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प्रकाशकों के फर्जीबाड़े पर कसेगा शिंकजा, आज बैठक

Mon, 17 Jul 2017 12:03 AM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:03 AM IST
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प्रकाशकों के फर्जीबाड़े पर कसेगा शिंकजा, आज बैठक
प्रकाशकों के फजीवाड़े पर कसेगा शिकंजा
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फैजाबाद। सरकार ने दो प्रकाशकों की किताबों को यूपी बोर्ड की कक्षाओं में पढ़ाने के लिए अधिकृत करते हुए उनके शासकीय नियंत्रित मूल्य भी तय किए हैं। इसके बावजूद यहां कई दुकानों पर प्रकाशकों की दूनी दाम की किताबें बिक रही हैं। डीआईओएस ने इस फर्जीवाड़े और वसूली की जांच के बाद कार्रवाई की रणनीति बनाई है। सोमवार को जिले के सभी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई गई है। जिसमें उन्हें शासकीय दरों पर तय प्रकाशकों की किताबें की कक्षाओं में अधिकृत करने के साथ महंगी किताबें बेचने वालों पर कार्रवाई की रणनीति बनेगी।
सरकार इसबार यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में कक्षा 9 से 12 तक की किताबें छापने का टेंडर नहीं कर पाई थी। लिहाजा राजीव प्रकाशन व रवि आफसेट की ही किताबें इन कक्षाओं में सभी विषयों के लिए अधिकृत की गईं। शासन ने इन प्रकाशकों की किताबों का सरकारी नियंत्रित उचित मूल्य तय किया है। मगर यहां शिक्षा विभाग को शिकायत मिली कि कई दुकानों पर दूने मूल्य की किताबें बिक रही हैं। डीआईओएस ने शनिवार को अवध बुक डिपो पर छापा मारा तो रतन प्रकाशन आगरा के नाम से रवि आफसेट की किताबें दो गुना दाम पर बिकती मिली। कक्षा 11 गणित की पुस्तक का शासकीय नियंत्रित मूल्य 101 रुपये है, जबकि उसे 200 रुपये में बेचा जा रहा था। इसी तरह 105 रुपये मूल्य की कक्षा 12 गणित की किताब रतन प्रकाशन की 220 रुपये में बिक रही थी। घनश्याम बुक डिपो चौक में छापा मारा तो यही हाल मिला।
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डीआईओएस राजेश आर्या ने बताया कि जिलेभर में पुस्तक विक्रेता शासकीय दरों की उपेक्षा कर उन प्रकाशकों की किताबें बेच रहे हैं, जिनके दाम दो गुने या उससे भी अधिक हैं। जबकि सरकार राजीव प्रकाशन व रवि आफसेट की ही किताबें कक्षा 9, 10, 11 व 12 कक्षाओं में सभी विषयों के लिए अधिकृत की है। हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान आदि किताबों के उचित मूल्य पर संबंधित प्रकाशकों की बाजार में उपलब्ध होनी चाहिए। मगर कॉलेजों के शिक्षकों आदि से प्रकाशकों की मिलीभगत से बच्चों को दूसरी महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
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दुकानदारों को नोटिस जारी
डीआईओएस ने कहा कि सरकार से अधिकृत प्रकाशकों की किताबें न बेचने वाले दोनों दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। अब जहां भी दूसरे प्रकाशन की किताबें मिलेगी, कार्रवाई होगी। सोमवार को जिले के सभी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई गई है। जिसमें उन्हें शासकीय दरों पर तय प्रकाशकों की किताबें कक्षाओं में अधिकृत करने को लेकर सख्त हिदायत दी जाएगी।
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