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अवध विवि में खुलेगा हाईटेक वैज्ञानिक शोध केंद्र
Updated Thu, 03 May 2018 11:49 PM IST
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अवध विश्वविद्यालय में खुलेगा हाईटेक वैज्ञानिक शोध केंद्र
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की उपलब्धि में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत विश्वविद्यालय में अति आधुनिक वैज्ञानिक शोध केंद्र खुलने जा रहा है। यह केंद्रीकृत उपकरण सुविधा (सीआईएफ) शोध केंद्र के नाम से जाना जाएगा। योजना के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपये का धन आवंटित हो गया है। भवन बनाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। खास बात यह है कि अवध विश्वविद्यालय में खुलने वाला सीआईएफ शोध केंद्र आसपास के विश्वविद्यालयों की पहली ऐसी प्रयोगशाला होगी, जहां शोध छात्रों को अति आधुनिक सुविधाएं व उपकरण मिलेंगे। यह सुविधा विश्वविद्यालय के छात्रों के अलावा बाहरी शोधार्थियों के लिए भी मुहैया कराई जाएगी, लेकिन देश की प्रतिष्ठि शोध संस्थाओं की तरह अवध विश्वविद्यालय भी बाहरी शोधार्थियों से फीस वसूल करेगा। हालांकि फीस का निर्धारण अभी नहीं हो सका है।
कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित के प्रयास से पिछले वर्ष अवध विश्वविद्यालय में रूसा के तहत सीआईएफ शोध केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। अब इस योजना पर कार्य शुरू हो गया है। रूसा की ओर से प्रथम चरण में भवन बनाने के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये मिले है। विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस में इलेक्ट्रॉनिक्स व फिजिक्स विभाग के बगल भवन बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
भवन निर्माण के बाद दूसरे फेज में उपकरण के लिए रूसा धनराशि का आवंटन करेगा। इसके लिए विज्ञान विषय से जुड़े समस्त विभागों से आधुुनिक व आसानी से न मिलने वाले उपकरणों की लिस्ट विभागों से मांगी जाएगी। इसकी कास्ट निर्धारित करके रूसा को भेजी जाएगी। इसके बाद ही उपकरणों की धनराशि का आवंटन होगा।
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विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि
इलेक्ट्रॉनिक्स व फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर केके वर्मा बताते है कि इस प्रकार के उपकरण केंद्र इंदौर के वैज्ञानिक संकुल केंद्र व गुजरात के सीकार्ट जैसी संस्थाओं के पास ही है। उनका कहना है कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के पास ऐसा कोई उपकरण केंद्र नहीं है। अवध विश्वविद्यालय में सीआईएफ शोध केंद्र का खुलना एक बड़ी उपलब्धि है।
दो मंजिला भवन में आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी तीन प्रयोगशालाएं
भवन दो मंजिला होगा। भवन के दोनों फ्लोर पर एक बड़ा ऑडियो-विजुअल हाल बनेगा। इसमें देश व देश के बाहर से आने वाले वैज्ञानिक शोधार्थियों से रू-ब-रू हो सकेंगे। इसके अलावा आधुनिक उपकरणों से लैस तीन प्रयोगशालाएं भी होंगी। साथ ही मीटिंग हाल व एक बड़ा हाल भी बनाया जाएगा। इसमें माइक्रो बायोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, पर्यावरण विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स व फिजिक्स के अलावा समस्त विज्ञान विषयों के आधुनिक उपकरण होंगे। विश्वविद्यालय के विज्ञान विभाग से संबधित सभी शोधार्थी इसमें शोध कर सकेंगे।
अवध विश्वविद्यालय के सीआईएफ शोध केंद्र के लिए रूसा से धनराशि का आवंटन हो चुका है। जल्द ही भवन बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। भवन बनने के बाद उपकरण खरीदने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सीआईएफ शोध केंद्र से विश्वविद्यालय के शोधार्थियों के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय के छात्रों को भी फायदा मिलेगा।-प्रो. मनोज दीक्षित, कुलपति, अवध विश्वविद्यालय
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की उपलब्धि में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत विश्वविद्यालय में अति आधुनिक वैज्ञानिक शोध केंद्र खुलने जा रहा है। यह केंद्रीकृत उपकरण सुविधा (सीआईएफ) शोध केंद्र के नाम से जाना जाएगा। योजना के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपये का धन आवंटित हो गया है। भवन बनाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। खास बात यह है कि अवध विश्वविद्यालय में खुलने वाला सीआईएफ शोध केंद्र आसपास के विश्वविद्यालयों की पहली ऐसी प्रयोगशाला होगी, जहां शोध छात्रों को अति आधुनिक सुविधाएं व उपकरण मिलेंगे। यह सुविधा विश्वविद्यालय के छात्रों के अलावा बाहरी शोधार्थियों के लिए भी मुहैया कराई जाएगी, लेकिन देश की प्रतिष्ठि शोध संस्थाओं की तरह अवध विश्वविद्यालय भी बाहरी शोधार्थियों से फीस वसूल करेगा। हालांकि फीस का निर्धारण अभी नहीं हो सका है।
कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित के प्रयास से पिछले वर्ष अवध विश्वविद्यालय में रूसा के तहत सीआईएफ शोध केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। अब इस योजना पर कार्य शुरू हो गया है। रूसा की ओर से प्रथम चरण में भवन बनाने के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये मिले है। विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस में इलेक्ट्रॉनिक्स व फिजिक्स विभाग के बगल भवन बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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भवन निर्माण के बाद दूसरे फेज में उपकरण के लिए रूसा धनराशि का आवंटन करेगा। इसके लिए विज्ञान विषय से जुड़े समस्त विभागों से आधुुनिक व आसानी से न मिलने वाले उपकरणों की लिस्ट विभागों से मांगी जाएगी। इसकी कास्ट निर्धारित करके रूसा को भेजी जाएगी। इसके बाद ही उपकरणों की धनराशि का आवंटन होगा।
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विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि
इलेक्ट्रॉनिक्स व फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर केके वर्मा बताते है कि इस प्रकार के उपकरण केंद्र इंदौर के वैज्ञानिक संकुल केंद्र व गुजरात के सीकार्ट जैसी संस्थाओं के पास ही है। उनका कहना है कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के पास ऐसा कोई उपकरण केंद्र नहीं है। अवध विश्वविद्यालय में सीआईएफ शोध केंद्र का खुलना एक बड़ी उपलब्धि है।
दो मंजिला भवन में आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी तीन प्रयोगशालाएं
भवन दो मंजिला होगा। भवन के दोनों फ्लोर पर एक बड़ा ऑडियो-विजुअल हाल बनेगा। इसमें देश व देश के बाहर से आने वाले वैज्ञानिक शोधार्थियों से रू-ब-रू हो सकेंगे। इसके अलावा आधुनिक उपकरणों से लैस तीन प्रयोगशालाएं भी होंगी। साथ ही मीटिंग हाल व एक बड़ा हाल भी बनाया जाएगा। इसमें माइक्रो बायोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, पर्यावरण विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स व फिजिक्स के अलावा समस्त विज्ञान विषयों के आधुनिक उपकरण होंगे। विश्वविद्यालय के विज्ञान विभाग से संबधित सभी शोधार्थी इसमें शोध कर सकेंगे।
अवध विश्वविद्यालय के सीआईएफ शोध केंद्र के लिए रूसा से धनराशि का आवंटन हो चुका है। जल्द ही भवन बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। भवन बनने के बाद उपकरण खरीदने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सीआईएफ शोध केंद्र से विश्वविद्यालय के शोधार्थियों के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय के छात्रों को भी फायदा मिलेगा।-प्रो. मनोज दीक्षित, कुलपति, अवध विश्वविद्यालय