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अब आसान नहीं नन्हें-मुन्नों के पोषाहार में गड़बड़ी

Thu, 17 May 2018 12:20 AM IST
Updated Thu, 17 May 2018 12:20 AM IST
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अब आसान नहीं नन्हें-मुन्नों के पोषाहार में गड़बड़ी
अब आसान नहीं नन्हें-मुन्नों के पोषाहार में गड़बड़ी
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फैजाबाद। बाल विकास विभाग में बच्चों के पोषाहार को वितरित न करके गड़बड़ी कर पाना अब आसान नहीं होगा। पोषाहार के पैकेट कहीं भी पकडे़ गए तो यह बात पता चल जाएगी कि यह पैकेट किस आंगनबाड़ी केंद्र के लिए आवंटित है। यह सब होगा पहली बार लागू हो रहे पोषाहर वितरण की नई व्यवस्था बारकोडिंग और स्मार्ट इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम से। विभाग ने इसके लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए गए है। मंडल को अनुपूरक पोषाहार वितरण के लिए आवंटन भी जारी कर दिया गया है। इसकी पहली खेप शीघ्र ही पहुंचने वाली है।
प्रदेश शासन ने अंब्रेला आईसीडीएस और किशोरी बालिका कार्यक्रम के तहत पोषाहार की नई व्यवस्था लागू है। इसमें न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों पर बंटने वाली पंजीरी के स्थान पर नमकीन और मीठी दलिया के साथ ही प्री मिक्स लड्डू का मीनू तय किया है। बल्कि बच्चों के पोषाहार पर टेढ़ी नजर करके हड़पने पर भी विराम लगाने की कोशिश की गई है। इसके लिए वितरण व्यवस्था के सुराख पर पैबंद लगाने के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिया गया है। नई व्यवस्था में वीनिंग फूड्स, मीठा और नमकीन दलिया के साथ प्रीमिक्स लड्डू बैग्स के रुप में आपूर्ति किए जाएंगे। यह बैग्स 50 किलो के होंगे। इन पर आपूर्ति करने वाली फर्म से ही बार कोडिंग कर दी जाएगी। इसके बाद कंपनी ही इसको जिले के विभिन्न परियोजना के गोदाम तक पहुंचाएगी। खास बात यह है कि परियोजना के गोदाम से निकलने के समय यहां प्रत्येक पैकेट पर बनाए गए बार कोड के नंबर को स्टाक रजिस्टर पर अंकित किया जाएगा। फिर कंपनी के लोग ही इसे आंगनबाड़ी केंद्रों तक आपूर्ति करेंगे। बार कोड परियोजना कार्यालय के रजिस्टर में अंकित होने से यह पता रहेगा कि किस आंगनबाड़ी केंद्र को कौन से पैकेट की आपूर्ति की गई है। यदि वह पैकेट किसी दूसरे के हाथ दे दी जाती है या फिर धांधली की जाती है तो पकड़े जाने पर तुरंत यह जानकारी हो जाएगी कि यह किस केंद्र का पोषाहार है। यही इतना नहीं विभाग इसके लिए न केवल बारकोडिंग करा रहा है बल्कि स्मार्ट इन्वेट्री मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए तत्काल इसे ऑनलाइन कर दिया जाएगा। हालांकि अभी सभी परियोजनाओं पर कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं है लेकिन जल्द ही इसकी व्यवस्था भी किए जाने की तैयारी है। जानकारों का कहना है कि पंजारी जैसे पोषाहार को लेकर उठने वाले सवाल भी समाप्त होंगे। नए मीनू के पोषाहार ज्यादा पौष्टिक बताया जा रहा है। इससे भी इसके दुरुपयोग पर विराम लगेगा।
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इनसेट...
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि नए मीनू के अनुसार अनुपूरक पोषाहार के आपूर्ति का आदेश प्राप्त हो गया है। जल्दी ही इसकी आपूर्ति होगी। इस बार पहली बार वितरण की व्यवस्था बार कोडिंग और स्मार्ट इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इससे पोषाहार के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
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इनसेट...
-अब योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य के लिए न केवल नन्हें मुन्नों को ही यह अनुपूरक पोषाहार दिया जाएगा बल्कि गर्भवती महिलाओं और 10 से 14 साल की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं को भी पोषाहार वितरित किया जाएगा।

इनसेट...
कोटा और नई दिल्ली की फर्में करेंगी पोषाहार आपूर्ति
-प्रदेश में पोषाहर की आपूर्ति मंडलवार अलग-अलग फर्मे आपूर्ति करेंगी। फैजाबाद मंडल के जिलों के लिए कोटा दाल मिल कोटा राजस्थान और सुरुचि फूड्स प्राइवेट लिमिटिेड नई दिल्ली से अनुबंध किया गया है। कोटा से 2603 एमटी तो सुरुचि से 647 एमटी पोषाहार की आपूर्ति प्रतिमाह की जाएगी।
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