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हेलीकाप्टर से वनवासी वेश में आएंगें भगवान राम-सीता
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:50 PM IST
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हेलीकॉप्टर से वनवासी की वेशभूषा में आएंगे राम-सीता
अयोध्या। दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए शासन-प्रशासन के साथ रामनगरी भी पूरी शिद्दत से जुट गई है। अयोध्या को इस तरह सजाया व सवांरा जा रहा है जिस प्रकार त्रेतायुग में भगवान राम के अयोध्या वापस आने पर स्वागत हुआ था। इस बार भगवान राम, सीता व लक्ष्मण वनवासी वेशभूषा में हेलीकॉप्टर से अयोध्या में उतरेंगे।
यहां गुरू वशिष्ठ के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल रामनाईक उनकी अगुवानी करेंगे। राज्य अभिषेक समारोह होगा। संत-धर्माचार्य भी इस आयोजन को उत्सव का रूप देने की तैयारी में हैं। रामनगरी की सड़कों को चमकाने का काम तेजी से किया जा रहा है। भगवान राम के सिंहासन पर आरूढ़ होने पर सर्वप्रथम गुरु वशिष्ठ जी ने भगवान का तिलक किया था।
उसी प्रतीक स्वरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान का तिलक करेंगे। उनके स्वागत को वानर सेना सहित प्रदेश सरकार की कैबिनेट मौजूूूूद रहेगी। साकेत महाविद्यालय से राम की पैड़ी व रामकथा पार्क से सरयू तट को भव्य रूप में सजाया संवारा जा रहा है। राम की पैड़ी परिसर के मंदिरों को एक रंग में रंगने का काम तेजी से चल रहा है।
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भगवान राम के अयोध्या आने के खुशी में तीन लाख दीपों से आसमां रोशन होगा, आतिशबाजी होगी। जगह-जगह दीवारों पर अंकित रामायणकालीन प्रसंग, दृश्य व चौपाईयां त्रेतायुग की अहसास कराऐंगे। भव्य स्वागत द्वार, अयोध्या के राजसी अंदाज को बयां करते प्रतीत होंगे। राम की पैड़ी परिसर में अवध विश्वविद्यालय का कला विभाग नौ रंगोली बनाएगा। रंगोली के माध्यम से अवध की संस्कृति प्रस्तुत की जाएगी।
इस वर्ष भगवान राम-सीता, लक्ष्मण के चयन के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 4 नवंबर को होने वाली प्रतियोगिता से भगवान राम-सीता व लक्ष्मण का चयन किया जाएगा। दीपोत्सव आयोजन से जुड़े अयोध्या विश्वविद्यालय के आशीष मिश्र ने बताया कि 4 नवंबर को राम की पैड़ी पर राम सीता स्वरूपों के 100 जोड़ों की प्रतियोगिता कराई जाएगी।
प्रतियोगिता में चुने गए राम-सीता स्वरूपों में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले हर जोड़े को क्रमश: 51 हजार, 31 हजार व 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं पांच अन्य जोड़ों को दो-दो हजार सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। पहला पुरस्कार पाने वाले राम सीता वनवासी वेश भी हेलीकॉप्टर से उतरेंगे। वहीं बाकी दो राम-सीता स्वरूपों का मंच पर राजसी वेश में राज्याभिषेक किया जाएगा।
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अयोध्या। दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए शासन-प्रशासन के साथ रामनगरी भी पूरी शिद्दत से जुट गई है। अयोध्या को इस तरह सजाया व सवांरा जा रहा है जिस प्रकार त्रेतायुग में भगवान राम के अयोध्या वापस आने पर स्वागत हुआ था। इस बार भगवान राम, सीता व लक्ष्मण वनवासी वेशभूषा में हेलीकॉप्टर से अयोध्या में उतरेंगे।
यहां गुरू वशिष्ठ के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल रामनाईक उनकी अगुवानी करेंगे। राज्य अभिषेक समारोह होगा। संत-धर्माचार्य भी इस आयोजन को उत्सव का रूप देने की तैयारी में हैं। रामनगरी की सड़कों को चमकाने का काम तेजी से किया जा रहा है। भगवान राम के सिंहासन पर आरूढ़ होने पर सर्वप्रथम गुरु वशिष्ठ जी ने भगवान का तिलक किया था।
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उसी प्रतीक स्वरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान का तिलक करेंगे। उनके स्वागत को वानर सेना सहित प्रदेश सरकार की कैबिनेट मौजूूूूद रहेगी। साकेत महाविद्यालय से राम की पैड़ी व रामकथा पार्क से सरयू तट को भव्य रूप में सजाया संवारा जा रहा है। राम की पैड़ी परिसर के मंदिरों को एक रंग में रंगने का काम तेजी से चल रहा है।
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भगवान राम के अयोध्या आने के खुशी में तीन लाख दीपों से आसमां रोशन होगा, आतिशबाजी होगी। जगह-जगह दीवारों पर अंकित रामायणकालीन प्रसंग, दृश्य व चौपाईयां त्रेतायुग की अहसास कराऐंगे। भव्य स्वागत द्वार, अयोध्या के राजसी अंदाज को बयां करते प्रतीत होंगे। राम की पैड़ी परिसर में अवध विश्वविद्यालय का कला विभाग नौ रंगोली बनाएगा। रंगोली के माध्यम से अवध की संस्कृति प्रस्तुत की जाएगी।
इस वर्ष भगवान राम-सीता, लक्ष्मण के चयन के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 4 नवंबर को होने वाली प्रतियोगिता से भगवान राम-सीता व लक्ष्मण का चयन किया जाएगा। दीपोत्सव आयोजन से जुड़े अयोध्या विश्वविद्यालय के आशीष मिश्र ने बताया कि 4 नवंबर को राम की पैड़ी पर राम सीता स्वरूपों के 100 जोड़ों की प्रतियोगिता कराई जाएगी।
प्रतियोगिता में चुने गए राम-सीता स्वरूपों में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले हर जोड़े को क्रमश: 51 हजार, 31 हजार व 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं पांच अन्य जोड़ों को दो-दो हजार सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। पहला पुरस्कार पाने वाले राम सीता वनवासी वेश भी हेलीकॉप्टर से उतरेंगे। वहीं बाकी दो राम-सीता स्वरूपों का मंच पर राजसी वेश में राज्याभिषेक किया जाएगा।