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खेती व गोपालन के लिए नकद मदद देकर कमाऊ पूत बन गई मोदी सरकार

Sat, 02 Feb 2019 12:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:49 AM IST
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खेती व गोपालन के लिए नकद मदद देकर कमाऊ पूत बन गई मोदी सरकार
जिले के 3.16 लाख किसानों की बल्ले-बल्ले
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अयोध्या। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी अंतरिम बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जिससे जिले के 3 लाख 16 हजार 191 किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई।

दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये मिलेंगे। साथ ही गो पालन पर भी नकदी मिलेगी। ये राशि सीधे किसानों के खाते में आएगी।

आयकर टैक्स लिमिट को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख करने के साथ स्टैंडर्ड डिडेक्शन 50 हजार करने और इन्वेस्टमेट डेढ़ लाख तक करने की छूट से नौकरीपेशा को मुंह मांगी मुराद मिल गई है।
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कामगार तबका भी राहत के पिटारे से काफी खुश है। आर्थिक जानकार बेरोजगारी और गरीबी पर ध्यान न देने से असंतुष्ट होते हुए भी सरकार की सराहना कर रहे हैं।

उनका कहना है कि जो भी सरकार आएगी कम से कम किसान, नौकरीपेशा और मजदूर वर्ग को मिली राहत में कटौती की हिम्मत नहीं कर पाएगी।

मोहतसिमपुर के किसान बृज बिहारी पांडेय ने कहा कि सरकार के इस फैसले से छोटे किसानों को लाभ मिलेगा और उनके लिए यह संजीवनी साबित होगा।

करमा कोडऱी के दूधनाथ यादव ने कहा कि कभी-कभी धान, गेहूं बोने के लिए पैसा नहीं रहता है तो साहूकारों का दरवाजा देखना पड़ता है, इससे निजात मिलेगी। महेशपुर के माताप्रसाद वर्मा कहते हैं कि छोटे किसान अक्सर आर्थिक संकट में रहते हैं।
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सरकार के इस फैसले से खेती-किसानी अच्छी तरह से हो पाएगी। अलावलपुर के रामतेज यादव ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने किसानों के हित में इतना बड़ा फैसला लिया है।

पूराबाजार के किसान अशोक कुमार यादव, मनीराम राजभर, प्रदीप कुमार, रामसंवारे, अनिल कुमार, राममूरत व रमेश सिंह ने सरकार के इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा कि लघु व सीमांत किसान आर्थिक तंगी की वजह से समय से खेतों की बोवाई नहीं कर सकते हैं।

साथ ही समय से खाद, बीज व सिंचाई भी धनाभाव में नहीं कर पाते हैं। छह हजार रुपये से किसानों की इस समस्या से निजात मिलेगी और किसानों की आय दोगुनी होने का रास्ता साफ होगा।

केंद्रीय बजट में अंतिम समय में सरकार ने आंगनबाड़ी व आशा बहुओं को भी सौगात दी है। सरकार के फैसले से 2378 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व 2240 आशा बहुओं को लाभ मिलने के आसार हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार के इस निर्णय को सराहते हुए खुशी जाहिर की है। आशा बहू संगठन इस फैसले से पूर्ण खुश नजर नहीं आ रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अब तक चार हजार रुपये मानदेय मिलता था।

सरकार ने इसे बढ़ाकर 5500 कर दिया था। अब आम बजट में इस मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी से और सहूलियत मिलने के आसार हैं। आंगनबाड़ी बहादुरगंज सरोज तिवारी ने कहा कि 15 हजार रुपये मानदेय के लिए हम लोगों ने आंदोलन चलाया था।

फिर भी जो बढ़ोत्तरी हुई है स्वागत योग्य है। हौसिलानगर की आराधना गौतम ने कहा कि इस वृद्धि से हम कुछ सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। आशा बहुओं ने बजट पर असंतोष जताया है।

आशा बहू संघ के जिला संरक्षक दिनेश कुमार ने कहा कि पूर्व में भी मानदेय में वृद्धि हुई है, लेकिन सिर्फ तीन मदों में ही लागू किया गया है। इस बढ़ोत्तरी से हम संतुष्ट नहीं हैं।


जिलाध्यक्ष माया पांडेय व जिला सचिव सुमन देवी ने कहा कि हमें टुकड़ों में मानदेय में वृद्धि नहीं चाहिए। अभी तक लगभग सभी मदों में 26 सौ रुपए तक मिल रहा है, इससे गुजारा दूभर है। हमें एकमुश्त मानदेय चाहिए, इसके लिए आंदोलन भी करेंगे।

फैक्ट फाइल
जिले में किसानों की संख्या 3,41,238
जिले में सीमांत किसान 2,80,941
जिले में लघु किसान 35250
जिले में केसीसीधारी किसान 118640
जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 2378
जिले में आशा बहू 2240
जिले में कुल कर्मचारियों की संख्या 22000
जिले में जीएसटी में पंजीकृत व्यवसायी 10430
जिले में सीमांत कर्मकारों की संख्या 334630
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