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जनता पर बोझ, अब कूड़ा ले जाने का देना होगा शुल्क
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:01 PM IST
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अब कूड़ा ले जाने का देना होगा शुल्क
फैजाबाद। नगर निगम अयोध्या ने घर-घर कूड़ा लेने की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी के हाथ में सौंपकर जनता पर शुल्क का बोझ डाला है। शहर में घरों-दुकानों, प्रतिष्ठानों आदि से कूड़ा ले जाने के लिए शुल्क की दरें तय कर दी गई है। भवन और प्रतिष्ठान मालिकों को एरिया के हिसाब से इसकी अदायगी करनी होगी। सबसे कम झोपड़ी व कच्चे मकान में रहने वाले गरीबों को जहां पांच रुपये प्रतिमाह देना होगा, वहीं विवाह मंडप को ढाई हजार और माल को पांच हजार रुपये देने होंगे। शुल्क न देने पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। पहले चरण में अयोध्या के पांच स्थानों पर इसकी शुरूआत की गई है।
नगर निगम अयोध्या में घर और प्रतिष्ठानों से कूड़ा ले जाने के लिए कियाना सॉल्यूशन एंड सर्र्विसेज प्रा.लि. को यह जिम्मेदारी दी गई है। व्यवस्था यह है कि कंपनी के वर्कर सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे के बीच घर-घर पहुंचकर कूड़ा ले जाएंगे। कोई भी व्यक्ति न तो कूड़े को सड़क पर फेंकेगा और न ही गली में फेंका जाएगा। ऐसा करने पर इसे दंडनीय अपराध बताया गया है। निगम प्रशासन ने कहा है कि घर के कूड़े को कूडे़दान में रखें। वर्कर दरवाजे पर पहुंचेगा तो सीटी बजाएगा। इससे घर के लोगों को जानकारी हो जाएगी और कूड़ा वर्कर को सीधे दे दिया जाएगा या फिर कूड़ेदान को दरवाजे पर रख देंगे तो वह उसे खाली कर लेगा।
घर से कूड़ा ले जाने के लिए दरें तय कर दी गई हैं। कच्चे मकान में रहने वाले अन्त्योदय कार्डधारी को सबसे कम पांच रुपये हर महीने शुल्क देना होगा। जबकि माल को सबसे ज्यादा पांच हजार रुपये प्रतिमाह शुल्क अदा करना होगा। बीपीएल कार्डधारक परिवारों के लिए 15 रुपये महीने शुल्क देना होगा। चाय, पान, खोमचा, ठेला वालों को 60 रुपये महीने शुल्क देना होगा। आवासीय मकानों के क्षेत्रफल के हिसाब से रेट तय किए गए हैं तो होटल और धर्मशालाओं को उनमें कमरे के आधार पर। स्कूलों में बच्चों के आधार पर रेट तय किए गए हैं। इसी तरह कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों के साथ नर्सिंग होम और अस्पतालों के लिए रेट तय किए गए हैं। इनकी कई श्रेणी तय की गई है। हालांकि अभी यह व्यवस्था अयोध्या के आधा दर्जन क्षेत्रों में ही लागू की गई है लेकिन जल्दी ही इसे पूरे नगर निगम क्षेत्र में लागू किए जाने का प्रयास है। इस व्यवस्था के तहत नगर निगम की ओर आम लोगों की जानकारी के लिए पत्रक जारी किया गया है।
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अलग-अलग निर्धारित की गई दरें..
पक्का भवन(100 वर्गगज से अधिक) त्र60
दुकान(100 वर्गगज से अधिक) त्र70
दुकान(100 वर्गगज से कम) त्र35
रेस्टोरेंट(50वर्ग मी तक) त्र300
रेस्टोरेंट(50वर्गमी से ज्यादा) त्र700
होटल 30 कमरे तक त्र500
होटल 30 कमरे से अधिक त्र1000
बैंक त्र200
सिनेमा हाल/कांप्लेक्स त्र500
नर्सिंगहोम व क्लीनिक-(मेडिकल वेस्ट के अतिरिक्त) त्र500
विवाह मंडप त्र2500
माल त्र5000
इन पांच स्थानों पर हुई शुरूआत
रामचंद्र दास परमहंस वार्ड
रामकोट
मीरापुर वार्ड
विभीषण कुंड वार्ड
मणिराम छावनी वार्ड
शहर की स्वच्छता और घरों से कूड़ा ले जाने के लिए अभी अयोध्या के पांच स्थानों पर इसकी शुरूआत कर दी गई है। इसके लिए शुल्क की दरें तय कर दी गई है। मार्च तक पूरे नगर निगम क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू हो जाने की संभावना है।- एमपी सिंह, नगर आयुक्त
पहले नगरपालिका नहीं लेती थी शुल्क
अयोध्या और फैजाबाद नगर पालिका को मिलाकर बनाए गए 60 वार्डों वाले अयोध्या नगर निगम से पहले भी घर-घर कूड़ा ले जाने के लिए वाहन कई मोहल्लों में चलाए जा रहे हैं। तब नगर पालिका इसका शुल्क नहीं लेती थी। अमृत योजना और स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के लिए घर-घर कूड़ा निस्तारण की सुविधा देने की योजना चलाई गई थी। इससे दर्जन भर वार्ड के लोग अब भी आच्छादित हैं, मगर निजी कंपनी को काम सौंपे जाने के बाद शुल्क की दरें आम लोग नया बोझ मान रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम को शुल्क वसूलने के बजाय सुविधा देनी चाहिए।
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फैजाबाद। नगर निगम अयोध्या ने घर-घर कूड़ा लेने की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी के हाथ में सौंपकर जनता पर शुल्क का बोझ डाला है। शहर में घरों-दुकानों, प्रतिष्ठानों आदि से कूड़ा ले जाने के लिए शुल्क की दरें तय कर दी गई है। भवन और प्रतिष्ठान मालिकों को एरिया के हिसाब से इसकी अदायगी करनी होगी। सबसे कम झोपड़ी व कच्चे मकान में रहने वाले गरीबों को जहां पांच रुपये प्रतिमाह देना होगा, वहीं विवाह मंडप को ढाई हजार और माल को पांच हजार रुपये देने होंगे। शुल्क न देने पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। पहले चरण में अयोध्या के पांच स्थानों पर इसकी शुरूआत की गई है।
नगर निगम अयोध्या में घर और प्रतिष्ठानों से कूड़ा ले जाने के लिए कियाना सॉल्यूशन एंड सर्र्विसेज प्रा.लि. को यह जिम्मेदारी दी गई है। व्यवस्था यह है कि कंपनी के वर्कर सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे के बीच घर-घर पहुंचकर कूड़ा ले जाएंगे। कोई भी व्यक्ति न तो कूड़े को सड़क पर फेंकेगा और न ही गली में फेंका जाएगा। ऐसा करने पर इसे दंडनीय अपराध बताया गया है। निगम प्रशासन ने कहा है कि घर के कूड़े को कूडे़दान में रखें। वर्कर दरवाजे पर पहुंचेगा तो सीटी बजाएगा। इससे घर के लोगों को जानकारी हो जाएगी और कूड़ा वर्कर को सीधे दे दिया जाएगा या फिर कूड़ेदान को दरवाजे पर रख देंगे तो वह उसे खाली कर लेगा।
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घर से कूड़ा ले जाने के लिए दरें तय कर दी गई हैं। कच्चे मकान में रहने वाले अन्त्योदय कार्डधारी को सबसे कम पांच रुपये हर महीने शुल्क देना होगा। जबकि माल को सबसे ज्यादा पांच हजार रुपये प्रतिमाह शुल्क अदा करना होगा। बीपीएल कार्डधारक परिवारों के लिए 15 रुपये महीने शुल्क देना होगा। चाय, पान, खोमचा, ठेला वालों को 60 रुपये महीने शुल्क देना होगा। आवासीय मकानों के क्षेत्रफल के हिसाब से रेट तय किए गए हैं तो होटल और धर्मशालाओं को उनमें कमरे के आधार पर। स्कूलों में बच्चों के आधार पर रेट तय किए गए हैं। इसी तरह कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों के साथ नर्सिंग होम और अस्पतालों के लिए रेट तय किए गए हैं। इनकी कई श्रेणी तय की गई है। हालांकि अभी यह व्यवस्था अयोध्या के आधा दर्जन क्षेत्रों में ही लागू की गई है लेकिन जल्दी ही इसे पूरे नगर निगम क्षेत्र में लागू किए जाने का प्रयास है। इस व्यवस्था के तहत नगर निगम की ओर आम लोगों की जानकारी के लिए पत्रक जारी किया गया है।
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अलग-अलग निर्धारित की गई दरें..
पक्का भवन(100 वर्गगज से अधिक) त्र60
दुकान(100 वर्गगज से अधिक) त्र70
दुकान(100 वर्गगज से कम) त्र35
रेस्टोरेंट(50वर्ग मी तक) त्र300
रेस्टोरेंट(50वर्गमी से ज्यादा) त्र700
होटल 30 कमरे तक त्र500
होटल 30 कमरे से अधिक त्र1000
बैंक त्र200
सिनेमा हाल/कांप्लेक्स त्र500
नर्सिंगहोम व क्लीनिक-(मेडिकल वेस्ट के अतिरिक्त) त्र500
विवाह मंडप त्र2500
माल त्र5000
इन पांच स्थानों पर हुई शुरूआत
रामचंद्र दास परमहंस वार्ड
रामकोट
मीरापुर वार्ड
विभीषण कुंड वार्ड
मणिराम छावनी वार्ड
शहर की स्वच्छता और घरों से कूड़ा ले जाने के लिए अभी अयोध्या के पांच स्थानों पर इसकी शुरूआत कर दी गई है। इसके लिए शुल्क की दरें तय कर दी गई है। मार्च तक पूरे नगर निगम क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू हो जाने की संभावना है।- एमपी सिंह, नगर आयुक्त
पहले नगरपालिका नहीं लेती थी शुल्क
अयोध्या और फैजाबाद नगर पालिका को मिलाकर बनाए गए 60 वार्डों वाले अयोध्या नगर निगम से पहले भी घर-घर कूड़ा ले जाने के लिए वाहन कई मोहल्लों में चलाए जा रहे हैं। तब नगर पालिका इसका शुल्क नहीं लेती थी। अमृत योजना और स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के लिए घर-घर कूड़ा निस्तारण की सुविधा देने की योजना चलाई गई थी। इससे दर्जन भर वार्ड के लोग अब भी आच्छादित हैं, मगर निजी कंपनी को काम सौंपे जाने के बाद शुल्क की दरें आम लोग नया बोझ मान रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम को शुल्क वसूलने के बजाय सुविधा देनी चाहिए।