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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 33 हजार वाद
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:54 PM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 33 हजार 292 वाद निपटे। यह मामले दीवानी, फौजदारी और राजस्व से संबंधित थे। कई-कई साल से छोटे-छोटे मामलों को लेकर अदालत के चक्कर लगा रहे वादकारियों को बड़ी राहत मिली है।
लोक अदालत से 22 जोड़ों को हंसी-खुशी के बीच विदा किया। लगभग सात करोड़ रुपये के मामलों का निस्तारण हुआ। कचहरी परिसर में शनिवार को लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज शिव कुमार सिंह और जिला मजिस्ट्रेट अनिल ढींगरा ने किया।
इस अवसर पर नि:शक्तों को कृत्रिम अंग एवं सहायक अंग वितरित किए गए। 10 ट्राई साइकिलें वितरित की गई। संचालन सिविल जज रवींद्र प्रसाद गुप्ता ने किया। लोक अदालत में प्री लिटीगेशन स्तर के वाद भी निपटाए गए।
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कमिश्नर सूर्य प्रकाश मिश्र, जिला मजिस्ट्रेट अनिल ढींगरा सहित राजस्व न्यायालयों ने भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण करके वादकारियों को राहत दी।
जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव रवीश कुमार अत्री ने बताया कि लोक अदालत में 18 वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा सीजेएम देवकांत शुक्ला ने करते हुए कुल 4168 मामलों का निस्तारण किया।
पारिवारिक न्यायाधीश विश्वनाथ ने 42 वैवाहिक वाद एवं 38 भरण पोषण वाद का निस्तारण किया। 22 जोड़ों को सुलह से निस्तारित करके साथ-साथ रहने के लिए विदा किया गया।
राजेश पाराशर व्यवहार न्यायाधीश ने उत्तराधिकार के 38 मामलों का निस्तारण किया। उन्होंने 1,02,48,523.00 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि राजस्व न्यायालय में तहसील से जनपद तक 8671 मामलों के सापेक्ष 8670 वाद निस्तारित किए गए।
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लोक अदालत से 22 जोड़ों को हंसी-खुशी के बीच विदा किया। लगभग सात करोड़ रुपये के मामलों का निस्तारण हुआ। कचहरी परिसर में शनिवार को लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज शिव कुमार सिंह और जिला मजिस्ट्रेट अनिल ढींगरा ने किया।
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इस अवसर पर नि:शक्तों को कृत्रिम अंग एवं सहायक अंग वितरित किए गए। 10 ट्राई साइकिलें वितरित की गई। संचालन सिविल जज रवींद्र प्रसाद गुप्ता ने किया। लोक अदालत में प्री लिटीगेशन स्तर के वाद भी निपटाए गए।
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कमिश्नर सूर्य प्रकाश मिश्र, जिला मजिस्ट्रेट अनिल ढींगरा सहित राजस्व न्यायालयों ने भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण करके वादकारियों को राहत दी।
जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव रवीश कुमार अत्री ने बताया कि लोक अदालत में 18 वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा सीजेएम देवकांत शुक्ला ने करते हुए कुल 4168 मामलों का निस्तारण किया।
पारिवारिक न्यायाधीश विश्वनाथ ने 42 वैवाहिक वाद एवं 38 भरण पोषण वाद का निस्तारण किया। 22 जोड़ों को सुलह से निस्तारित करके साथ-साथ रहने के लिए विदा किया गया।
राजेश पाराशर व्यवहार न्यायाधीश ने उत्तराधिकार के 38 मामलों का निस्तारण किया। उन्होंने 1,02,48,523.00 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि राजस्व न्यायालय में तहसील से जनपद तक 8671 मामलों के सापेक्ष 8670 वाद निस्तारित किए गए।