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मुख्य स्नान पर्व आज, श्रद्धालुओं से पटी रामनगरी
Updated Sun, 06 Aug 2017 10:48 PM IST
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मुख्य स्नान पर्व आज, श्रद्धालुओं से पटी रामनगरी
अयोध्या। रामनगरी में प्रसिद्ध सावन झूला मेले के अंतिम पर्व श्रावण पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रविवार को देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रसिद्ध कनक भवन, श्रीराम बल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला, सद्गुरु सदन, विअहुति भवन, जानकी महल ट्रस्ट, रामहर्षण कुंज, दिव्यकला कुंज समेत अन्य मंदिरों में झूलनोत्सव का उल्लास चरम पर है। सोमवार को मेले के मुख्य पर्व पूर्णिमा पर स्नान, दान के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु देर शाम तक अयोध्या चुके हैं। भारी भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंध लागू कर सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं।
श्रावणी तीज तिथि 26 जुलाई से आरंभ हुआ सावन झूला मेला दिन गुजरने के साथ ही परवान चढ़ता गया। मठ-मंदिरों में आयोजित झूलनोत्सव पर्व में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ का नगरी में आने व जाने का क्रम बना रहा। मठ-मंदिरों में देर शाम से रात तक चलने वाले धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आकर्षण श्रद्धालुओं के सिर चढ़कर बोलने लगा है। सरयू तट स्थित बिअहुति भवन, सद्गुरु सदन, लक्ष्मण किला, श्रीराम वल्लभाकुंज, श्रीमणिराम दास की छावनी, विवादित परिसर से सटे रंग महल आदि मंदिरों में गीत-संगीत व नृत्य के बीच कार्यक्रम में आराध्य की आराधना के साथ आनंद में संत व श्रद्धालु डूबे हुए हैं। एडीएम सिटी व मेला अधिकारी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि पूर्णिमा के दिन ग्रहण लगने से इसके दूसरे दिन भी भीड़ होने की संभावना है। सुरक्षा इंतजाम 8 अगस्त तक लागू रहेंगे।
मठ-मंदिर व धर्मशाला श्रद्धालुओं से पटे
मेले के मुख्य पर्व में स्नान-दान आदि उपाकर्म के लिए रविवार से ही श्रावण पूर्णिमा स्नान व दर्शन के लिए मेले में तीर्थयात्रियों का जमावड़ा होने लगा। श्रद्धालु मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में ठहरने लगे हैं। सुबह से सरयू स्नान के साथ प्रमुख मंदिरों नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की भीड़ दिन भर लगी रही। वहीं पूर्णिमा पर अबकि बार चंद्रग्रहण लग रहा है, सूतक के चलते मठ-मंदिरों के कपाट दोपहर पूर्व से ही बंद हो जाएंगे, जिसके चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि सुबह की बेला में स्नान घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगा।
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सु़रक्षा के कड़े इंतजाम, यातायात प्रतिबंधित
एसपी सिटी व मेला सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर मेला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित कर दिया। चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि लकड़मंडी गोंडा की तरफ नयाघाट की तरफ किसी भी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, इसके साथ ही श्रद्धालुओं के दो पहिया व अन्य वाहन साकेत पेट्रोल पंप के पास पार्किंग में खड़े होंगे। वहीं फैजाबाद की तरफ से आने वाले चारी पहिया वाहन टेढ़ी बाजार तक व दो व तिपहिया वाहन श्रीराम अस्पताल तक आ जा सकेंगे। एसपी सिटी ने बताया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, विशेषकर घाटों के आसपास लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वो गहरे पानी में न जाए। इसके साथ ही जर्जर मंदिरों में श्रद्धालुओं के ठहरने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
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अयोध्या। रामनगरी में प्रसिद्ध सावन झूला मेले के अंतिम पर्व श्रावण पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रविवार को देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रसिद्ध कनक भवन, श्रीराम बल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला, सद्गुरु सदन, विअहुति भवन, जानकी महल ट्रस्ट, रामहर्षण कुंज, दिव्यकला कुंज समेत अन्य मंदिरों में झूलनोत्सव का उल्लास चरम पर है। सोमवार को मेले के मुख्य पर्व पूर्णिमा पर स्नान, दान के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु देर शाम तक अयोध्या चुके हैं। भारी भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंध लागू कर सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं।
श्रावणी तीज तिथि 26 जुलाई से आरंभ हुआ सावन झूला मेला दिन गुजरने के साथ ही परवान चढ़ता गया। मठ-मंदिरों में आयोजित झूलनोत्सव पर्व में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ का नगरी में आने व जाने का क्रम बना रहा। मठ-मंदिरों में देर शाम से रात तक चलने वाले धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आकर्षण श्रद्धालुओं के सिर चढ़कर बोलने लगा है। सरयू तट स्थित बिअहुति भवन, सद्गुरु सदन, लक्ष्मण किला, श्रीराम वल्लभाकुंज, श्रीमणिराम दास की छावनी, विवादित परिसर से सटे रंग महल आदि मंदिरों में गीत-संगीत व नृत्य के बीच कार्यक्रम में आराध्य की आराधना के साथ आनंद में संत व श्रद्धालु डूबे हुए हैं। एडीएम सिटी व मेला अधिकारी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि पूर्णिमा के दिन ग्रहण लगने से इसके दूसरे दिन भी भीड़ होने की संभावना है। सुरक्षा इंतजाम 8 अगस्त तक लागू रहेंगे।
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मठ-मंदिर व धर्मशाला श्रद्धालुओं से पटे
मेले के मुख्य पर्व में स्नान-दान आदि उपाकर्म के लिए रविवार से ही श्रावण पूर्णिमा स्नान व दर्शन के लिए मेले में तीर्थयात्रियों का जमावड़ा होने लगा। श्रद्धालु मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में ठहरने लगे हैं। सुबह से सरयू स्नान के साथ प्रमुख मंदिरों नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की भीड़ दिन भर लगी रही। वहीं पूर्णिमा पर अबकि बार चंद्रग्रहण लग रहा है, सूतक के चलते मठ-मंदिरों के कपाट दोपहर पूर्व से ही बंद हो जाएंगे, जिसके चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि सुबह की बेला में स्नान घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगा।
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सु़रक्षा के कड़े इंतजाम, यातायात प्रतिबंधित
एसपी सिटी व मेला सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर मेला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित कर दिया। चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि लकड़मंडी गोंडा की तरफ नयाघाट की तरफ किसी भी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, इसके साथ ही श्रद्धालुओं के दो पहिया व अन्य वाहन साकेत पेट्रोल पंप के पास पार्किंग में खड़े होंगे। वहीं फैजाबाद की तरफ से आने वाले चारी पहिया वाहन टेढ़ी बाजार तक व दो व तिपहिया वाहन श्रीराम अस्पताल तक आ जा सकेंगे। एसपी सिटी ने बताया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, विशेषकर घाटों के आसपास लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वो गहरे पानी में न जाए। इसके साथ ही जर्जर मंदिरों में श्रद्धालुओं के ठहरने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।