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अब योगी सरकार हाईकोर्ट में करे अपील, दिलाए फांसी

Wed, 19 Jun 2019 12:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2019 12:48 AM IST
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अब योगी सरकार हाईकोर्ट में करे अपील, दिलाए फांसी
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि पर हमला करने के गुनहगारों को फांसी से कम सजा मिलने पर अयोध्यावासी निराश हैं। जिन परिवारों ने तीन जानें गंवाई वे कहते हैं कि उन्हें तभी संतोष मिलेगा जब पांचों को मौत की सजा मिलेगी। संत-धर्माचार्य भी फैसले से खुश नहीं हैं।
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कहते हैं कि पिछली सरकारों की लचर पैरवी ने आतंकवादियों को फांसी से बचा लिया है। अब योगी सरकार मामले में हाईकोर्ट में अपील करके न्याय दिलाए।


हमला करने का हिम्मत दिखाने वालों के खिलाफ सरकार से कड़ा संदेश देने की मांग की। कहते हैं कि इतने बड़े आतंकी हमले की सुनवाई में करीब 15 साल का वक्त लगना अपने आप में सवाल खड़े करता है, ऊपर से पांच आतंकियों में चार को उम्रकैद व एक को बरी करना लचर पैरवी की मिसाल है।
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बताते चलें कि 5 जुलाई 2005 को हुए आतंकी हमले में लश्कर के पांच फिदायीन आतंकियों ने विवादित परिसर के पास विस्फोटक लदी जीप से धमाका कर परिसर की सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को उड़ा दिया था।
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इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग व ग्रेनेड फेंकते हुए विवादित परिसर के अंदर दाखिल हुए थे। उनका मकसद श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को क्षति पहुंचाना था।


मगर, घंटे भर से अधिक समय तक सुरक्षा बलों से चली मुठभेड़ में पांचों आतंकी मारे गये। घटना की जांच कर रही पुलिस ने मारे गये आरोपियों के पास से मिले मोबाइल सिम के जरिए इनसे संपर्क में रहने वाले आशिफ इकबाल, डॉ. इरफान, मो. शकील , मो. नसीम व अजीज को गिरफ्तार किया था।



इन पर पुलिस ने धारा 147,148,148, 295, 307, 302, 353, 153, 153ए, 153बी, 120बी, 7 सीएलए एक्ट जैसी धाराएं लगाईं थीं।


फैजाबाद कचहरी में वकीलों के विरोध के कारण हाईकोर्ट के आदेश पर 2006 में आरोपियों को नैनी जेल में शिफ्ट करते हुए सुनवाई के लिए विशेष कोर्ट बनाई गई।


मंगलवार को विशेष जज दिनेश चंद्र ने चार आरोपियों आशिफ इकबाल, डॉ. इरफान, मो. शकील, मो. नसीम को उम्रकैद कती सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार का जुर्माना लगाया। जबकि साक्ष्य के अभाव में मोहम्मद अजीज को बरी कर दिया गया।
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