से संबद्ध कर दिया जाएगा। इसी समीक्षा के आधार पर शिक्षकों व वैज्ञानिकों के लंबित सेवा लाभ पर निर्णय लिया जाएगा। कुलपति ने ऐसे वैज्ञानिकों की कार्यप्रणाली पर भी रोष व्यक्त किया, जिनकी लापरवाह गतिविधियों के चलते पूर्व में परियोजनाएं वित्तदाई संस्थाओं की ओर से बंद कर दी गई। कुलपति ने स्पष्ट निर्देश भी दिए है कि विश्वविद्यालय के संसाधन बनने के लिए प्रत्येक वैज्ञानिक बाहरी संस्थाओं से परियोजना लाने का प्रयास करें। उन्होंने बैठक में यह भी इशारा किया कि कार्य के सुस्ती बरतने वाले लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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फैजाबाद। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षक व वैज्ञानिकों की ओर से शिक्षा, शोध व प्रसार के क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में किए गए कार्यों व दिए गए योगदान की समीक्षा कुलपति प्रो जेएस संधू ने प्रारंभ कर दी है। कुलपति ने सभी वैज्ञानिकों व शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपनी प्रगति रिपोर्ट व कार्यवृत्ति पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुत करें।
विवि के कृषि महाविद्यालय की समीक्षा बैठक में बुधवार को कुलपति ने लगातार वैज्ञानिकों की ओर से की गई शोध परियोजनाओं, उनके परिणाम, शोध पत्रों का प्रकाशन, विभिन्न स्तरों पर छात्रों का मार्गदर्शन व गाइड शिक्षक के रूप में ली गयी कक्षाओं के क्रेडिट ऑवर समेत वर्ष 2018 व 19 के लिए एक वैज्ञानिक के तौर पर कार्य योजना के विषय में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही वैज्ञानिकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। कुलपति प्रो. संधू ने कहा कि जिन विभागों में आपेक्षित प्रगति शिक्षा व शोध में नहीं है, उन विभागों का अन्य विभागों से संबद्ध कर दिया जाएगा। इसी समीक्षा के आधार पर शिक्षकों व वैज्ञानिकों के लंबित सेवा लाभ पर निर्णय लिया जाएगा। कुलपति ने ऐसे वैज्ञानिकों की कार्यप्रणाली पर भी रोष व्यक्त किया, जिनकी लापरवाह गतिविधियों के चलते पूर्व में परियोजनाएं वित्तदाई संस्थाओं की ओर से बंद कर दी गई। कुलपति ने स्पष्ट निर्देश भी दिए है कि विश्वविद्यालय के संसाधन बनने के लिए प्रत्येक वैज्ञानिक बाहरी संस्थाओं से परियोजना लाने का प्रयास करें। उन्होंने बैठक में यह भी इशारा किया कि कार्य के सुस्ती बरतने वाले लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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