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ध्वनि प्रदूषण की आईं 37 शिकायतें, लगाई गई रोक
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अयोध्या। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुलिस में शिकायतों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। ऐसे मामलो में आईं 37 शिकायतों पर पुलिस ने मौके पर जाकर कार्रवाई की। शादियों में बजने वाले डीजे-पटाखे समझाकर रुकवाए गए। एक सप्ताह में जिलेभर से यूपी-112 को कुल 37 शिकायतें मिलीं।
यूपी बोर्ड व सीबीएसई परीक्षाओं के मद्देनजर यूपी-112 आपात सेवा ने पूरे प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान शुरू किया है। ध्वनि प्रदूषण से बच्चों की पढ़ाई ही नहीं बाधित होती बल्कि बीमार व बुजुर्ग लोगों को भी दिक्कत होती है। समय-समय पर आए मेडिकल साइंस के विभिन्न शोध भी ये बताते हैं कि ध्वनि प्रदूषण हमारी सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है।
इसको लेकर पुलिस ने निर्देश जारी किया था कि रात 10 बजे के बाद मैरिज लॉन, होटल, धर्मशाला व अन्य सार्वजनिक स्थलों समेत वैवाहिक समारोहों में लाउडस्पीकर या डीजे बजने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों को जब्त कर लिया जाएगा।
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पुलिस ने बाकायदा गाइड लाइन जारी करते हुए लोगों को इसकी सूचना यूपी-112 पर देने की अपील की थी। इस पर 15 फरवरी से अब तक जिलेभर में कुल 37 शिकायतें मिलीं। इन सभी का पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निस्तारण कराया। इन सभी मामलों में दोबारा कोई शिकायत नहीं मिली।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि अभी तक आए सभी मामलों में लोगों ने भविष्य में ऐसा न करने की बात कही है, इसके चलते कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। थानावार पुलिस द्वारा चेक करने पर भी रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे आदि बजते नहीं पाए जा रहे हैं।
इस पूरे अभियान को सफलतापूर्वक चलाने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष तौर से प्रशिक्षित किया गया है। यूपी-112 पर पीड़ित की कॉल से शिकायत दर्ज करने वाले कॉल टेकर्स, पीआरवी और थानों में तैनात स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। वहीं, यूपी-112 के एडीजी ने निर्देश जारी किया था कि यातायात पुलिस के पास डेसिबल मीटर उपलब्ध है, इनका प्रयोग किया जाए। ऐसे में डेसिबल मीटर का प्रयोग किया जा रहा है।
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यूपी बोर्ड व सीबीएसई परीक्षाओं के मद्देनजर यूपी-112 आपात सेवा ने पूरे प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान शुरू किया है। ध्वनि प्रदूषण से बच्चों की पढ़ाई ही नहीं बाधित होती बल्कि बीमार व बुजुर्ग लोगों को भी दिक्कत होती है। समय-समय पर आए मेडिकल साइंस के विभिन्न शोध भी ये बताते हैं कि ध्वनि प्रदूषण हमारी सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है।
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इसको लेकर पुलिस ने निर्देश जारी किया था कि रात 10 बजे के बाद मैरिज लॉन, होटल, धर्मशाला व अन्य सार्वजनिक स्थलों समेत वैवाहिक समारोहों में लाउडस्पीकर या डीजे बजने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों को जब्त कर लिया जाएगा।
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पुलिस ने बाकायदा गाइड लाइन जारी करते हुए लोगों को इसकी सूचना यूपी-112 पर देने की अपील की थी। इस पर 15 फरवरी से अब तक जिलेभर में कुल 37 शिकायतें मिलीं। इन सभी का पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निस्तारण कराया। इन सभी मामलों में दोबारा कोई शिकायत नहीं मिली।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि अभी तक आए सभी मामलों में लोगों ने भविष्य में ऐसा न करने की बात कही है, इसके चलते कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। थानावार पुलिस द्वारा चेक करने पर भी रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे आदि बजते नहीं पाए जा रहे हैं।
इस पूरे अभियान को सफलतापूर्वक चलाने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष तौर से प्रशिक्षित किया गया है। यूपी-112 पर पीड़ित की कॉल से शिकायत दर्ज करने वाले कॉल टेकर्स, पीआरवी और थानों में तैनात स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। वहीं, यूपी-112 के एडीजी ने निर्देश जारी किया था कि यातायात पुलिस के पास डेसिबल मीटर उपलब्ध है, इनका प्रयोग किया जाए। ऐसे में डेसिबल मीटर का प्रयोग किया जा रहा है।