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प्राचीन कुंडों के सुंदरीकरण के लिए 2.75 करोड़ स्वीकृत
Tue, 14 May 2019 10:59 PM IST
vivek vivek
अमर उजाला ब्यूरो
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Published by: vivek vivek
Updated Tue, 14 May 2019 10:59 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी की प्राचीनता एवं पौराणिकता की गवाह कुंडों की रौनक अब लौटेगी। लंबे समय से दुर्दशा का शिकार ऐतिहासिक कुंडों के कायाकल्प की उम्मीद प्रबल हो गई है।
नगर विधायक वेद गुप्ता द्वारा रामनगरी के 7 पौराणिक कुंडों के सुंदरीकरण के लिए भेजे गए 2.75 करोड़ के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृत कर दिया है। लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता खत्म होते ही धनावंटन होने के साथ इन कुंडों के कायाकल्प का काम शुरू हो जाएगा।
रामनगरी के पौराणिक महत्व वाले कुंडों एवं सागरों का सुंदरीकरण कराकर उन्हें भव्यता प्रदान करने की योजना धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। अयोध्या विधायक वेद गुप्ता द्वारा सात कुंडों के सुंदरीकरण के लिए शासन को जो प्रस्ताव भेजा गया था वह मंजूर हो गया है।
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बताते चलें कि राम नगरी की पहचान से जुड़े कुंड व सरोवर बदहाल पड़े हैं। अयोध्या में पौराणिक कुंडों व सागरों की लंबी शृंखलाएं धीरे-धीरे इतिहास बनती जा रहीं हैं। कई कुंडों का वजूद भी समाप्त हो चुका है तो तमाम कुंडों की भूमि पर भूमि माफिया द्वारा प्लाटिंग भी की गई है।
संत धर्माचार्यों द्वारा लगातार इन कुंडों के सुंदरीकरण व संरक्षण की मांग उठाई जाती रही है। यही नहीं एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा के बैनर तले संतों ने कुंडों के संरक्षण की मुहिम भी शुरू की थी।
लेकिन शासन व प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण यह मुहिम भी शांत हो गई। कुंडों के संरक्षण को लेकर संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई थी, जिसका परिणाम रहा कि कुंडों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव शासन ने मंजूर कर दिया है।
शास्त्रों में वर्णित है कुंडों की महत्ता
अयोध्या शोध संस्थान ने अपनी शासकीय पत्रिका साक्षी में राम नगरी के 26 कुंडों का उल्लेख किया है। इन सभी कुंडों का शास्त्रों में वर्णन मिलता है। इन सभी कुंडों की रामायण कालीन मान्यताएं भी है। जिन सात पौराणिक कुंडों के सुंदरीकरण के लिए धन स्वीकृत हुआ है, उनमें ब्रह्म कुंड, दशरथ कुंड, खजुवा कुंड, गिरिजा कुंड, वैतरणी कुंड, दंतधावन कुंड, एवं सीता कुंड शामिल है।
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नगर विधायक वेद गुप्ता द्वारा रामनगरी के 7 पौराणिक कुंडों के सुंदरीकरण के लिए भेजे गए 2.75 करोड़ के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृत कर दिया है। लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता खत्म होते ही धनावंटन होने के साथ इन कुंडों के कायाकल्प का काम शुरू हो जाएगा।
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रामनगरी के पौराणिक महत्व वाले कुंडों एवं सागरों का सुंदरीकरण कराकर उन्हें भव्यता प्रदान करने की योजना धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। अयोध्या विधायक वेद गुप्ता द्वारा सात कुंडों के सुंदरीकरण के लिए शासन को जो प्रस्ताव भेजा गया था वह मंजूर हो गया है।
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बताते चलें कि राम नगरी की पहचान से जुड़े कुंड व सरोवर बदहाल पड़े हैं। अयोध्या में पौराणिक कुंडों व सागरों की लंबी शृंखलाएं धीरे-धीरे इतिहास बनती जा रहीं हैं। कई कुंडों का वजूद भी समाप्त हो चुका है तो तमाम कुंडों की भूमि पर भूमि माफिया द्वारा प्लाटिंग भी की गई है।
संत धर्माचार्यों द्वारा लगातार इन कुंडों के सुंदरीकरण व संरक्षण की मांग उठाई जाती रही है। यही नहीं एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा के बैनर तले संतों ने कुंडों के संरक्षण की मुहिम भी शुरू की थी।
लेकिन शासन व प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण यह मुहिम भी शांत हो गई। कुंडों के संरक्षण को लेकर संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई थी, जिसका परिणाम रहा कि कुंडों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव शासन ने मंजूर कर दिया है।
शास्त्रों में वर्णित है कुंडों की महत्ता
अयोध्या शोध संस्थान ने अपनी शासकीय पत्रिका साक्षी में राम नगरी के 26 कुंडों का उल्लेख किया है। इन सभी कुंडों का शास्त्रों में वर्णन मिलता है। इन सभी कुंडों की रामायण कालीन मान्यताएं भी है। जिन सात पौराणिक कुंडों के सुंदरीकरण के लिए धन स्वीकृत हुआ है, उनमें ब्रह्म कुंड, दशरथ कुंड, खजुवा कुंड, गिरिजा कुंड, वैतरणी कुंड, दंतधावन कुंड, एवं सीता कुंड शामिल है।