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जर्जर मंदिर की दीवार ढही, दुर्घटना टली
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अयोध्या। प्रमोदवन मार्ग पर स्थित जर्जर मंदिर छोटी कुटिया की दीवार शनिवार की देर रात अचानक ढह गई और मलबा सड़क पर फैल गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
छोटी कुटिया मंदिर रामनगरी के जर्जर मंदिरों की सूची में शामिल है। नगर निगम द्वारा शहर के करीब 170 जर्जर मठ-मंदिरों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस बहुत पहले ही भेजी जा चुकी है।
नोटिस में भू स्वामियों से अपील की गई है कि वे अपने जर्जर भवन को स्वंय ढहा लें नहीं तो प्रशासन उन्हें गिरवाएगा। नोटिस के बाद तमाम मठ-मंदिर स्वामियों ने अपने जर्जर भवन/मंदिर की मरम्मत करा ली है लेकिन अधिकांश जर्जर भवन अभी भी खड़े हैं जिनसे हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
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छोटी कुटिया मंदिर को भी जर्जर भवनों की सूची में शामिल किया गया है। मंदिर के महंत रामक़ृष्ण दास ने बताया कि इससे पहले भी मंदिर के आगे के हिस्सा दो बार ढह चुका है।
शनिवार देर रात एक बार फिर एक हिस्सा ढह गया, जिसका मलबा सीधे मुख्य मार्ग पर गिरा। उन्होंने बताया कि वह कई बार जर्जर भवन को ढहाने के लिए नगर निगम सहित अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।
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छोटी कुटिया मंदिर रामनगरी के जर्जर मंदिरों की सूची में शामिल है। नगर निगम द्वारा शहर के करीब 170 जर्जर मठ-मंदिरों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस बहुत पहले ही भेजी जा चुकी है।
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नोटिस में भू स्वामियों से अपील की गई है कि वे अपने जर्जर भवन को स्वंय ढहा लें नहीं तो प्रशासन उन्हें गिरवाएगा। नोटिस के बाद तमाम मठ-मंदिर स्वामियों ने अपने जर्जर भवन/मंदिर की मरम्मत करा ली है लेकिन अधिकांश जर्जर भवन अभी भी खड़े हैं जिनसे हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
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छोटी कुटिया मंदिर को भी जर्जर भवनों की सूची में शामिल किया गया है। मंदिर के महंत रामक़ृष्ण दास ने बताया कि इससे पहले भी मंदिर के आगे के हिस्सा दो बार ढह चुका है।
शनिवार देर रात एक बार फिर एक हिस्सा ढह गया, जिसका मलबा सीधे मुख्य मार्ग पर गिरा। उन्होंने बताया कि वह कई बार जर्जर भवन को ढहाने के लिए नगर निगम सहित अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।