{"_id":"59f371924f1c1b8e698b7e6d","slug":"161509126546-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय के शोध में मदद करेगा एनबीआरआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय के शोध में मदद करेगा एनबीआरआई
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के शोध में मदद करेगा एनबीआरआई
फैजाबाद। डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के नेतृृत्व में राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान के साथ एमओयू संपादित किया। एनबीआरआई के 64वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर कुलपति और एनबीआरआई लखनऊ के निदेशक प्रो. एसके बारीक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि अब दोनो संस्थान मिलकर वैज्ञानिक एवं शोध कार्यों को गति प्रदान करेंगे। दोनों संस्थानों से जुड़े हुए शोधार्थियों को शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इससे पहले आईआईटीआर व केजीएमयू लखनऊ की प्रयोगशालाओं से अनुबंध कर लिया है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जसवंत सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
फैजाबाद। डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के नेतृृत्व में राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान के साथ एमओयू संपादित किया। एनबीआरआई के 64वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर कुलपति और एनबीआरआई लखनऊ के निदेशक प्रो. एसके बारीक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि अब दोनो संस्थान मिलकर वैज्ञानिक एवं शोध कार्यों को गति प्रदान करेंगे। दोनों संस्थानों से जुड़े हुए शोधार्थियों को शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इससे पहले आईआईटीआर व केजीएमयू लखनऊ की प्रयोगशालाओं से अनुबंध कर लिया है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जसवंत सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन