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Ayodhya News: राम मंदिर के प्रसाद को मिला भोग प्रमाणपत्र
Sun, 11 Oct 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 11 Oct 2026 12:09 AM IST
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41- राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव को प्रमाण पत्र सौंपते एफएसएसएआई के सीईओ- ट्रस्ट
अयोध्या। रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को अब आधिकारिक मान्यता मिल गई है। राम मंदिर में तैयार होने वाले भोग प्रसाद को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ‘भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है। शनिवार को अयोध्या पहुंचे एफएसएसएआई के सीईओ राजित पुनहानी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास और ट्रस्टी कृष्ण मोहन को प्रमाणपत्र सौंपा।
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही श्रद्धालुओं को प्रसाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पहले रामलला का प्रसाद बाहर से तैयार होकर आता था। इस कारण मंदिर की रसोई को ‘भोग’ प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब रामलला की अपनी रसोई तैयार होने और वहीं प्रसाद बनाए जाने के बाद प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की गई।
सहायक खाद्य आयुक्त देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि ‘भोग’ प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए मंदिर की रसोई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। कर्मचारियों की मेडिकल जांच कराने के साथ ही भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता, पैक्ड खाद्य सामग्री की शुद्धता और प्रसाद तैयार करने की प्रक्रिया के मानकों का ध्यान रखा गया।
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n क्या है ‘भोग’ प्रमाणपत्र : ‘भोग’ का पूरा नाम ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड है। यह एफएसएसएआई की एक पहल है, जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर भगवान को अर्पित किए जाने वाले और श्रद्धालुओं को वितरित होने वाले प्रसाद की स्वच्छता व गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। यह पहल ईट राइट इंडिया अभियान का हिस्सा है।
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राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही श्रद्धालुओं को प्रसाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पहले रामलला का प्रसाद बाहर से तैयार होकर आता था। इस कारण मंदिर की रसोई को ‘भोग’ प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब रामलला की अपनी रसोई तैयार होने और वहीं प्रसाद बनाए जाने के बाद प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की गई।
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सहायक खाद्य आयुक्त देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि ‘भोग’ प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए मंदिर की रसोई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। कर्मचारियों की मेडिकल जांच कराने के साथ ही भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता, पैक्ड खाद्य सामग्री की शुद्धता और प्रसाद तैयार करने की प्रक्रिया के मानकों का ध्यान रखा गया।
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n क्या है ‘भोग’ प्रमाणपत्र : ‘भोग’ का पूरा नाम ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड है। यह एफएसएसएआई की एक पहल है, जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर भगवान को अर्पित किए जाने वाले और श्रद्धालुओं को वितरित होने वाले प्रसाद की स्वच्छता व गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। यह पहल ईट राइट इंडिया अभियान का हिस्सा है।