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राम जन्मभूमि मंदिर के लिए आकार ले रहीं मूर्तियां

Sat, 20 Jan 2018 12:34 AM IST
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:34 AM IST
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राम जन्मभूमि मंदिर के लिए आकार ले रहीं मूर्तियां
राम जन्मभूमि मंदिर के लिए आकार ले रहीं मूर्तियां
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि मामले में 8 फरवरी से फिर सुनवाई शुरू होने जा रही है। प्रस्तावित राममंदिर के लिए विहिप पत्थर तराशी के साथ मूर्तियों का भी निर्माण करा रही है। रामकथा आधारित प्रसंगों को जीवंत करने वाली इन मूर्तियों को मंदिर के बाउंड्रीवाल के चारों तरफ लगाने की योजना है। इसके लिए दो करोड़ खर्च कर 100 स्क्रिप्ट तैयार होनी है, जिनमें से 30 स्क्रिप्ट प्रख्यात कलाकारों की ओर से तैयार की जा चुकी है।

राममंदिर निर्माण की कार्यशाला से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित रामसेवकपुरम में मूर्ति निर्माण का कार्य पांच वर्षों से रंजीत मंडल की अगुवाई में चल रहा है। रंजीत मंडल ने बताया कि वे दो सहयोगियों के साथ वर्ष 2013 से वे रामसेवकपुरम में राममंदिर के लिए मूर्तियों को आकार देने में जुटे है। मूर्ति निर्माण में अच्छी गुणवत्ता वाली सीमेंट का प्रयोग किया जाता है। एक मूर्ति पर करीब दो लाख का खर्च आता है। बताया कि रामायण आधारित सभी 100 स्क्रिप्ट पूर्ण करने में करीब दो करोड़ का खर्च आएगा। बताया कि विश्व हिंदू परिषद द्वारा सारी व्यवस्था की जा रही है। रामायण के प्रसंगों पर आधारित तैयार हो रहीं मूर्तियों को मंदिर की बाउंड्रीवाल 67.77 एकड़ के संपूर्ण अधिग्रहीत परिसर की परिधि पर स्थापित किया जाना है। प्रत्येक प्रसंग में औसतन छह मूर्तियां और प्रसंग के अनुरूप अन्य छवियों का अंकन किया जाना है। रंजीत मंडल बताते हैं कि कारीगरों की संख्या कम है, जिसके चलते मूर्ति निर्माण कार्य को गति देने में समस्या आ रही है। इसी के चलते पांच साल में केवल 30 स्क्रिप्ट ही तैयार हो सकी है। योजना के अनुसार पुत्रेष्टि यज्ञ से शुरू कर राम के गुप्त होने तक के प्रसंग मंदिर की शोभा बढ़ाएंगे। बताया कि रामजन्म, बाललीला, विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, जानकी का जन्म, ताड़का-सुबाहु वध, अहिल्लया उद्धार, स्वंयवर सभा, रामवनवास आदि के प्रसंग पूरी तरह तैयार हैं। यदि कारीगरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो सभी 100 प्रसंगों को तैयार करने में करीब 10 साल लग जाएंगे।
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