{"_id":"5ad78be44f1c1ba1098b5403","slug":"21524075492-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यालय में बच्चों के बीच शिक्षक बने जिलाधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यालय में बच्चों के बीच शिक्षक बने जिलाधिकारी
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्यालय में बच्चों के बीच शिक्षक बने जिलाधिकारी
फैजाबाद। स्वच्छ भारत पर्व पर जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार बच्चों के बीच शिक्षक बन गए। प्राथमिक विद्यालय पूराबाजार में सवाल जवाब के जरिए बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया।
डीएम ने संक्रमण व प्रदूषण फैलने के कारण और परिणाम से शुरू करके घर में शौचालय निर्माण करवाने तक के लिए प्रेरित किया। बताया कि संक्रमण व प्रदूषण से सभी बीमार होते हैं। बच्चों ने बताया कि संक्रमण व प्रदूषण वातावरण, हवा, पानी से फैलता है। डीएम ने बच्चों से कहा कि संक्रमण व प्रदूषण से आदमी व पशु-पक्षी भी प्रभावित होते है। इससे हम सभी को बचना है। उन्होंने उन छात्र-छात्राओं, जिनके यहां टॉयलेट नहीं बना है और वे 15-20 दिन में अपने माता-पिता को प्रेरित कर शौचालय बनवाते है तो उन्हें मई में 200-200 रुपये का पुरस्कार वे स्वयं आकर वितरित करेंगे। उन्होंने प्राथमिक व जूनियर विद्यालय के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को जिम्मेदारी दी कि व 21-21 बच्चों की सूची बनवाएं। जिनके यहां शौचालय नहीं है और 15-20 दिन में उनके अभिभावकों को बुलाकर शौचालय बनवाने की प्रक्रिया प्रारंभ कराएं। डीएम ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता से शौचालय बनवाने के लिए जिद करें और कहे कि हम अब खुले में शौच नहीं करेंगे हम बड़े हो गए हैं हमें अब शर्म आती है।
विज्ञापन
फैजाबाद। स्वच्छ भारत पर्व पर जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार बच्चों के बीच शिक्षक बन गए। प्राथमिक विद्यालय पूराबाजार में सवाल जवाब के जरिए बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया।
डीएम ने संक्रमण व प्रदूषण फैलने के कारण और परिणाम से शुरू करके घर में शौचालय निर्माण करवाने तक के लिए प्रेरित किया। बताया कि संक्रमण व प्रदूषण से सभी बीमार होते हैं। बच्चों ने बताया कि संक्रमण व प्रदूषण वातावरण, हवा, पानी से फैलता है। डीएम ने बच्चों से कहा कि संक्रमण व प्रदूषण से आदमी व पशु-पक्षी भी प्रभावित होते है। इससे हम सभी को बचना है। उन्होंने उन छात्र-छात्राओं, जिनके यहां टॉयलेट नहीं बना है और वे 15-20 दिन में अपने माता-पिता को प्रेरित कर शौचालय बनवाते है तो उन्हें मई में 200-200 रुपये का पुरस्कार वे स्वयं आकर वितरित करेंगे। उन्होंने प्राथमिक व जूनियर विद्यालय के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को जिम्मेदारी दी कि व 21-21 बच्चों की सूची बनवाएं। जिनके यहां शौचालय नहीं है और 15-20 दिन में उनके अभिभावकों को बुलाकर शौचालय बनवाने की प्रक्रिया प्रारंभ कराएं। डीएम ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता से शौचालय बनवाने के लिए जिद करें और कहे कि हम अब खुले में शौच नहीं करेंगे हम बड़े हो गए हैं हमें अब शर्म आती है।
विज्ञापन