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...370 हटा दिया अब पीओके की बारी है
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अयोध्या। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर राजकीय इंटर कॉलेज में सांसद लल्लू सिंह के संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन ने समां बांध दिया।
मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने दीप प्रज्वलन कर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी में हम एक लोकप्रिय राजनेता के साथ आदर्श कवि की छवि देखते हैं।
उनके आदर्श चरित्र व विचारों को जन-जन अपनाएं और जनप्रतिनिधि इसे प्रसारित करने का काम करें। सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति में पथ प्रदर्शक की भूमिका में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया जाता है।
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वैचारिक रुप से उनके विरोधी भी उनके ओजस्वी, तेजस्वी और यशस्वी व्यक्तित्व से हमेशा माग दर्शन प्राप्त करते रहे। उनका जीवन चरित्र शोध का विषय है। भारतीय राजनीति में अटल जी की भूमिका कभी विस्मृत नहीं की जा सकेगी।
कवि सम्मेलन की शुरुआत डॉ. अनामिका जैन अम्बर ने मां सरस्वती के 108 नामों की वंदना से की। अटल जी को समर्पित इस कवि सम्मेलन में विख्यात कवियत्री डॉ.अनामिका जैन अम्बर ने शहीद की दीपावली काव्य को स्वर प्रदान किया तो भावनाओं का ज्वार पूरे परिवेश में उमड़ पड़ा।
अनामिका अंबर ने- लड़के खुद बहकते हैं इशारा हम नहीं करते..., तुम्हे जब पुकारूं मैं मेरी आवाज सुन लेना..., गाली के बदले सेना गोली की बात करेगी अब..., सत्ता की अभिलाषा में जिन्ना भारत तोड़ गए... व जो दिल गुजरात का आया तो फिर लाहौर ले लेंगे...जैसी कविताओं की मनमोहक प्रस्तुति दी।
वीर रस के कवि डॉ.अभय सिंह निर्भीक ने सैनिक के चरणों में सादर अपना शीष निभाता हूं, शीष भले कट जाए पर कश्मीर नहीं दे पायेंगे, 370 हटा दिया अब पीओके की बारी है...।
अशोक टाटंबरी ने सुनाया कि कोटि- कोटि नमन है अटल के लिए, जब सिंह चरै घास तो समझौ बसंत है की...। डॉ.भुवन मोहनी ने सुनाया कि हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती, वो रेखा पार मत करना रावण क्या बिगाड़ेगा...।
कवि हेमंत पांडेय ने श्रोताओं को खूब हंसाया। प्रियांशु गजेंद्र ने सुनाया कि मैं तेरा रूह तेरा जिस्म हिंदुस्तान कर दूंगा..., मेरा मन जीतने का कोई शस्त्रागार लेकर आयी हो..., पांच करोड़ की गाड़ी खरीद नहीं सकते लात तो मार सकते हैं...।
दिनेश रघुवंशी ने किसानों की तबाही पर मुनाफाखोर बनते हैं। धड़कनों की तरह सबके दिल में हिन्दुस्तान है..., की मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति की।
डॉ. विष्णु सक्सेना ने सुनाया कि हमको जितना दिखा सिर्फ तुमको लिखा, अब ये पन्ना यहीं मोड़ दो, तुम हमारी कसम तोड़ दो... की प्रस्तुति की।
इस अवसर पर रामवल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास, हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजूदास, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंदर यादव, गोरखनाथ बाबा, शोभा सिंह चौहान, पूर्व सांसद हरिओम पांडेय, महानगर जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल आदि मौजूद रहे।
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मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने दीप प्रज्वलन कर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी में हम एक लोकप्रिय राजनेता के साथ आदर्श कवि की छवि देखते हैं।
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उनके आदर्श चरित्र व विचारों को जन-जन अपनाएं और जनप्रतिनिधि इसे प्रसारित करने का काम करें। सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति में पथ प्रदर्शक की भूमिका में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया जाता है।
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वैचारिक रुप से उनके विरोधी भी उनके ओजस्वी, तेजस्वी और यशस्वी व्यक्तित्व से हमेशा माग दर्शन प्राप्त करते रहे। उनका जीवन चरित्र शोध का विषय है। भारतीय राजनीति में अटल जी की भूमिका कभी विस्मृत नहीं की जा सकेगी।
कवि सम्मेलन की शुरुआत डॉ. अनामिका जैन अम्बर ने मां सरस्वती के 108 नामों की वंदना से की। अटल जी को समर्पित इस कवि सम्मेलन में विख्यात कवियत्री डॉ.अनामिका जैन अम्बर ने शहीद की दीपावली काव्य को स्वर प्रदान किया तो भावनाओं का ज्वार पूरे परिवेश में उमड़ पड़ा।
अनामिका अंबर ने- लड़के खुद बहकते हैं इशारा हम नहीं करते..., तुम्हे जब पुकारूं मैं मेरी आवाज सुन लेना..., गाली के बदले सेना गोली की बात करेगी अब..., सत्ता की अभिलाषा में जिन्ना भारत तोड़ गए... व जो दिल गुजरात का आया तो फिर लाहौर ले लेंगे...जैसी कविताओं की मनमोहक प्रस्तुति दी।
वीर रस के कवि डॉ.अभय सिंह निर्भीक ने सैनिक के चरणों में सादर अपना शीष निभाता हूं, शीष भले कट जाए पर कश्मीर नहीं दे पायेंगे, 370 हटा दिया अब पीओके की बारी है...।
अशोक टाटंबरी ने सुनाया कि कोटि- कोटि नमन है अटल के लिए, जब सिंह चरै घास तो समझौ बसंत है की...। डॉ.भुवन मोहनी ने सुनाया कि हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती, वो रेखा पार मत करना रावण क्या बिगाड़ेगा...।
कवि हेमंत पांडेय ने श्रोताओं को खूब हंसाया। प्रियांशु गजेंद्र ने सुनाया कि मैं तेरा रूह तेरा जिस्म हिंदुस्तान कर दूंगा..., मेरा मन जीतने का कोई शस्त्रागार लेकर आयी हो..., पांच करोड़ की गाड़ी खरीद नहीं सकते लात तो मार सकते हैं...।
दिनेश रघुवंशी ने किसानों की तबाही पर मुनाफाखोर बनते हैं। धड़कनों की तरह सबके दिल में हिन्दुस्तान है..., की मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति की।
डॉ. विष्णु सक्सेना ने सुनाया कि हमको जितना दिखा सिर्फ तुमको लिखा, अब ये पन्ना यहीं मोड़ दो, तुम हमारी कसम तोड़ दो... की प्रस्तुति की।
इस अवसर पर रामवल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास, हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजूदास, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंदर यादव, गोरखनाथ बाबा, शोभा सिंह चौहान, पूर्व सांसद हरिओम पांडेय, महानगर जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल आदि मौजूद रहे।

कवि डा.भुवन मोहिनी- फोटो : FAIZABAD

कविता का पाठ करते कवि जमुना उपाध्याय- फोटो : FAIZABAD

कविता का पाठ करते कवि प्रियांशु गजेंद्र- फोटो : FAIZABAD