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निमोनिया से मासूमों की जान बचाने को आई 47 हजार वैक्सीन
Updated Fri, 18 May 2018 09:48 PM IST
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मासूमों की जान बचाने को आ गईं 47 हजार वैक्सीन
फैजाबाद। निमोनिया से आए दिन हो रही मासूमों की मौत पर अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पहले चार हजार रुपये की जो वैक्सीन सिर्फ बाजार में उपलब्ध है, उसे अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुफ्त में बच्चों के टीकाकरण के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में कुल 47 हजार वैक्सीन आ गई है। शनिवार से सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर निमोनिया से बचाव के लिए न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। जो प्रत्येक डेढ़ माह के बच्चे को निशुल्क लगाई जाएगी। सीएमओ का कहना है कि अभियान की सफलता के लिए सभी स्वास्थ्य इकाईयों को अलर्ट कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में मार्च और अप्रैल माह में निमोनिया समेत विभिन्न कारणों से करीब 52 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक इन बच्चों को बचाने के लिए विभाग की ओर से किया गया इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा था। निमोनिया से बचाव के लिए सामान्य टीकाकरण की व्यवस्था थी। जबकि पीसीवी टीकाकरण की सुविधा सिर्फ निजी स्वास्थ्य इकाइयों पर मौजूद थी। जहां मरीजों से अच्छी-खासी रकम वसूल की जाती थी। इन्हीं दुश्वारियों को कम करने के लिए सरकार ने प्रदेश के छह जिलों के साथ फैजाबाद में भी निमोनिया का टीकाकरण निशुल्क शुरू कराने का मन बनाया है। यह वैक्सीन अब सभी सीएचसी, पीएचसी व सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर टीकाकरण के नियमित कार्यक्रम में शामिल की गई है। इसका शुभारंभ शनिवार को ही जिले भर में किया जाएगा।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके देव ने बताया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 12 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। इसको ध्यान में दखते हुए प्रथम चरण में करीब 47 हजार वैक्सीन जिले को प्राप्त हुई है। न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन निमोनिया पर नियंत्रण लगाने में पूर्णतया सक्षम है। बच्चे को निमोनिया से बचाने के लिए पीसीवी का तीन टीका लगाया जाएगा। पहला टीका 6 सप्ताह पर, दूसरा 14 सप्ताह और तीसरा बूस्टर टीका 9 माह पर लगाया जाएगा। बताया कि यह प्रमाणित हो चुका है कि पीसीवी के टीके के साथ अन्य निर्धारित वैक्सीन भी साथ में दी जाएगी। एक साथ कई टीके दिए जाना पूर्णतया सुरक्षित है। इसके प्रयोग के लिए जिले की एएनएम, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आदि को पूर्व में ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। बताया कि न्यूमोकोकस उन कई रोगाणुओं में से एक है जो न्यूमोनिया कर सकते हैं, लेकिन बच्चों को अन्य कारणों से भी न्यूमोनिया हो सकता है।
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सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि निमोनिया व दिमागी बुखार से बचाव के लिए अब तक पीसीवी का टीकाकरण की व्यवस्था बाजार में उपलब्ध थी। जिसकी कीमत करीब चार हजार रुपये है। अब शासन के निर्देश पर यह टीकाकरण निशुल्क किया जाएगा, जो आमतौर पर हो रहे कार्यक्रमों में शामिल होगा।
जिले में निमोनिया का इलाज खस्ताहाल
जिले में निमोनिया से बचाव की कोई खास व्यवस्था नहीं है। नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए महिला अस्पताल में 12 बेड के एसएनसीयू की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिला अस्पताल में 12 बेड का बच्चा वार्ड स्थापित किया गया है। मगर यहां इलाज के लिए वेंटिलेटर आदि की भी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा श्रीराम चिकित्सालय व मंडलीय चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है, जो नियमित ओपीडी में बैठकर इलाज करते हैं। यहां के डॉक्टर जैसे ही निमोनिया का गंभीर बच्चा मिलता है, लखनऊ रेफर करने के अलावा कोई उपचार नहीं पाते है।
निमोनिया की भयावहता से बढ़ रही शिशु मृत्यु दर
जिले में निमोनिया की भयावहता से शिशु मृत्यु दर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। डीसीपीएम अमित कुमार ने बताया कि जिले में प्रति एक हजार बच्चों पर 88 बच्चे प्रतिवर्ष एक वर्ष की आयु पूर्ण नहीं कर पाते हैं। जबकि 115 बच्चों की मौत पांच वर्ष की आयु पूर्ण करते-करते हो जाती है। सिर्फ बीते मार्च माह में 30 व अप्रैल में 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। माना जा रहा है कि इस वैक्सीन की शुरुआत होने से इस पर अंकुश लगाने में सफलता मिलेगी।
जिले में अब निमोनिया से निपटने के लिए टीकाकारण की सुविधा नहीं थी। अब शनिवार से सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में निमोनिया व दिमागी बुखार से बचाव के लिए पीसीवी टीकाकरण शुरू किया जा रहा है। इसके लिए करीब 47 हजार वैक्सीन जिले को प्राप्त हो गई है। टीकाकरण को लेकर सभी स्वास्थ्य इकाईयों को अलर्ट कर दिया गया है।-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद
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फैजाबाद। निमोनिया से आए दिन हो रही मासूमों की मौत पर अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पहले चार हजार रुपये की जो वैक्सीन सिर्फ बाजार में उपलब्ध है, उसे अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुफ्त में बच्चों के टीकाकरण के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में कुल 47 हजार वैक्सीन आ गई है। शनिवार से सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर निमोनिया से बचाव के लिए न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। जो प्रत्येक डेढ़ माह के बच्चे को निशुल्क लगाई जाएगी। सीएमओ का कहना है कि अभियान की सफलता के लिए सभी स्वास्थ्य इकाईयों को अलर्ट कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में मार्च और अप्रैल माह में निमोनिया समेत विभिन्न कारणों से करीब 52 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक इन बच्चों को बचाने के लिए विभाग की ओर से किया गया इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा था। निमोनिया से बचाव के लिए सामान्य टीकाकरण की व्यवस्था थी। जबकि पीसीवी टीकाकरण की सुविधा सिर्फ निजी स्वास्थ्य इकाइयों पर मौजूद थी। जहां मरीजों से अच्छी-खासी रकम वसूल की जाती थी। इन्हीं दुश्वारियों को कम करने के लिए सरकार ने प्रदेश के छह जिलों के साथ फैजाबाद में भी निमोनिया का टीकाकरण निशुल्क शुरू कराने का मन बनाया है। यह वैक्सीन अब सभी सीएचसी, पीएचसी व सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर टीकाकरण के नियमित कार्यक्रम में शामिल की गई है। इसका शुभारंभ शनिवार को ही जिले भर में किया जाएगा।
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जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके देव ने बताया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 12 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। इसको ध्यान में दखते हुए प्रथम चरण में करीब 47 हजार वैक्सीन जिले को प्राप्त हुई है। न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन निमोनिया पर नियंत्रण लगाने में पूर्णतया सक्षम है। बच्चे को निमोनिया से बचाने के लिए पीसीवी का तीन टीका लगाया जाएगा। पहला टीका 6 सप्ताह पर, दूसरा 14 सप्ताह और तीसरा बूस्टर टीका 9 माह पर लगाया जाएगा। बताया कि यह प्रमाणित हो चुका है कि पीसीवी के टीके के साथ अन्य निर्धारित वैक्सीन भी साथ में दी जाएगी। एक साथ कई टीके दिए जाना पूर्णतया सुरक्षित है। इसके प्रयोग के लिए जिले की एएनएम, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आदि को पूर्व में ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। बताया कि न्यूमोकोकस उन कई रोगाणुओं में से एक है जो न्यूमोनिया कर सकते हैं, लेकिन बच्चों को अन्य कारणों से भी न्यूमोनिया हो सकता है।
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सीएमओ डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि निमोनिया व दिमागी बुखार से बचाव के लिए अब तक पीसीवी का टीकाकरण की व्यवस्था बाजार में उपलब्ध थी। जिसकी कीमत करीब चार हजार रुपये है। अब शासन के निर्देश पर यह टीकाकरण निशुल्क किया जाएगा, जो आमतौर पर हो रहे कार्यक्रमों में शामिल होगा।
जिले में निमोनिया का इलाज खस्ताहाल
जिले में निमोनिया से बचाव की कोई खास व्यवस्था नहीं है। नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए महिला अस्पताल में 12 बेड के एसएनसीयू की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिला अस्पताल में 12 बेड का बच्चा वार्ड स्थापित किया गया है। मगर यहां इलाज के लिए वेंटिलेटर आदि की भी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा श्रीराम चिकित्सालय व मंडलीय चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है, जो नियमित ओपीडी में बैठकर इलाज करते हैं। यहां के डॉक्टर जैसे ही निमोनिया का गंभीर बच्चा मिलता है, लखनऊ रेफर करने के अलावा कोई उपचार नहीं पाते है।
निमोनिया की भयावहता से बढ़ रही शिशु मृत्यु दर
जिले में निमोनिया की भयावहता से शिशु मृत्यु दर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। डीसीपीएम अमित कुमार ने बताया कि जिले में प्रति एक हजार बच्चों पर 88 बच्चे प्रतिवर्ष एक वर्ष की आयु पूर्ण नहीं कर पाते हैं। जबकि 115 बच्चों की मौत पांच वर्ष की आयु पूर्ण करते-करते हो जाती है। सिर्फ बीते मार्च माह में 30 व अप्रैल में 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। माना जा रहा है कि इस वैक्सीन की शुरुआत होने से इस पर अंकुश लगाने में सफलता मिलेगी।
जिले में अब निमोनिया से निपटने के लिए टीकाकारण की सुविधा नहीं थी। अब शनिवार से सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में निमोनिया व दिमागी बुखार से बचाव के लिए पीसीवी टीकाकरण शुरू किया जा रहा है। इसके लिए करीब 47 हजार वैक्सीन जिले को प्राप्त हो गई है। टीकाकरण को लेकर सभी स्वास्थ्य इकाईयों को अलर्ट कर दिया गया है।-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद